एजेंसी, ग्लासगो। Jhandu Kumar CWG 2026 : स्कॉटलैंड में आयोजित हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने बहुआयामी प्रतिभा का परिचय देते हुए खेल प्रेमियों को झूमने का मौका दे दिया। प्रतियोगिता के इस महत्वपूर्ण चरण में भारत को उसका पहला पदक हासिल हुआ, जिसने पूरे दल में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार कर दिया है। विभिन्न स्पर्धाओं में देश के होनहारों ने अपनी ताकत, तकनीक और अद्भुत क्षमता का प्रदर्शन किया। पावरलिफ्टिंग से लेकर मुक्केबाजी और तैराकी से लेकर लॉन बॉल्स तक, भारतीय दल ने कई मोर्चों पर अपना दबदबा कायम रखते हुए आगामी मुकाबलों के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है।
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Bihar’s Para Powerlifter Jhandu Kumar once sold vegetables and drove an e-rickshaw to support his family during the COVID-19 pandemic.
Today, he stands on the CWG 2026 podium with a medal for Team India🥉
An inspiration for millions! 🥹 https://t.co/CtCor8V5sI pic.twitter.com/9DEKJPYGjm
— The Khel India (@TheKhelIndia) July 24, 2026
बिहार के लाल ने गरीबी और पोलियो को हराते हुए रचा नया इतिहास
इस पूरे प्रतियोगिता का सबसे प्रेरक और भावुक कर देने वाला क्षण पुरुषों के हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग मुकाबले में देखने को मिला। बिहार के ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले 28 वर्षीय खिलाड़ी झंडू कुमार ने कांस्य पदक जीतकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया। एक मामूली किसान परिवार में जन्मे झंडू का बचपन बेहद चुनौतियों से भरा रहा, जब महज कुछ साल की उम्र में पोलियो जैसी गंभीर बीमारी ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। शरीर की सीमाओं और आर्थिक बदहाली के बावजूद उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। परिवार का पेट पालने के लिए उन्होंने सड़कों पर सब्जियां बेचीं और बाद में ई-रिक्शा चलाकर जीवनयापन किया। कठिनाइयों की भयंकर धूप में तपकर निकले इस खिलाड़ी ने अपने अटूट खेल प्रेम और अनवरत अभ्यास के बल पर आज वैश्विक मंच पर तिरंगा फहराया है।
पावरलिफ्टिंग के अखाड़े में 190 किलोग्राम का वजन उठाकर कब्जाया पदक
हैवीवेट वर्ग की स्पर्धा में झंडू कुमार ने अपनी शारीरिक क्षमता और तकनीक का बेजोड़ प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने शुरुआती दौर में 181 किलोग्राम का भार बहुत ही आसानी से उठाया और फिर अपने अगले प्रयास में 190 किलोग्राम का सफल भार उठाकर निर्णायकों को प्रभावित कर दिया। हालांकि, 196 किलोग्राम के अपने अंतिम प्रयास में वह थोड़े असफल रहे, लेकिन 130.9 अंकों के कुल अंक के साथ वह तीसरे पायदान पर रहे और कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। इस मुकाबले में नाइजीरिया के इदरीस रिलुवान ने स्वर्ण पदक और मैथ्यू हार्डिंग ने रजत पदक पर कब्जा किया। इसी स्पर्धा में भाग ले रहे भारत के एक अन्य प्रतिभागी सुधीर ने भी कड़ा संघर्ष किया और 114.1 अंक हासिल कर छठा स्थान प्राप्त किया।
अन्य पावरलिफ्टिंग मुकाबलों में भारतीय एथलीटों का प्रदर्शन
लाइटवेट पैरा पावरलिफ्टिंग वर्ग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी, हालांकि वे बेहद मामूली अंतर से पदक तालिका में स्थान बनाने से वंचित रह गए। अशोक मलिक ने पूरे मैच के दौरान बेहतरीन खेल भावना और नियंत्रण का परिचय दिया, लेकिन अंततः 143.8 अंकों के साथ उन्हें चौथे स्थान से ही संतोष करना पड़ा। वह पदक से महज कुछ ही अंक दूर रह गए थे। इसी स्पर्धा में हिस्सा ले रहे भारत के परमजीत कुमार ने भी अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया और 135.6 अंकों का स्कोर बनाते हुए तालिका में सातवां स्थान हासिल किया। दोनों ही खिलाड़ियों के इस संघर्षपूर्ण प्रदर्शन की सर्वत्र सराहना हो रही है।
पैरा तैराकी के रोमांचक अंतिम दौर में चौथे स्थान पर रहे कार्तिक
तैराकी कुंड में भी भारतीय चुनौती काफी मजबूत नजर आई, जहां खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीटों को कड़ी टक्कर दी। पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 स्पर्धा में भारत के उम्दा पैरा तैराक कार्तिक बुडिगिना ने अंतिम दौर में प्रवेश कर सबको उम्मीदों से भर दिया था। अंतिम मुकाबले में उन्होंने 57.57 सेकंड का बेहद कम समय निकाला और चौथे स्थान पर रहकर दौड़ समाप्त की। यद्यपि वह पदक तालिका में स्थान बनाने से थोड़ा सा चूक गए, लेकिन उनकी इस गति और समय सीमा ने भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए बड़ी उम्मीदें जगाई हैं। इसी स्पर्धा में भारत के एक और युवा तैराक इमाम अली ने अपनी क्षमता का परिचय देते हुए सातवां स्थान हासिल किया। दूसरी तरफ 50 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा के सेमीफाइनल में श्रीहरि नटराज ने 25.29 सेकंड का समय लिया, लेकिन वह सातवें स्थान पर रहकर अंतिम दौर की रेस से बाहर हो गए।
मुक्केबाजी में जदुमणि सिंह की धमाकेदार शुरुआत और लॉन बॉल्स का कमाल
रिंग के भीतर मुक्केबाजी में भारत की शुरुआत बेहद सुखद और उत्साहजनक रही। 55 किलोग्राम भार वर्ग में उतरते ही भारतीय मुक्केबाज जदुमणि सिंह ने अपने आक्रामक तेवरों और सटीक प्रहारों से विरोधी खिलाड़ी को बैकफुट पर धकेल दिया। एकतरफा चले इस मुकाबले को जीतकर जदुमणि ने प्री-क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है, जिससे देश के लिए एक और पदक की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। वहीं दूसरी ओर, लॉन बॉल्स के खेल में भी भारतीय खिलाड़ियों का विजय रथ लगातार आगे बढ़ता रहा। महिला युगल वर्ग के बेहद रोमांचक मैच में रूपा रानी तिर्की और पिंकी सिंह की अनुभवी जोड़ी ने दक्षिण अफ्रीका की टीम को 2-0 के सीधे अंतर से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। इसके अलावा पुरुष एकल वर्ग में पुतुल सोनोवाल ने फॉकलैंड आइलैंड्स के खिलाड़ी सेसिल अलेक्जेंडर को करारी शिकस्त देकर अगले दौर के लिए अपना टिकट पक्का कर लिया।
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