ऑपरेशन सिंदूर

“अब कोई ठिकाना सुरक्षित नहीं”, ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारत का कड़ा संदेश, सेना बोली- दुश्मन जहां छिपेगा, वहीं मारेंगे

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एजेंसी, जयपुर। “अब कोई ठिकाना सुरक्षित नहीं” : भारत के चर्चित और बेहद सफल सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना ने आतंकवाद और सीमा पार की साजिशों को लेकर बेहद सख्त और स्पष्ट संदेश दिया है। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जिन आतंकवादी अड्डों को पिछले वर्ष तबाह किया गया था, अब उन्हें पाकिस्तान के अंदरूनी इलाकों में स्थानांतरित किया जा रहा है। लेकिन भारतीय सेनाओं ने साफ कर दिया है कि आतंकवादी चाहे कहीं भी छिप जाएं, अब कोई भी पनाहगाह सुरक्षित नहीं बची है।

जयपुर में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान थल सेना, वायु सेना और नौ सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने पहली बार विस्तार से ऑपरेशन सिंदूर के बाद की स्थिति और भारत की सैन्य तैयारी को लेकर जानकारी साझा की। अधिकारियों ने कहा कि यह केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की बदलती रणनीति और नए आत्मविश्वास का प्रतीक थी।

आतंकवादियों के ठिकाने अब पाकिस्तान के भीतर खिसकाए जा रहे

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना के संचालन महानिदेशक रहे लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि भारत की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद कई आतंकवादी ढांचे पूरी तरह नष्ट हो गए थे।

उन्होंने बताया कि अब खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिल रही है कि आतंकवादी संगठन अपने शिविरों और ठिकानों को पाकिस्तान के और अधिक भीतरी क्षेत्रों में ले जा रहे हैं ताकि भारतीय कार्रवाई से बचा जा सके।

लेकिन उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि भारतीय सेनाएं पहले ही साबित कर चुकी हैं कि वे सीमा पार सैकड़ों किलोमीटर अंदर तक हमला करने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को यह भ्रम नहीं पालना चाहिए कि स्थान बदलने से वे सुरक्षित हो जाएंगे।

“जहां चाहेंगे, वहीं करेंगे कार्रवाई”

लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि भारतीय सेनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश की सुरक्षा के खिलाफ काम करने वालों को कहीं भी छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि आतंकवादी संगठन अब पहले जैसी सुरक्षा महसूस नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि भारत की रणनीति पूरी तरह बदल चुकी है।

उनका कहना था कि सेना अब केवल जवाब देने की नीति पर नहीं बल्कि खतरे को उसके स्रोत तक जाकर खत्म करने की क्षमता पर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि अब कोई भी आतंकी अड्डा, प्रशिक्षण शिविर या सुरक्षित पनाहगाह भारतीय सेनाओं की पहुंच से बाहर नहीं है।

“एक नहीं, तीन मोर्चों पर भी लड़ने को तैयार”

कार्यक्रम के दौरान जब पाकिस्तान को कथित तौर पर चीन और तुर्की से मिल रही मदद को लेकर सवाल पूछा गया, तो सेना ने बेहद सख्त रुख अपनाया।

लेफ्टिनेंट जनरल घई ने कहा कि भारतीय सेनाएं इस बात की चिंता नहीं करतीं कि उन्हें एक दुश्मन से लड़ना है या कई मोर्चों पर एक साथ मुकाबला करना है। उन्होंने कहा कि भारतीय सैन्य ताकत लगातार आधुनिक हो रही है और हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान भारत की बढ़ती सामरिक क्षमता और आत्मविश्वास का संकेत है।

ऑपरेशन का मकसद पूरी तरह सफल रहा

नौ सेना के वरिष्ठ अधिकारी वाइस एडमिरल ए एन प्रमोद ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का सबसे बड़ा उद्देश्य आतंकवादी ढांचों को नष्ट करना था और सेना इस लक्ष्य को पूरी तरह हासिल करने में सफल रही।

उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के जरिए सीमा पार यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि भारत अब आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेगा।

उनके अनुसार भारत ने बेहद सटीक और प्रभावशाली कार्रवाई करते हुए उन सभी ठिकानों को निशाना बनाया जहां से भारत विरोधी गतिविधियां संचालित हो रही थीं।

“समर शेष है…”

