एजेंसी, जबलपुर। Twisha Sharma Case : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित मॉडल और एक्टर ट्विशा शर्मा मौत मामले में शुक्रवार को एक बेहद नाटकीय और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पिछले दस दिनों से लगातार फरार चल रहे और तीस हजार रुपये के इनामी मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह ने आखिरकार चौतरफा दबाव के आगे झुकते हुए कानून के सामने घुटने टेक दिए हैं। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा सरेंडर करने के विकल्प दिए जाने के बाद, समर्थ सिंह ने शुक्रवार को जबलपुर जिला अदालत पहुंचकर पूरी तरह आत्मसमर्पण कर दिया। इस दौरान कोर्ट परिसर में मौजूद मीडिया कर्मियों ने जब उनसे ट्विशा की संदिग्ध मौत और उन पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर सवाल पूछने की कोशिश की, तो आरोपी समर्थ सिंह ने पूरी तरह से चुप्पी साधे रखी और मीडिया के कैमरों से बचता हुआ नजर आया।
#BREAKING: Samarth Singh, linked to the Twisha Sharma death case in Jabalpur, Madhya Pradesh, has been taken into custody by Bhopal Police and is being escorted to Bhopal.
(Source: Jabalpur SP) pic.twitter.com/l2Ylz3fhqC
— IANS (@ians_india) May 22, 2026
चेहरे पर मास्क और सिर पर टोपी लगाकर छिपाता रहा पहचान
जबलपुर जिला अदालत में सरेंडर के दौरान मुख्य आरोपी समर्थ सिंह पूरी तरह से अपनी पहचान छुपाने की कोशिशों में लगा रहा। उसने अपने मुंह पर गहरा मास्क, आंखों पर चश्मा और सिर पर टोपी लगा रखी थी, ताकि कोई उसे आसानी से पहचान न सके। समर्थ सिंह के वकीलों के मुताबिक, आरोपी ने पहले कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया और कानून के समक्ष सरेंडर करने का फैसला किया गया। आरोपी के वकीलों ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के समक्ष आत्मसमर्पण की अर्जी दाखिल कर आगामी कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे पहले भोपाल पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लुकआउट नोटिस जारी करने के साथ-साथ उसका पासपोर्ट रद्द कराने के लिए भी अदालत में अर्जी लगा दी थी।
पीड़ित परिवार ने सरेंडर की जगह और रसूख पर उठाए गंभीर सवाल
समर्थ सिंह के इस तरह जबलपुर कोर्ट में सरेंडर करने के फैसले पर ट्विशा शर्मा के परिवार ने बहुत गहरे और गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मृतका के चाचा लोकेश शर्मा ने खुले तौर पर आरोप लगाया है कि आरोपी समर्थ सिंह जानबूझकर उस न्यायिक व्यवस्था के पास गया है, जहाँ उसका और उसके परिवार का भारी रसूख है। दरअसल, आरोपी समर्थ सिंह की मां गिरिबाला सिंह खुद एक पूर्व जज रही हैं, जिसके कारण न्यायपालिका में उनके गहरे संबंध हैं। इसके अलावा आरोपी समर्थ खुद भी मध्य प्रदेश सरकार के साथ कानूनी सलाहकार के रूप में काम कर चुका है, जिससे उसे कानून की हर बारीकी और राहत पाने के रास्तों की पूरी समझ है। चाचा का कहना है कि यह जिला अदालत उसके अपने घर जैसी है, और वह यहाँ सिर्फ इसलिए आया है ताकि सिस्टम में मौजूद अपने संपर्कों के जरिए इस पूरे मामले को कमजोर करवा सके।
जनता और कानून के दबाव में टूटा आरोपी का अहंकार
दूसरी तरफ ट्विशा शर्मा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने इस आत्मसमर्पण को न्याय की दिशा में पहली बड़ी जीत करार दिया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि आरोपी को अब इस बात का अच्छी तरह एहसास हो गया है कि पूरा देश और समाज ट्विशा को न्याय दिलाने के लिए एकजुट खड़ा है, जिसके चलते अब उसके पास छिपने का कोई रास्ता बाकी नहीं बचा था। भाई ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि अगर आरोपी को कुछ भी छिपाना नहीं था और वह बेकसूर था, तो उसने दस दिनों तक पुलिस से छिपने के बजाय पहले ही कानून का सामना क्यों नहीं किया? देश की जनता के भारी समर्थन और कानून के लगातार बढ़ते शिकंजे ने ही उसे बिल से बाहर आने पर मजबूर कर दिया है।
दिल्ली एम्स के डॉक्टरों का पैनल करेगा दोबारा शव परीक्षण
इस पूरे हाई प्रोफाइल मामले में आने वाले 72 घंटे बेहद निर्णायक और महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के कड़े निर्देश के बाद देश की राजधानी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों की एक विशेष विशेषज्ञ टीम भोपाल पहुंच रही है, जो दोबारा मृतका के शव का परीक्षण (पोस्टमॉर्टम) करेगी। इसके साथ ही आरोपी सास गिरिबाला सिंह की जमानत को रद्द करने की पीड़ित परिवार की याचिका पर भी आगामी सोमवार, 25 मई को दोपहर ढाई बजे हाई कोर्ट की एकल पीठ के सामने बेहद अहम सुनवाई होने जा रही है।
जानिए क्या है भोपाल का यह बहुचर्चित मामला
आपको बता दें कि यह पूरा मामला बीती 12 मई का है, जब 33 वर्षीय मॉडल और एक्टर ट्विशा शर्मा भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में स्थित अपने ससुराल के घर में फंदे से लटकी हुई पाई गई थीं। घटना के तुरंत बाद ट्विशा के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर अपनी बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर मौत के मुंह में धकेलने का सीधा आरोप लगाया था। वहीं दूसरी तरफ, ससुराल वालों का दावा था कि ट्विशा को नशे की लत थी। हालांकि, शुरुआती पोस्टमॉर्टम भोपाल एम्स में ही किया गया था, लेकिन पीड़ित परिवार ने उस प्रक्रिया में कई बड़ी कमियों और लापरवाही का हवाला देते हुए दोबारा जांच की मांग की थी, जिसे स्थानीय अदालत से खारिज होने के बाद हाई कोर्ट ने मंजूरी दे दी है।
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