एजेंसी, गुवाहाटी/अहमदाबाद। Assam Gujarat Flood Update : देश के दो प्रमुख राज्यों असम और गुजरात में कुदरत का भीषण रूप देखने को मिल रहा है, जहां मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह से पटरी से उतार दिया है। असम में जहां महीनों से जारी बाढ़ के कारण 6.54 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं, वहीं गुजरात में अचानक हुई भारी बारिश और जलभराव से हाहाकार मच गया है। दोनों राज्यों को मिलाकर अब तक बाढ़ और बारिश से जुड़ी दुर्घटनाओं में 97 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जिसमें असम में 66 और गुजरात में 31 मौतें शामिल हैं। हालांकि, असम के कुछ हिस्सों में रविवार को बारिश थमने से जलस्तर में आंशिक सुधार दर्ज किया गया है
Sivasagar, Assam: Deputy Commissioner Mridul Yadav highlighted the district administration’s coordinated efforts to address the ongoing flood situation. Various departments are working together on rescue, relief distribution, and damage assessment. Health camps, essential… pic.twitter.com/pBRRFbObj3
— IANS (@ians_india) July 26, 2026
, लेकिन दोनों राज्यों के दर्जनों जिलों में हालात अभी भी बेहद चिंताजनक बने हुए हैं।
असम के 6 जिलों में 6.54 लाख आबादी प्रभावित, शिवसागर बना सबसे बड़ा केंद्र
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की मध्यरात्रि रिपोर्ट के मुताबिक, असम के 6 जिले चराइदेव, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव और शिवसागर अभी भी बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। इनमें सबसे अधिक खराब स्थिति शिवसागर जिले की है, जहां अकेले 2.90 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसके अतिरिक्त चराइदेव में 1.90 लाख और जोरहाट में 1.30 लाख लोग जलभराव की समस्या का सामना कर रहे हैं। पिछले 24 घंटों के भीतर असम में 4 और मौतों की पुष्टि हुई है, जिनमें शिवसागर से 3 और चराइदेव से 1 मामला सामने आया है। राज्य भर के 810 गांव पानी में पूरी तरह जलमग्न हैं और 34,970.8 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है, जिससे किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है।
असम में राहत कार्यों में तेजी, केंद्र ने भेजा हरसंभव मदद का भरोसा
ऊपरी असम के चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट में बारिश रुकने से नदियां धीरे-धीरे नीचे उतर रही हैं, लेकिन शिवसागर में दिखौ नदी और नुमालीगढ़ में धानसिरी नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम सरकार को केंद्र की तरफ से हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने खुद प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत व्यवस्था का जायजा लिया। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बताया कि हालात में सुधार हो रहा है और नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए केंद्र की एक विशेष टीम भी असम पहुंच चुकी है। वर्तमान में राज्य में 274 राहत शिविर और सामग्री वितरण केंद्र चलाए जा रहे हैं, जहां 18,902 बेघर लोगों को शरण दी गई है। पिछले 24 घंटों में 1,668.68 क्विंटल चावल, 286.99 क्विंटल दाल, 83.75 क्विंटल नमक और 7,995.01 लीटर सरसों के तेल का वितरण किया गया है।
गुजरात में मूसलाधार बारिश से 31 लोगों की गई जान, 49 बचाव टीमें तैनात
दूसरी ओर, गुजरात में भारी बारिश से हुई तबाही के कारण स्थिति विस्फोटक हो गई है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के अनुसार, तापी, वलसाड, आणंद, मेहसाणा और पंचमहल जिलों में बारिश, दीवार ढहने और जलभराव से जुड़ी दुर्घटनाओं में 31 लोगों की जान जा चुकी है। राज्य प्रशासन ने सभी संवेदनशील क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। राहत आयुक्त गौरांग मकवाना ने बताया कि जलभराव में फंसे नागरिकों को निकालने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, भारतीय सेना और भारतीय तटरक्षक बल की कुल 49 टीमों को तैनात किया गया है। राहत एजेंसियां युद्ध स्तर पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं और प्राथमिक बुनियादी नुकसान की समीक्षा कर रही हैं।
गुजरात में बांध उफान पर, कई प्रमुख राजमार्ग बंद और यातायात डायवर्ट
गुजरात में नर्मदा नहर से पानी की अत्यधिक आवक के कारण सुरेंद्रनगर जिले में स्थित धोलीधाजा डैम अपनी 100 प्रतिशत क्षमता तक भर चुका है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से सुरेंद्रनगर, रतनपार, जोरावरनगर, वधवान, मेमका, भदियाद, नाना केरला, सांकली, शियाणी, नटवरगढ़ और दौलतपार सहित कई निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। भारी जलभराव के चलते चांगोदर और बावला के बीच स्थित सनाथल-बगोदरा हाईवे पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है और चालकों को धोलेरा एक्सप्रेसवे व वेजलका-बगोदरा रूट का उपयोग करने की सलाह दी गई है। अहमदाबाद-विरमगाम हाईवे पर पानी का तेज बहाव होने से राजकोट की ओर से आने वाली गाड़ियों के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है। प्रशासन ने आम जनता से बेहद जरूरी न होने पर यात्रा से बचने का अनुरोध किया है।
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