एजेंसी, नई दिल्ली। Vibrant Village Programme 2026 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘माय भारत’ मंच के माध्यम से आयोजित ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026’ के प्रतिभागियों और देशभर के युवाओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद किया। इस वर्चुअल कार्यक्रम में 2500 से अधिक जिलों के युवा जुड़े थे। युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश के सीमावर्ती गांव समृद्ध और सशक्त बनते हैं, तो इससे न केवल विकास की रफ्तार तेज होती है, बल्कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था भी अत्यधिक मजबूत होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीमांत इलाकों के सर्वांगीण विकास में देश के युवाओं की सक्रिय भागीदारी ही ‘विकसित भारत’ के निर्माण की मुख्य आधारशिला बनेगी।
Interacting with the participants of the Viksit Vibrant Village Programme. Great to see that the initiative is instilling a deeper sense of nation-building among the youth.#Youth4ViksitBharat #MYBharat https://t.co/2vCFle03vY
— Narendra Modi (@narendramodi) July 26, 2026
पहले उपेक्षित रहने वाले इलाकों में अब पहुंचीं सभी मूलभूत सुविधाएं और बुनियादी ढांचा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में पुरानी धारणाओं को बदलते हुए कहा कि जिन सीमावर्ती गांवों को पूर्व में अंतिम गांव मानकर अनदेखा छोड़ दिया जाता था, वर्तमान सरकार उन्हें देश का ‘प्रथम गांव’ मानती है। यह वही पावन स्थल है जहां सूर्य की पहली किरण भारत भूमि का वंदन करती है। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता के दशकों बाद अब इन दुर्गम क्षेत्रों में पहली बार बिजली, एलपीजी सिलेंडर, नल से पेयजल और हाई-स्पीड इंटरनेट जैसी आधुनिक सुविधाएं पहुंची हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर के मजबूत होने से इन वीरान क्षेत्रों में पर्यटन की नई संभावनाएं पैदा हुई हैं और वहां चहल-पहल बढ़ गई है।
सोलो ट्रैवलिंग और बेटियों के बढ़ते आत्मविश्वास की पीएम मोदी ने की जमकर सराहना
संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने सोलो ट्रैवलिंग के बढ़ते रुझान का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अकेले यात्रा करना खुद को पहचानने और दुनिया को गहराई से समझने का एक बेहतरीन माध्यम है। यात्रा से लौटी बेटियों के अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि देश के एक कोने से दूसरे कोने तक अकेले भ्रमण करना भारत की नारियों और बेटियों के बढ़ते आत्मविश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है। सरकार का मुख्य ध्येय देश के प्रत्येक युवा और बेटी को पूरी तरह से आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सशक्त बनाना है।
3 लाख से अधिक आवेदकों में से चुने गए 403 युवाओं ने 74 सीमावर्ती गांवों का किया दौरा
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन 4 जून से 30 जून के बीच 2 चरणों में किया गया था। एक राष्ट्रीय ऑनलाइन क्विज के माध्यम से 3 लाख से अधिक आवेदकों में से 403 मेधावी युवाओं का चयन किया गया। इन युवाओं ने लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 74 सीमावर्ती गांवों में एक सप्ताह का समय बिताया। प्रवास के दौरान उन्होंने स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, स्थानीय पंचायतों से संवाद और सरकारी योजनाओं के प्रति जन-जागरूकता फैलाने जैसी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
सीमांत क्षेत्रों के कायाकल्प के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2 में 6839 करोड़ रुपये का बजट मंजूर
सीमांत क्षेत्रों के त्वरित विकास के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II लागू किया है, जिसके लिए 6839 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई है। प्रथम चरण में 662 गांवों के विकास के बाद, अब दूसरे चरण में चीन, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और म्यांमार की सीमाओं से सटे 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के 1954 गांवों को कवर किया जाएगा। कार्यक्रम के समापन पर पीएम मोदी ने कारगिल विजय दिवस का स्मरण करते हुए युवाओं से अपने यात्रा अनुभवों को कम से कम 100 अन्य लोगों के साथ साझा करने की अपील की।
ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें


