एजेंसी, नई दिल्ली। Rahul Gandhi DU Warning : देश की राजधानी में धरना स्थल पर जारी छात्र आंदोलनों के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी एक दिशा-निर्देश को लेकर राजनीतिक और शैक्षणिक गलियारों में भारी हंगामा खड़ा हो गया है। दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपने छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए एक सार्वजनिक सलाह जारी की है जिसमें उन्हें धरना स्थल पर आयोजित हो रहे विरोध प्रदर्शनों और गैरकानूनी सभाओं से दूर रहने का कड़ा निर्देश दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की इस चेतावनी के तुरंत बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सामाजिक माध्यम पर बेहद तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने विश्वविद्यालय के इस कदम को छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला करार देते हुए सवाल उठाया कि आखिर छात्रों को धमकाने और डराने की हिम्मत कैसे हुई। उन्होंने यह भी स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में समय आने पर इस तरह के दमनकारी फैसले लेने वाले अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों को अपनी इस कार्रवाई के लिए जनता के सामने जवाबदेह ठहराया जाएगा।
How dare you threaten students for exercising their democratic rights?
Please note, you are the ones that will be held accountable when the time comes. https://t.co/Mx6D19SP5h
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 24, 2026
दिल्ली विश्वविद्यालय की चेतावनी और कानूनी कार्रवाई का डर
दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने गुरुवार को अपने आधिकारिक सामाजिक माध्यम के जरिए एक विस्तृत संदेश जारी किया था। इस संदेश में छात्रों और शिक्षण संस्थान के अध्यापकों से साफ शब्दों में अपील की गई थी कि वे धरना स्थल पर चल रहे किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा न लें। प्रशासन ने अपनी इस सलाह में चेतावनी देते हुए लिखा कि अगर कोई छात्र या शिक्षक ऐसी गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। विश्वविद्यालय का तर्क है कि ऐसे सार्वजनिक प्रदर्शनों में हिस्सा लेने से विद्यार्थियों की व्यक्तिगत सुरक्षा जोखिम में पड़ सकती है। इसके साथ ही उनकी शैक्षणिक प्रगति और भविष्य में मिलने वाले व्यावसायिक अवसरों पर भी गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। प्रशासन ने यह भी दावा किया है कि इस मुद्दे को लेकर इंटरनेट और सामाजिक माध्यमों पर 2026 में बड़े पैमाने पर फर्जी और भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को किसी भी तरह की अफवाह में आए बिना अनुशासन बनाए रखना चाहिए और कानून का पालन करना चाहिए।
धरना स्थल पर जारी परीक्षा विवाद और राहुल गांधी का सरकार पर करारा प्रहार
दिल्ली विश्वविद्यालय के इस कदम पर अपनी कड़ी आपत्ति जताते हुए राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना और अपनी आवाज उठाना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों का काम छात्रों को जागरूक और अधिकार संपन्न बनाना है, न कि उन्हें कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर चुप कराना। गौरतलब है कि धरना स्थल पर एक संगठन 20 जून से लगातार विशाल धरना-प्रदर्शन कर रहा है। यह पूरा आंदोलन मुख्य रूप से परीक्षा प्रणाली में कथित धांधली और नीट प्रश्नपत्र लीक मामले से जुड़ा हुआ है। प्रदर्शनकारी छात्र और युवा संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन के कारण विश्वविद्यालय परिसर से लेकर धरना स्थल तक तनाव का माहौल बना हुआ है। राहुल गांधी के इस बयान के बाद यह मुद्दा केवल शैक्षणिक विवाद तक सीमित न रहकर एक बड़ा राष्ट्रीय और राजनीतिक रूप ले चुका है।
ये भी पढ़े : मध्यप्रदेश में सुरक्षित कल की सशक्त नींव बनेगी पुलिस की नई भर्ती
ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें


