एजेंसी, चेन्नई। Tamil Nadu Blast News : तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है, जहाँ रविवार को एक पटाखा निर्माण इकाई में भीषण विस्फोट हो गया। इस भयावह हादसे में अब तक 22 मजदूरों की जान जा चुकी है, जबकि 6 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायल मजदूरों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मलबे के नीचे अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है, जिन्हें बाहर निकालने की कोशिशें जारी हैं।
VIDEO | Virudhunagar, Tamil Nadu: Five rescue personnel who got injured in massive firecracker factory blaze were brought to a hospital. Twenty two people have lost their lives in the incident. #TamilNadu #Virudhunagar pic.twitter.com/9Kjv1jQCgz
— Press Trust of India (@PTI_News) April 19, 2026
राहत और बचाव कार्य जारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब यह धमाका हुआ तब फैक्ट्री के भीतर लगभग 30 मजदूर काम में लगे हुए थे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है। विस्फोट के पीछे के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन शुरुआती कयासों के मुताबिक सुरक्षा नियमों की अनदेखी इस बड़े हादसे की वजह हो सकती है। प्रशासन ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने प्रकट की संवेदनाएं
इस दुखद घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति सहानुभूति जताई और घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना की। वहीं, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस घटना को अत्यंत कष्टदायक बताया है। उन्होंने अपने मंत्रिमंडल के दो मंत्रियों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने और राहत कार्यों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने के आदेश दिए हैं ताकि प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद मिल सके।
क्षेत्र में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
गौरतलब है कि विरुधुनगर जिले में पटाखों से जुड़ा यह कोई पहला हादसा नहीं है। इसी महीने 13 अप्रैल को भी सत्तूर के पास एक फैक्ट्री में ब्लास्ट हुआ था, जिसमें दो लोगों की मौत हुई थी। तमिलनाडु का यह इलाका भारत में पटाखा उत्पादन का सबसे बड़ा केंद्र है, जहाँ से देश की कुल मांग का लगभग 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा तैयार होता है। लगातार हो रहे इन हादसों ने सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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