ऑपरेशन सिंदूर के जारी रहने को लेकर पूछे गए सवाल पर अधिकारियों ने कहा कि यह केवल एक सैन्य अभियान नहीं बल्कि एक सतत रणनीति है।

वाइस एडमिरल प्रमोद ने प्रसिद्ध कवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियां सुनाते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि भारत अब हर उस ताकत के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगा जो देश की सुरक्षा को चुनौती देने की कोशिश करेगी।

सेना अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की नीति अब रक्षात्मक नहीं बल्कि निर्णायक जवाब देने की है।

दुष्यंत कुमार की पंक्तियों से दिया संदेश

लेफ्टिनेंट जनरल घई ने कवि दुष्यंत कुमार की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सेना का उद्देश्य केवल प्रतिक्रिया देना नहीं बल्कि हालात को बदलना है।

उन्होंने कहा कि हर आतंकी हमले का जवाब अब पहले से अधिक कठोर और दर्दनाक होगा। भारत अब किसी भी उकसावे को केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रखेगा।

उनका कहना था कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया कि भारत अब अपनी सुरक्षा नीति में बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है।

पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा

वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारी एयर वाइस मार्शल अवधेश भारती ने दावा किया कि ऑपरेशन के दौरान आतंकवादियों के नौ बड़े अड्डे तबाह किए गए।

उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की कई हवाई पट्टियों को नुकसान पहुंचाया गया और उसके कई लड़ाकू विमानों को मार गिराया गया।

भारती के अनुसार इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में आतंकवादी और पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। उन्होंने दावा किया कि भारतीय हमलों के बाद पाकिस्तान की सेना को पीछे हटना पड़ा और आखिरकार संघर्ष रोकने की मांग करनी पड़ी।

“भारत ने लक्ष्य हासिल होने के बाद ही रोकी कार्रवाई”

सेना अधिकारियों ने कहा कि भारत ने अपनी सैन्य कार्रवाई तब रोकी जब तय लक्ष्य पूरी तरह हासिल हो गए।

उनका कहना था कि भारतीय नेतृत्व ने सेना को जो जिम्मेदारी सौंपी थी, उसे पूरी सटीकता और रणनीतिक तैयारी के साथ पूरा किया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान भारत की सैन्य और राजनीतिक समन्वय क्षमता को दर्शाता है।

आधुनिक हथियारों से और मजबूत होगी सेना

एकीकृत रक्षा स्टाफ के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल जुबिन मिनवाला ने बताया कि अत्याधुनिक रक्षा प्रणाली की नई खेप जल्द भारत पहुंचने वाली है।

उन्होंने कहा कि स्वदेशी मिसाइल प्रणाली के विकास पर भी तेजी से काम चल रहा है ताकि भारत भविष्य की किसी भी चुनौती का और अधिक मजबूती से सामना कर सके।

उनके अनुसार देश में कई नई रक्षा तकनीकों और हथियार प्रणालियों पर काम जारी है, जिससे आने वाले वर्षों में भारतीय सेना की क्षमता और बढ़ेगी।

पाकिस्तान के दावों को सेना ने बताया झूठ

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने पाकिस्तान की ओर से किए गए उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया जिनमें भारत को नुकसान पहुंचाने की बातें कही गई थीं।

सेना अधिकारियों ने कहा कि युद्ध केवल बयानबाजी और झूठे प्रचार से नहीं जीते जाते। उन्होंने कहा कि भारत ने अपने हर दावे के समर्थन में प्रमाण और तथ्य प्रस्तुत किए, जबकि पाकिस्तान केवल प्रचार करता रहा।

अधिकारियों ने कहा कि भारतीय सेना पूरी पारदर्शिता और सटीक जानकारी के साथ काम करती है और दुनिया ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की क्षमता को स्पष्ट रूप से देखा है।

आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई नीति

विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर के एक वर्ष बाद सेना के ये बयान केवल सैन्य जानकारी नहीं बल्कि भारत की नई सुरक्षा नीति का संकेत हैं।

अब भारत केवल सीमा पर जवाब देने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि आतंकवाद की जड़ तक पहुंचकर उसे खत्म करने की रणनीति पर काम कर रहा है।

सेना ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में यदि देश की सुरक्षा के खिलाफ कोई भी साजिश रची गई, तो उसका जवाब पहले से कहीं अधिक तेज, व्यापक और निर्णायक होगा।

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