एजेंसी, चेन्नई। Vijay Government Floor Test : तमिलनाडु की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है, जहाँ मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार ने विधानसभा के महत्वपूर्ण शक्ति परीक्षण में अपनी ताकत साबित कर दी है। सदन के भीतर हुए इस बहुमत परीक्षण में विजय सरकार ने न केवल जीत हासिल की, बल्कि विपक्ष के दावों को भी आंकड़ों के जरिए ध्वस्त कर दिया है। मुख्यमंत्री ने विश्वास मत हासिल कर यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार आगामी कार्यकाल के लिए पूरी तरह से स्थिर और मजबूत है।
மனசாட்சி உள்ள மக்களாட்சி அமைத்துள்ள மக்கள் அரசின் மீதான நம்பிக்கை கோரும் தீர்மானம், இன்று சட்டமன்றத்தில் கொண்டுவரப்பட்டது. மக்கள் நம்பிக்கை மூலம் அமைக்கப்பட்ட நமது அரசுக்கு ஆதரவு அளிக்கப்பட்டும் வாக்களிக்கப்பட்டும் நம்பிக்கைத் தீர்மானம் வெற்றி பெற்றுள்ளது.
இந்த வெற்றிக்குக்…
— TVK Vijay (@TVKVijayHQ) May 13, 2026
विधानसभा में हुए मतदान के पूरे आंकड़े
बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मुख्यमंत्री विजय ने विश्वास प्रस्ताव पेश किया। इस पर सदन के विभिन्न दलों के बीच काफी देर तक चर्चा और बहस का दौर चला। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने मतों के विभाजन की घोषणा की। जब अंतिम परिणाम सामने आए, तो सरकार के पक्ष में 144 विधायकों ने वोट दिया था। वहीं, सरकार के विरोध में केवल 22 वोट ही पड़े। इस भारी अंतर ने यह दिखा दिया कि मुख्यमंत्री विजय को सदन के भीतर व्यापक समर्थन प्राप्त है।
सत्ता पक्ष को मिला विभिन्न गुटों का साथ
विजय सरकार की इस बड़ी जीत में कांग्रेस और विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) जैसे दलों ने कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। इसके अलावा अन्नाद्रमुक के बागी गुट, जिसका नेतृत्व एस.पी. वेलुमणि और सी.वी. षणमुगम कर रहे हैं, ने भी सरकार के पक्ष में मतदान किया। एएमएमके से निष्कासित विधायक एस. कामराज का समर्थन भी मुख्यमंत्री के खाते में गया। दूसरी ओर पट्टाली मक्कल काची और भाजपा के पांच विधायक इस मतदान के दौरान तटस्थ रहे, जबकि प्रमुख विपक्षी पार्टी द्रमुक ने मतदान होने से पहले ही सदन से बाहर जाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों पर मुख्यमंत्री का पलटवार
सदन में चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार पर विधायकों की खरीद-फरोख्त यानी हॉर्स-ट्रेडिंग के गंभीर आरोप लगाए थे। इनका जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विजय ने बहुत ही सधे हुए अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को विधायकों को खरीदने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने एक मुहावरे का प्रयोग करते हुए कहा कि उनकी सरकार ‘हॉर्स-ट्रेडिंग’ में नहीं बल्कि ‘हॉर्स-स्पीड’ यानी घोड़े जैसी तेज रफ्तार से काम करने में विश्वास रखती है। उनका लक्ष्य राज्य के विकास को गति देना है न कि राजनीतिक सौदेबाजी करना।
भविष्य की योजनाओं और जनहित पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने सदन के माध्यम से राज्य की जनता को यह भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार हमेशा धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों पर अडिग रहेगी। उन्होंने साफ किया कि राजनीतिक बदलाव के बावजूद जनता का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पिछली सरकारों द्वारा शुरू की गई जो भी योजनाएं जनहित में थीं, उन्हें न केवल जारी रखा जाएगा बल्कि उन्हें और भी बेहतर तरीके से जमीन पर उतारा जाएगा। इस जीत के बाद अब विजय सरकार पूरी मजबूती के साथ अपनी नई नीतियों को लागू करने की तैयारी में है।
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