एजेंसी, जबलपुर। Rahul Gandhi case : कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ राजनेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को एक पुराने और चर्चित कानूनी मामले में बहुत बड़ी राहत मिलती हुई नजर आ रही है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान द्वारा दायर किए गए मानहानि के मुकदमे में दोनों पक्षों के बीच अब पूरी तरह से समझौता होने की प्रबल संभावना बन गई है। इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के माननीय न्यायाधीश प्रमोद अग्रवाल की एकलपीठ के समक्ष पूरी गरिमा के साथ संपन्न हुई। अदालत की कार्यवाही के दौरान राहुल गांधी द्वारा पूर्व में कोर्ट के समक्ष लिखित रूप से दिए गए भूल सुधार और खेद प्रकट करने वाले आवेदन को कार्तिकेय सिंह चौहान ने पूरी शालीनता के साथ स्वीकार कर लिया है। कार्तिकेय ने अपने आधिकारिक जवाब में अदालत से इस पुराने कानूनी प्रकरण को हमेशा के लिए समाप्त और बंद करने की विशेष प्रार्थना की है, जिसके बाद हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत अपना मुख्य फैसला सुरक्षित रख लिया है।
#WATCH | Jabalpur, MP: On Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi’s alleged defamatory remarks against Shivraj Singh Chouhan’s son Kartikey Chouhan, Advocate Sankalp Kochar says, “… When the hearing against this matter took place yesterday, Rahul Gandhi submitted a written… pic.twitter.com/TmTu5AmEoR
— ANI (@ANI) June 25, 2026
चुनावी भाषण के दौरान पनामा पेपर्स लीक मामले में अनजाने में जुबान से निकला था नाम
इस पूरे हाई-प्रोफाइल विवाद की पृष्ठभूमि साल 2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार से जुड़ी हुई है। उस समय कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सूबे के झाबुआ जिले में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए वैश्विक स्तर पर चर्चित रहे पनामा पेपर्स लीक घोटाले का जिक्र किया था। भाषण के दौरान राहुल गांधी की जुबान से अनजाने में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम निकल गया था। इस बयान के तुरंत बाद राजनीतिक गलियारों में भारी बवाल मच गया था, जिसे कार्तिकेय चौहान ने अपनी सामाजिक छवि और मान-प्रतिष्ठा पर एक बड़ा आघात माना था। अपनी छवि को धूमिल होता देख कार्तिकेय ने इस राजनीतिक बयानबाजी के खिलाफ विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में राहुल गांधी के विरुद्ध मानहानि का एक आपराधिक मुकदमा दर्ज करा दिया था। निचली अदालत द्वारा इस मामले में राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट के सामने पेश होने के लिए कई बार कानूनी समन भी जारी किए गए थे, जिसे बाद में राहुल गांधी ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
राहुल गांधी ने लिखित आवेदन देकर कोर्ट में माना कि उनसे हुई थी एक बड़ी चूक
इस कानूनी पेच को सुलझाने के लिए राहुल गांधी के वकीलों की तरफ से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसमें कांग्रेस नेता ने साफ तौर पर अपनी मानवीय भूल को स्वीकार किया था। राहुल गांधी ने कोर्ट को बताया कि उस चुनावी भाषण के दौरान वे वास्तव में किसी अन्य व्यक्ति का नाम लेना चाहते थे, लेकिन अत्यधिक व्यस्तता और गलतफहमी के कारण अनजाने में उनके मुंह से कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम निकल गया था। उनके मन में कार्तिकेय की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने की कोई दुर्भावना नहीं थी। राहुल गांधी की तरफ से इस स्पष्टीकरण और भूल सुधार के सामने आने के बाद कार्तिकेय चौहान ने बड़प्पन दिखाते हुए कोर्ट में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस नेता ने केवल एक गलतफहमी और कन्फ्यूजन के चलते उनका नाम लिया था और अब वे अपनी गलती मान रहे हैं, तो उन्हें इस मामले को आगे बढ़ाने में कोई रुचि नहीं है और वे केस को यहीं खत्म करना चाहते हैं।
दोनों पक्षों के वकीलों ने आपसी सहमति से केस को हमेशा के लिए खत्म करने की वकालत की
हाई कोर्ट में कार्तिकेय सिंह चौहान का पक्ष रख रहे प्रख्यात और वरिष्ठ वकील संकल्प कोचर ने इस कानूनी मोड़ पर मीडिया को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विपक्षी नेता राहुल गांधी ने अब लिखित रूप में यह पूरी तरह से स्वीकार कर लिया है कि उनसे जनसभा के दौरान एक बड़ी गलतफहमी हुई थी। हमारे मुवक्किल कार्तिकेय सिंह चौहान ने उनके इस स्पष्टीकरण को सहर्ष स्वीकार करते हुए कोर्ट से अनुरोध किया है कि इस मानहानि याचिका पर अब और अधिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं है, इसलिए इस केस को पूरी तरह क्लोज कर दिया जाए। अदालत के भीतर अब दोनों पक्षों के बीच एक लिखित और सर्वमान्य समझौता हो चुका है। माननीय न्यायाधीश ने पूरी वैधानिक प्रक्रिया को रिकॉर्ड पर लेते हुए अपना अंतिम फैसला सुरक्षित रख लिया है, जो बहुत जल्द सार्वजनिक किया जाएगा। इस आपसी सहमति के बाद सालों से चल रहे इस हाई-प्रोफाइल राजनैतिक और कानूनी विवाद का पटाक्षेप होना पूरी तरह से तय माना जा रहा है।
ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें


