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इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या हुई 37, पांच नए न्यायाधीशों ने ली शपथ

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एजेंसी, नई दिल्ली। Supreme Court New Judges : देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में मंगलवार का दिन एक नया अध्याय लेकर आया। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने एक गरिमामय समारोह में सुप्रीम कोर्ट के पांच नए जजों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस नए शपथ ग्रहण के साथ ही सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की कुल संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। अब यह आंकड़ा बढ़कर 37 तक पहुंच गया है, जो कि भारतीय न्यायिक इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी संख्या मानी जा रही है। यह कदम देश की न्यायिक प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने और अदालतों में लंबित पड़े लाखों मामलों के जल्द से जल्द निपटारे की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण प्रयास है। सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ने से न्याय की प्रक्रिया में और अधिक तेजी आने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

इन पांच नए जजों ने ग्रहण किया पद

सुप्रीम कोर्ट परिसर में आयोजित इस विशेष और गरिमामय शपथ ग्रहण समारोह में जिन पांच न्यायमूर्तियों ने सर्वोच्च अदालत के न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाला है, उनके नाम न्यायिक जगत में काफी अहम हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने वरिष्ठ वकील वी. मोहना, न्यायमूर्ति शील नागू, न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर, न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति अरुण पल्ली को उनके नए पद की शपथ दिलाई। इस खास मौके पर अदालत के कई अन्य वरिष्ठ जज, जाने-माने वकील और कानूनी दिग्गज भी मौजूद रहे। इन सभी नए जजों का न्यायिक और कानूनी क्षेत्र में एक लंबा और शानदार अनुभव रहा है, जिसका सीधा फायदा अब देश की आम जनता और सर्वोच्च अदालत को मिलेगा।

स्वीकृत पदों की संख्या में हुआ था इजाफा

गौरतलब है कि पिछले ही महीने केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की कमी को दूर करने और कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया था। सरकार द्वारा एक कानून में विशेष संशोधन करते हुए एक अध्यादेश लाया गया था। इस नए अध्यादेश के माध्यम से भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल करते हुए सर्वोच्च न्यायालय में जजों की अधिकतम स्वीकृत संख्या को 34 से बढ़ाकर 38 कर दिया गया था। इन पांच नए जजों की नियुक्ति के बाद अब शीर्ष कोर्ट में कुल 37 जज हो गए हैं, जिसका सीधा सा मतलब यह है कि बढ़ी हुई स्वीकृत संख्या 38 के मुकाबले अब सुप्रीम कोर्ट में केवल एक ही पद खाली रह गया है। सरकार और न्यायपालिका की इस त्वरित कार्रवाई से न्याय मिलने की रफ्तार में जबरदस्त तेजी आने की पूरी उम्मीद है।

नियुक्ति को लेकर सरकार की अंतिम मुहर

इन सभी जजों की नियुक्ति और पदोन्नति की प्रक्रिया काफी समय से चल रही थी और बीते सोमवार को ही केंद्र सरकार ने इन सभी नामों पर अपनी अंतिम मुहर लगाई थी। जिन नामों को सुप्रीम कोर्ट में जज के रूप में पदोन्नत किया गया है, वे पहले देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे थे और वहां उनका कार्यकाल काफी सराहनीय रहा है। इन जजों में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू, बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अरुण पल्ली के साथ-साथ वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना का नाम शामिल है। इन सभी अनुभवी जजों के सुप्रीम कोर्ट में आने से न्यायपालिका का ढांचा पहले से कहीं अधिक सशक्त और सुदृढ़ हो जाएगा।

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