इंदौर को मिलेंगे नए फ्लाईओवर और सड़कें, विकास को रफ्तार देने पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ यादव
एजेंसी, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर के एक विशेष समारोह में हिस्सा लेते हुए साफ किया कि राज्य सरकार पूरे प्रदेश की उन्नति के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रही है। उन्होंने इंदौर नगर निगम के कामों की तारीफ करते हुए कहा कि साफ-सफाई और जनहित की योजनाओं में इस शहर ने पूरे देश में अपना एक अलग मुकाम बनाया है। प्रधानमंत्री आवास और रेहड़ी-पटरी वालों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं में इंदौर का काम सराहनीय रहा है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के पिछले बारह वर्षों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि देश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर नए चिकित्सा महाविद्यालय खोले गए हैं। वर्तमान में प्रदेश के सभी पचपन जिलों में पढ़ाई, दवाई, पक्की सड़कों और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए एक सोची-समझी रणनीति के तहत काम किया जा रहा है ताकि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी इसका फायदा मिल सके।
सड़कों और सीवर व्यवस्था के लिए करोड़ों की सौगात
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इंदौर के वार्ड सैंतीस के अंतर्गत आने वाले तुलसी नगर से निपानिया क्षेत्र तक बनने वाली नई सड़क और सीवर नेटवर्क का शिलान्यास किया। इस पूरी परियोजना पर लगभग सोलह करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें से करीब सवा तेरह करोड़ रुपये चमचमाती सीमेंट की सड़क बनाने और ढाई करोड़ से ज्यादा की रकम सीवर पाइपलाइन बिछाने में इस्तेमाल होगी। करीब एक किलोमीटर से ज्यादा लंबी इस सड़क की चौड़ाई तीस मीटर होगी। इसके बनने से तुलसी नगर, महालक्ष्मी नगर और आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले हजारों नागरिकों को आने-जाने में बड़ी राहत मिलेगी। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम से हुई और इसके बाद इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
इंदौर को मिले नए फ्लाईओवर और संपर्क मार्ग
मुख्यमंत्री ने शहरवासियों को बड़ी खुशखबरी देते हुए कनाड़िया मार्ग से खजराना मार्ग तक चौदह सौ मीटर की एक नई संपर्क सड़क बनाने का ऐलान किया। इसके साथ ही यातायात के दबाव को कम करने के लिए पूर्वी रिंग रोड से रोबोट चौराहे तक एक भव्य छह लेन का फ्लाईओवर बनाने की घोषणा भी की गई, जिस पर लगभग पचास करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि बिना अनुमति बनी कॉलोनियों को कानूनी रूप से वैध करने के लिए सरकार जल्द ही कड़े कदम उठाएगी।
जरूरतमंदों को मिली आर्थिक मदद
इस भव्य आयोजन के मंच से मुख्यमंत्री ने रेहड़ी-पटरी वालों की आत्मनिर्भरता योजना के तहत दो लाभार्थियों, राहुल मरमट और जगदीश उपाध्याय को पचास-पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता के तौर पर प्रतीकात्मक चेक सौंपे। इस खास मौके पर राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट सहित क्षेत्र के सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
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