Pralhad Joshi

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रल्हाद जोशी ने संभाला शिक्षा मंत्रालय का प्रभार, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली बनाना होगी मुख्य चुनौती

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। Pralhad Joshi Education Minister : नीट परीक्षा में हुई अनियमितताओं के बाद पैदा हुए विवाद और छात्रों के लगातार विरोध प्रदर्शन के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के ठीक 1 दिन बाद रविवार को वरिष्ठ भाजपा नेता प्रल्हाद जोशी ने आधिकारिक तौर पर नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में अपना पदभार संभाल लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किया, जिसके बाद कर्नाटक के धारवाड़ से 5 बार के लोकसभा सांसद प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

प्रल्हाद जोशी का समृद्ध राजनीतिक अनुभव और पिछले मंत्रालयों में निभाई भूमिकाएं

प्रल्हाद जोशी भारतीय राजनीति के एक बेहद अनुभवी और कद्दावर नेता माने जाते हैं, जिन्होंने केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों का कुशल संचालन किया है। वर्ष 2019 से 2024 के कार्यकाल के दौरान उन्होंने संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री के रूप में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दी थीं। इसके पश्चात 2024 के आम चुनावों के बाद उन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा जैसे रणनीतिक मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वर्तमान में वे अपने इन मंत्रालयों की देखरेख के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी पूरी निष्ठा से संभालेंगे।

नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में कई प्रमुख सरकारी योजनाओं का सफलता पूर्वक किया नेतृत्व

केंद्रीय मंत्री के रूप में अपने पिछले कार्यकाल में प्रल्हाद जोशी ने कई दूरगामी नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और पीएम-कुसुम जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का सफल नेतृत्व किया है। भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तेजी से विस्तारित करने और देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उनके प्रयासों को काफी सराहना मिली है।

नए शिक्षा मंत्री के समक्ष पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और छात्रों का विश्वास बहाल करने की चुनौती

शिक्षा मंत्रालय का पदभार ग्रहण करते ही प्रल्हाद जोशी के सामने कई गंभीर और जटिल चुनौतियां खड़ी हैं। हालिया परीक्षा विवादों के कारण देश भर के विद्यार्थियों और अभिभावकों में फैले असंतोष को दूर करना उनकी सबसे पहली और प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। इसके अलावा, देश की पूरी परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और लीक-प्रूफ बनाना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देना तथा भारतीय शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लाकर छात्रों का विश्वास पुन: मजबूत करना उनके नए कार्यकाल की सबसे मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

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