कैबिनेट बैठक में अहम फैसले

कैबिनेट बैठक में अहम फैसले : मध्यप्रदेश के विकास के लिए 38 हजार 555 करोड़ रुपये स्वीकृत

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कैबिनेट बैठक में अहम फैसले : मध्यप्रदेश के विकास के लिए 38 हजार 555 करोड़ रुपये स्वीकृत

एजेंसी, भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य की प्रगति और जनहित के कार्यों को गति देने के लिए एक बहुत बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडलीय बैठक में कुल 38 हजार 555 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को मंजूरी दी गई है। इस बड़ी राशि का उपयोग राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, खेती-किसानी को बढ़ावा देने और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने कारोबारियों के हितों की रक्षा के लिए राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड बनाने का भी एक बड़ा फैसला लिया है। आगामी पांच सालों यानी साल 2026 से 2031 तक की अवधि में इस बजट से सड़कों का जाल बिछाया जाएगा, गांवों के रास्तों को सुधारा जाएगा, सरकारी मकानों की मरम्मत होगी और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा।

दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा प्रदेश

मध्यप्रदेश को दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए मंत्रिमंडलीय समिति ने एक विशेष अभियान को अगले पांच सालों तक जारी रखने की अनुमति दी है। इसके लिए 2442 करोड़ 4 लाख रुपये का बजट तय किया गया है। इस पूरे अभियान की जिम्मेदारी किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग को सौंपी गई है। केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य में दालों की खेती का रकबा बढ़ाना, पैदावार में बढ़ोतरी करना और किसानों को मौसम के अनुकूल उन्नत बीज उपलब्ध कराना है। इसके तहत किसानों को आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, नए बीज बांटे जाएंगे और फसल कटने के बाद उनके रख-रखाव, भंडारण और पैकेजिंग के लिए आधुनिक केंद्र बनाए जाएंगे जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी।

सड़कों के जाल और सरकारी आवासों के लिए भारी आवंटन

राज्य में आवागमन को सुगम बनाने और बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए लोक निर्माण विभाग को 32 हजार 405 करोड़ रुपये की बड़ी राशि दी गई है। इसमें से 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 के बीच सड़कों और पुलों की मरम्मत तथा रख-रखाव के लिए 6 हजार 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। छोटे और मध्यम श्रेणी के सरकारी मकानों की देखरेख के लिए 1 हजार 345 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों और जिला मार्गों के विकास के लिए 24 हजार 300 करोड़ रुपये और सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों के लिए 610 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।

सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा

विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र को आधुनिक बनाने तथा नई तकनीकों के संचालन के लिए सरकार ने 1295 करोड़ 52 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। इसके तहत जिला और राज्य स्तर के सूचना केंद्रों को अगले पांच सालों तक सुचारू रूप से चलाने के लिए 244 करोड़ 20 लाख रुपये दिए जाएंगे। सरकारी कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक और डिजिटल कामकाज सिखाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा। सरकार भोपाल के बांदीखेड़ी में लगभग 209 एकड़ जमीन पर एक बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर स्थापित करने जा रही है, जिसके लिए 225 करोड़ 32 लाख रुपये मंजूर हुए हैं। निजी क्षेत्र की मदद से राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 300 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं, जिससे नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही राज्य के सभी सरकारी दफ्तरों को आपस में जोड़ने वाले नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 526 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

आंगनवाड़ी केंद्रों का कायाकल्प और बच्चों की सुरक्षा

महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत राज्य में बच्चों और माताओं की सुविधा के लिए लगभग 2412 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी मिली है। इसके तहत राज्य में 1500 नए आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण किया जाएगा और अधूरे पड़े भवनों को पूरा किया जाएगा, जिसके लिए 1800 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके साथ ही बच्चों की देखरेख, उनके संरक्षण और शिक्षा के लिए चल रहे ‘मिशन वात्सल्य’ के लिए 606 करोड़ 68 लाख रुपये और आंगनवाड़ियों में स्वच्छता अभियान के लिए 5 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इस योजना के माध्यम से बेसहारा और जरूरतमंद बच्चों को रहने की जगह, भोजन, शिक्षा और कानूनी संरक्षण देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।

व्यापारियों के कल्याण के लिए ऐतिहासिक बोर्ड का गठन

कारोबारियों और दुकानदारों की समस्याओं को जल्दी सुलझाने और उनके विकास के लिए सरकार ने ‘राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड’ और जिला स्तर पर विशेष समितियों के गठन को हरी झंडी दे दी है। इस बोर्ड के अध्यक्ष खुद मुख्यमंत्री होंगे और औद्योगिक तथा लघु उद्योग मंत्री इसके सदस्य रहेंगे। इस बोर्ड में सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों जैसे वित्त, कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा और पर्यटन के बड़े अधिकारियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा रिजर्व बैंक, नाबार्ड और देश के बड़े व्यापारिक संगठनों के प्रमुखों को भी इसका सदस्य बनाया गया है। यह बोर्ड हर तीन महीने में एक बार बैठक करेगा, जबकि जिला स्तरीय समितियां हर महीने बैठक करके व्यापारियों की दिक्कतों को दूर करेंगी, जिससे राज्य के व्यापार और अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।

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