एजेंसी, वॉशिंगटन डीसी। US Iran Peace Deal : मध्य पूर्व की राजनीति में एक बार फिर से बेहद तनावपूर्ण और विस्फोटक स्थिति पैदा हो गई है। वैश्विक महाशक्तियों की तमाम कोशिशों के बावजूद युद्ध की आग ठंडी होने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार की रात को ही दुनिया की दो बड़ी ताकतों, यानी अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। पूरी दुनिया को उम्मीद थी कि इस समझौते के बाद इस क्षेत्र में शांति बहाल हो जाएगी, लेकिन इसके ठीक एक दिन बाद ही इजराइल ने लेबनान की धरती पर एक भीषण और विनाशਕਾਰੀ सैन्य हमला कर दिया। इस ताजा हवाई हमले में कम से कम 18 बेगुनाह लोगों की जान चली गई है और बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए इस महत्वपूर्ण शांति समझौते की मुख्य शर्तों में यह साफ तौर पर शामिल था कि इजराइल लेबनान पर होने वाले अपने सभी सैन्य हमलों को तुरंत रोकेगा, परंतु इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस शर्त को मानने से साफ इनकार कर दिया था और अपने सैन्य अभियान को जारी रखने की बात कही थी।
על כל דמעה של אמא ישראלית, אלף אמהות לבנוניות צריכות לבכות. לבנון כולה צריכה לבעור!
עם כל הכבוד לאמריקאים, ישראל חייבת להבהיר לעולם כולו שדם בנינו וביטחון אזרחנו איננו הפקר. לבנון כולה צריכה לבעור. חובתנו העליונה היא להגן על אזרחי ישראל ועל חיילי צה״ל, והמחויבות הזו קודמת לכל…
— איתמר בן גביר (@itamarbengvir) June 19, 2026
इजराइली सेना ने 80 ठिकानों को बनाया निशाना, हिजबुल्लाह के लड़ाके ढेर
इजराइली रक्षा बलों ने आधिकारिक बयान जारी कर इस भीषण सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है। इजराइली सेना का दावा है कि उन्होंने गुरुवार की रात से लेकर अब तक दक्षिणी और पूर्वी लेबनान के विभिन्न इलाकों में स्थित हिजबुल्लाह के 80 से भी अधिक ठिकानों पर बेहद सटीक और घातक हवाई हमले किए हैं। इजराइल के अनुसार, इन हमलों में हिजबुल्लाह संगठन से जुड़े दर्जनों सक्रिय लड़ाके मारे गए हैं और उनके हथियारों के जखीरे को भारी नुकसान पहुँचाया गया है। इजराइल का कहना है कि वे अपनी सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे और सीमा पार से होने वाली किसी भी संदेहास्पद गतिविधि को पूरी ताकत से कुचल देंगे।
हिजबुल्लाह के पलटवार में 4 इजराइली सैनिकों की मौत, मंत्री ने उगला जहर
इजराइल की इस भारी बमबारी के जवाब में लेबनान के सशस्त्र संगठन हिजबुल्लाह ने भी जोरदार पलटवार किया है। हिजबुल्लाह द्वारा किए गए जवाबी हमलों में दक्षिणी लेबनान के मोर्चे पर तैनात इजराइल के 4 सैनिकों की मौत हो गई है। अपने सैनिकों की मौत से तिलमिलाए इजराइल के धुर दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन गवीर ने एक बेहद तीखा और अत्यंत विवादित बयान दे डाला है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और मानवता को ताक पर रखते हुए खुलेआम कहा है कि अब पूरे लेबनान को आग के हवाले कर देना चाहिए और उसे पूरी तरह से जलाकर खाक कर देना चाहिए। इजराइली मंत्री के इस भड़काऊ बयान की दुनियाभर में आलोचना हो रही है और इससे क्षेत्र में नफरत तथा हिंसा और भड़कने की आशंका पैदा हो गई है।
स्विट्जरलैंड में होने वाली अमेरिका-ईरान की महत्वपूर्ण वार्ता हुई रद्द
इजराइल के इस अड़ियल रुख और लेबनान पर लगातार हो रहे हमलों का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयासों पर पड़ा है। शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच जो पहली औपचारिक और बेहद महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बातचीत होनी तय हुई थी, उसे अचानक रद्द कर दिया गया है। अमेरिकी समाचार माध्यमों के अनुसार, इस बैठक के टूटने की मुख्य वजह इजराइल द्वारा लेबनान पर किए जा रहे लगातार हमले ही हैं। वहीं अन्य वैश्विक समाचार एजेंसियों ने एक राजनयिक के हवाले से यह बड़ा खुलासा किया है कि ईरान ने साफ शब्दों में अमेरिकी प्रशासन से कहा है कि जब तक अमेरिका खुद आगे आकर लेबनान पर होने वाले इजराइली हमलों को पूरी तरह से रुकवाने की पक्की गारंटी नहीं देता, तब तक ईरान भविष्य में किसी भी तरह की बातचीत की मेज पर नहीं बैठेगा।
वैश्विक कूटनीति और युद्ध के मैदान से जुड़े 5 बड़े घटनाक्रम
इस पूरे महासंकट के बीच पिछले 24 घंटों के दौरान पांच बेहद महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं, जो इस प्रकार हैं:
अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम समझौता: दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी और जंग के माहौल को समाप्त करने के लिए एक अंतरिम युद्धविराम समझौते पर सहमति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार की रात को फ्रांस के ऐतिहासिक वर्साय पैलेस में इस शांति समझौते से जुड़े सहमति पत्र पर अपने हस्ताक्षर किए थे।
बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में होनी थी पहली मुलाकात: शांति समझौते के प्रावधानों को जमीन पर उतारने और आगे की रूपरेखा तैयार करने के लिए शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के राजनयिकों की पहली औपचारिक बैठक तय की गई थी, जो फिलहाल इजराइल की सैन्य कार्रवाई के कारण खटाई में पड़ गई है।
पीछे हटने को तैयार नहीं इजराइली सेना: इजराइली रक्षा बलों ने दक्षिणी लेबनान के इलाके में अपने सैनिकों की तैनाती का एक नया रणनीतिक नक्शा जारी किया है। इस नए नक्शे के साथ ही इजराइल ने दुनिया के सामने यह पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है कि वे फिलहाल किसी भी हाल में लेबनान की धरती से अपने कदम पीछे नहीं खींचेंगे और उनके सैनिक वहीं डटे रहेंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की हलचल तेज: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य के समुद्री रास्ते में जहाजों का आवागमन काफी तेज हो गया है। व्यापारिक सुरक्षा बढ़ने के कारण सऊदी अरब के झंडे वाले तीन बहुत बड़े कच्चे तेल के टैंकर इस रास्ते से सुरक्षित रूप से गुजर चुके हैं।
लेबनान में मौतों का आंकड़ा 3900 के पार: शांति समझौते की घोषणा के बाद भी इजराइल द्वारा दक्षिणी लेबनान में किए गए हमलों में 3 आम नागरिकों की मौत हो गई। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस पूरे क्षेत्र में बीते 2 मार्च से शुरू हुए इन हिंसक हमलों में अब तक कुल मिलाकर 3900 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जिससे मानवीय संकट गहरा गया है।
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