दो पैन कार्ड से जुड़े प्रकरण में आज़म ख़ान और अब्दुल्ला आज़म को 7-7 साल की कैद, रामपुर पुलिस ने ली हिरासत 

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एजेंसी, रामपुर। सपा के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। रामपुर की अदालत ने सोमवार को पूर्व विधायक अब्दुल्ला आज़म के दो पैन कार्ड मामले में अपना निर्णय सुनाया। अदालत ने आज़म ख़ान और उनके पुत्र अब्दुल्ला आज़म को दोषी मानते हुए सात-सात वर्ष की कैद का दंड दिया। साथ ही 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी निर्धारित किया है। पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में ले लिया है। भाजपा विधायक आकाश सक्सेना द्वारा यह प्रकरण दर्ज कराया गया था। कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। फैसले के समय आकाश सक्सेना भी कोर्ट में मौजूद रहे। यह निर्णय आज़म ख़ान पर दर्ज 104 प्रकरणों में से एक है। अब तक अदालत 11 मामलों में अपना फैसला दे चुकी है। इनमें से छह मामलों में आज़म ख़ान को दंडित किया जा चुका है। वहीं, पांच मामलों में उन्हें निरपराध घोषित किया गया है। यह दो पैन कार्ड का प्रकरण भी उसी श्रंखला का हिस्सा है।

भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने कराया था प्रकरण दर्ज 
भाजपा विधायक आकाश सक्सेना, जो इस मामले के वादी हैं, अदालत में उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी ने मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया। अदालत परिसर तथा उसके आसपास सुरक्षा प्रबंध कड़े कर दिए गए थे ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। कोर्ट परिसर के बाहर राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भीड़ देखी गई। भाजपा और सपा के समर्थक बड़ी संख्या में वहाँ पहुंचे थे।

अब्दुल्ला आज़म पर क्या हैं आरोप? 
अब्दुल्ला आज़म पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु पूरी न होने के बावजूद विधायक बनने हेतु धोखाधड़ी की। अपनी आयु अधिक प्रदर्शित करने के उद्देश्य से उन्होंने दूसरा पैन कार्ड बनवाया। आज़म ख़ान पर भी इस मामले में साज़िश रचने का आरोप लगाया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने नकार दी थी याचिका 
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट ने पासपोर्ट बनवाने हेतु कूटरचित दस्तावेज़ों का इस्तेमाल करने और दो पैन कार्ड रखने के आरोप में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की याचिका अस्वीकृत कर दी थी। अब्दुल्ला आज़म की अपील पर पीठ ने कहा था कि एफआईआर रद्द करने का कोई उपयुक्त आधार दिखाई नहीं देता है।

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