एजेंसी, लखनऊ। UP Monsoon Havoc : उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही भारी तबाही का सिलसिला शुरू हो गया है। बीते 24 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली गिरने के कारण कम से कम 7 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आगाह किया है कि आने वाले 2 से 3 दिनों के भीतर मानसूनी हवाएं पूरे देश को कवर कर लेंगी, जिससे कई राज्यों में अत्यधिक भारी वर्षा होने की आशंका है। इस समय उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में लगातार हो रही बरसात ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है और नदियों के जलस्तर में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
#WATCH | Delhi: On the weather forecast for the upcoming days, IMD Scientist Dr Shashi Kant says, “From June 1st up to yesterday, the 9th, India has recorded 14% less rainfall than normal… Regarding the next two days, the seasonal monsoon trough will remain in its normal… pic.twitter.com/JLvJ57nP5e
— ANI (@ANI) July 10, 2026
स्मार्ट सिटी आगरा में विकास के दावों की खुली पोल
ताजनगरी आगरा में पिछले 24 घंटों से रुक-रुककर हो रही मूसलाधार बारिश ने प्रशासनिक व्यवस्था और नगर निगम के दावों की कलई खोलकर रख दी है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत चमकाए जा रहे इस ऐतिहासिक शहर के 50 से अधिक मुख्य इलाकों में भारी जलभराव हो गया है, जिससे सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगी हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति शहर की पॉश कॉलोनियों में देखने को मिली है, जहां कमला नगर के कर्मयोगी एन्क्लेव के समीप मुख्य वीवीआईपी सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। सड़क के बीचों-बीच एक विशाल और गहरा गड्ढा बन जाने के कारण वहां से गुजरने वाले वाहनों के लिए गंभीर दुर्घटना का खतरा पैदा हो गया है, जिसके बाद स्थानीय नागरिकों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस लापरवाही पर संज्ञान लेते हुए नगर आयुक्त ने संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में हादसों से मची चीख-पुकार
बारिश के इस रौद्र रूप के कारण उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर, कुशीनगर, बुलंदशहर, शामली और गाजियाबाद जिलों में अलग-अलग दर्दनाक हादसे सामने आए हैं। इन हादसों में कुल 7 लोगों की अकाल मृत्यु हो गई है, जिससे पीड़ित परिवारों में कोहराम मच गया है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से आई एक अन्य घटना में, हरैया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिंगाही सिंगरोर गांव में 21 वर्षीय युवक शिव कुमार वर्मा अपने खेत में धान की रोपाई कर रहा था, तभी अचानक उस पर आकाशीय बिजली गिर गई। उप जिलाधिकारी राकेश कुमार जयंत ने बताया कि पीड़ित को तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आपदा राहत कोष से आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पर्वतीय राज्यों में भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्ग हुए बाधित
पहाड़ी राज्यों में भी मानसून आफत बनकर बरस रहा है, जिसके चलते उत्तराखंड के उत्तरकाशी में पिछले 36 घंटों से लगातार जारी बारिश ने तबाही मचाई है। नालूपानी और नगून के पास पहाड़ों से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर गिरने के कारण गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह से ठप हो गया है। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष की टीमें मार्ग को साफ करने के काम में जुटी हुई हैं, लेकिन पहाड़ी से लगातार गिरते पत्थरों के कारण राहत कार्य में काफी रुकावट आ रही है। दूसरी तरफ, हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में भी हालात काफी संवेदनशील बने हुए हैं, जहां टोंस, यमुना, बाटा, गिरि और मार्कंडा जैसी प्रमुख नदियां उफान पर हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पांवटा के उपमंडलाधिकारी द्विज गोयल ने शुक्रवार को क्षेत्र के सभी सरकारी व निजी स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और शैक्षणिक संस्थानों को पूरी तरह से बंद रखने का आदेश जारी किया है।
दिल्ली में भारी बारिश से गिरा पारा और सदर बाजार बना समंदर
देश की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी मानसून ने जोरदार दस्तक दी है, जिससे तापमान में 7 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान सामान्य से 7.4 डिग्री कम यानी 29.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि पालम में यह 29.6 डिग्री सेल्सियस रहा। इस ठंडी हवा और सुहावने मौसम के बीच एशिया के सबसे बड़े थोक बाजार यानी सदर बाजार में जलभराव के कारण स्थिति बदतर हो गया। बाजार की मुख्य सड़कों पर 2 से 3 फीट तक पानी जमा हो जाने की वजह से सीवर का गंदा पानी दुकानों के भीतर घुस गया, जिससे व्यापारियों का लाखों रुपये का कीमती सामान सड़कर बर्बाद हो गया। फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के मुताबिक, इस अव्यवस्था के कारण व्यापारिक गतिविधियां केवल 20% तक सिमट कर रह गई हैं।
मौसम प्रणालियों की सक्रियता और आगामी दिनों का पूर्वानुमान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय देश के ऊपर दो बेहद शक्तिशाली मौसमी प्रणालियां एक साथ काम कर रही हैं। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के आगरा और उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ग्वालियर के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसे उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ से अतिरिक्त ऊर्जा मिल रही है। इसके प्रभाव से अरब सागर से आ रही नमी युक्त हवाएं मैदानी इलाकों में भारी बारिश करा रही हैं। उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे ज्यादा 306 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि मेरठ 26.1 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ राज्य का सबसे ठंडा शहर रहा है। मौसम विभाग ने लखनऊ समेत 60 से अधिक जिलों के लिए अगले 4 दिनों तक वज्रपात और भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए लोगों को ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
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