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संसद मानसून सत्र 2026 : विपक्ष के भारी हंगामे के बीच पास हुआ टैक्स बिल 2026 और विनियोग विधेयक, राज्यसभा में खरगे और रिजिजू में तीखी बहस

नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। Tax Bill 2026 Passed in Parliament : संसद के जारी मानसून सत्र में गुरुवार को विपक्ष के जोरदार हंगामे और नारेबाजी के बीच विधायी कामकाज जारी रहा। लोकसभा ने बिना किसी विस्तृत चर्चा के ‘कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026’ को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इसी क्रम में, राज्यसभा ने भी सरकार के वित्तीय वर्ष 2022-23 के अतिरिक्त खर्च से संबंधित ‘विनियोग (संख्यांक 3) विधेयक’ को अपनी मंजूरी देकर संसद से पास कर दिया। जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान और सदन में उनकी उपस्थिति की मांग को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) सहित प्रमुख विपक्षी दलों ने दोनों सदनों में भारी हंगामा किया और अंततः विरोध स्वरूप राज्यसभा से बहिर्गमन (वॉकआउट) किया।

जानिए क्या हैं नए टैक्स बिल 2026 के मुख्य प्रावधान और किसे मिलेगा लाभ

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए ‘कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026’ का मुख्य उद्देश्य देश में प्रक्रियागत निश्चितता लाकर अधिक से अधिक विदेशी पूंजी निवेश आकर्षित करना और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना है। इस विधेयक के तहत भारत आने वाले ‘फंड मैनेजरों’ के लिए नियमों को सरल बनाया गया है। साथ ही, अनुबंध विनिर्माण के तहत भारतीय कारखानों को मशीनरी और पुर्जों की आपूर्ति करने वाली विदेशी कंपनियों को मिलने वाली कर छूट (टैक्स हॉलिडे) को वर्ष 2040-41 तक 15 वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया है। इसमें मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर, टैबलेट और सर्वर निर्माण से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, भारतीय डेटा सेंटर का उपयोग करने वाली विदेशी ‘क्लाउड’ कंपनियों के लिए मंजूरी की अनिवार्य शर्त को समाप्त कर पट्टे पर संचालन की अनुमति दी गई है।

54,067 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च के लिए विनियोग विधेयक को मिली हरी झंडी

राज्यसभा में वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान हुए 54,067 करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय को नियमित करने हेतु पेश किए गए विनियोग विधेयक पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि इसका राजकोषीय घाटे पर कोई अतिरिक्त प्रभाव नहीं पड़ेगा। सीतारमण ने बताया कि लोक लेखा समिति (पीएसी) की 39वीं रिपोर्ट के आधार पर यह विधेयक लाया गया है। इस अतिरिक्त व्यय में से मुख्य रूप से 53,871 करोड़ रुपये ऋण अदायगी से संबंधित थे, जबकि 196.44 करोड़ रुपये रेलवे मंत्रालय से जुड़े एक अदालती आदेश के अनुपालन में व्यय हुए थे। लोकसभा से पूर्व में ही पारित हो चुके इस विधेयक को उच्च सदन ने संक्षिप्त चर्चा के बाद ध्वनिमत से अपनी स्वीकृति देकर वापस लौटा दिया।

राज्यसभा में अमित शाह की मौजूदगी पर खरगे और रिजिजू के बीच तीखी झड़प

दिनभर चले इस विधायी घटनाक्रम के दौरान राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बीच तीखी बहस देखने को मिली। खरगे ने मांग रखी कि जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह को सदन में आकर वक्तव्य देना चाहिए। इस पर पलटवार करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष किसी नियम का हवाला दिए बिना चेयरमैन या सरकार को हुक्म नहीं दे सकता। बाद में सभापति ने हस्तक्षेप करते हुए रिजिजू को विपक्षी दल की भावना से गृह मंत्री को अवगत कराने का निर्देश दिया। हंगामे के कारण उच्च सदन की कार्यवाही दिनभर में तीन बार स्थगित करनी पड़ी।

इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :

प्रश्न 1: मानसून सत्र के दौरान लोकसभा से भारी हंगामे के बीच कौन सा महत्वपूर्ण विधेयक बिना विस्तृत चर्चा के पास हो गया?

उत्तर: लोकसभा ने विदेशी निवेश और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाए गए ‘कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026’ (टैक्स बिल) को ध्वनिमत से पारित कर दिया।

प्रश्न 2: संसद में विपक्ष द्वारा लगातार हंगामा और नारेबाजी किस मुद्दे को लेकर की जा रही थी?

उत्तर: विपक्षी दल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में गृह मंत्री अमित शाह के स्पष्टीकरण और सदन में उनकी उपस्थिति की मांग को लेकर हंगामा कर रहे थे।

प्रश्न 3: राज्यसभा से पारित हुए ‘विनियोग (संख्यांक 3) विधेयक’ का संबंध सरकार के किस वित्तीय मामले से है?

उत्तर: यह विधेयक वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान सरकार द्वारा किए गए 54,067 करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय (मुख्यतः ऋण अदायगी) को वैधानिक मंजूरी देने के लिए लाया गया था।

प्रश्न 4: राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और मंत्री किरेन रिजिजू के बीच बहस का मुख्य कारण क्या था?

उत्तर: खरगे गृह मंत्री को सदन में बुलाने की मांग पर अड़े थे, जिस पर संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि विपक्ष सरकार या चेयरमैन पर हुक्म नहीं चला सकता।

प्रश्न 5: टैक्स बिल 2026 के पारित होने से विदेशी मोबाइल और कंप्यूटर निर्माता कंपनियों को क्या बड़ा लाभ मिलेगा?

उत्तर: इस बिल के तहत अनुबंध विनिर्माण के लिए भारतीय कारखानों को पुर्जे सप्लाई करने वाली विदेशी कंपनियों को मिलने वाली टैक्स छूट को 15 वर्षों (वर्ष 2040-41) तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

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