सुजाता शर्मा

भारत में लॉकडाउन की संभावना को केंद्र सरकार ने पूरी तरह नकारा : एलपीजी उत्पादन में 40 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी और ईंधन आपूर्ति सामान्य

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को देश भर में फैल रही लॉकडाउन की खबरों पर पूर्ण विराम लगाते हुए स्पष्ट किया है कि भारत में दोबारा लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू सहित तीन कैबिनेट मंत्रियों ने इन चर्चाओं को निराधार और गलत बताया है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने भी जानकारी दी है कि वर्तमान में देश में लॉकडाउन जैसी कोई स्थिति नहीं है। उन्होंने बताया कि भारत की सभी तेल रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रही हैं और देश में एलपीजी का उत्पादन 40 प्रतिशत तक बढ़ गया है।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर केंद्र सरकार ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक विशेष मंत्री समूह की समिति बनाई है जो हालात पर लगातार नजर रख रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज शाम सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर मौजूदा परिस्थितियों पर चर्चा करेंगे। पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि शुरुआत में कमर्शियल आपूर्ति में जो कटौती की गई थी, उसे अब धीरे-धीरे बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक पहुँचा दिया गया है। 14 मार्च से अब तक लगभग 30,000 टन एलपीजी की आपूर्ति की जा चुकी है और इस दौरान रेस्टोरेंट एवं ढाबों को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पेट्रोल पंपों पर दिखने वाली भीड़ महज अफवाहों के कारण है, जबकि देश में ईंधन या गैस की कोई कमी नहीं है।

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लॉकडाउन की ये अफवाहें प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान के बाद शुरू हुई थीं जिसमें उन्होंने युद्ध के कारण उपजे कठिन वैश्विक हालातों की तुलना कोरोना काल की चुनौतियों से की थी। हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं ताकि आम जनता को कोई असुविधा न हो। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी स्पष्ट किया कि सरकार के पास लॉकडाउन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है और लोगों को जिम्मेदार बने रहना चाहिए। वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भरोसा दिलाया कि कोविड जैसा लॉकडाउन दोबारा नहीं होगा और ईंधन की कमी की बातें पूरी तरह बेबुनियाद हैं।

विपक्ष की ओर से राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री के बयान पर निशाना साधते हुए कोरोना काल की कठिन परिस्थितियों की याद दिलाई। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को उस समय हुई मौतों और दुखद स्थिति को नहीं भूलना चाहिए। वहीं खड़गे ने सवाल उठाया कि क्या देश को फिर से ऊर्जा संकट और महंगाई के उसी दबाव में धकेला जा रहा है। गौरतलब है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी हाल ही में कहा था कि इस जंग के परिणाम इतने गंभीर हो सकते हैं जिसकी तुलना केवल कोविड महामारी से ही की जा सकती है। फिलहाल भारत सरकार ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया है।

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