PM Modi G7 Summit

जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी बुलंद करेंगे विकासशील देशों की आवाज, फ्रांस और स्लोवाकिया के छह दिवसीय दौरे पर हुए रवाना

नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, दिल्ली। PM Modi G7 Summit : भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूरोप के दो महत्वपूर्ण देशों फ्रांस और स्लोवाकिया की छह दिनों की लंबी यात्रा के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। इस अत्यंत महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर निकलने से पहले प्रधानमंत्री ने पूरा भरोसा जताया कि उनके इस दौरे से यूरोपीय देशों के साथ-साथ शक्तिशाली जी-7 समूह के साथ भारत के रिश्ते एक नए मुकाम पर पहुंचेंगे। शनिवार को दिए अपने एक विशेष बयान में उन्होंने साफ किया कि यह विदेश दौरा यूरोपीय महाद्वीप और दुनिया के अन्य हिस्सों में भारत की मजबूत होती रणनीतिक साझेदारियों को और ज्यादा विस्तार देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विकासशील और गरीब देशों के हितों की रक्षा करना है।

द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगी नई ऊर्जा

प्रधानमंत्री ने अपनी इस यात्रा की समय-सारणी साझा करते हुए बताया कि वह फ्रांस के शीर्ष नेता इमैनुएल मैक्रों और स्लोवाकिया के शासन प्रमुख रॉबर्ट फिको के विशेष आमंत्रण पर 13 जून से लेकर 18 जून तक इन दोनों देशों के दौरे पर रहेंगे। भारत की विदेश नीति और रणनीतिक नजरिए से फ्रांस का स्थान हमेशा से बेहद खास और भरोसेमंद रहा है। इसी साल की शुरुआत में फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने भारत का एक बेहद सफल दौरा किया था, जिसके बाद दोनों देशों के आपसी संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वह फ्रांस के नीस शहर में राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात करेंगे, तो वह बीते कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच हुए समझौतों की प्रगति की बारीकी से जांच करेंगे और भविष्य के सहयोग की रूपरेखा तय करेंगे।

व्यापार और नवाचार के क्षेत्र में बड़ा कदम

इस ऐतिहासिक विदेश दौरे के दौरान व्यापार, तकनीक और नए व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े आयोजन होने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के नीस शहर में फ्रांसीसी राष्ट्रपति के साथ मिलकर ‘भारत इनोवेट्स’ नामक एक भव्य प्रदर्शनी की शुरुआत करेंगे। यह कार्यक्रम दोनों देशों के बीच तकनीक और नए विचारों के आदान-प्रदान के वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जो भारत के उभरते हुए स्टार्टअप्स को दुनिया भर के बड़े निवेशकों से सीधे जोड़ने का काम करेगा। इसके साथ ही यह भारतीय उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे नए अनुसंधानों और खोजों को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान और गति देने में मददगार साबित होगा।

स्लोवाकिया की ऐतिहासिक पहली यात्रा

फ्रांस के बाद प्रधानमंत्री 14 और 15 जून को स्लोवाकिया की अत्यंत महत्वपूर्ण राजकीय यात्रा पर जाएंगे। साल 1993 में एक स्वतंत्र देश के रूप में स्थापित होने के बाद स्लोवाकिया की धरती पर कदम रखने वाले वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे। इस लिहाज से यह यात्रा पूरी तरह से ऐतिहासिक है और इससे दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को एक नया आयाम मिलेगा। वहां की राजधानी ब्रातिस्लावा में प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और वहां के प्रधानमंत्री फिको के साथ उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इसके साथ ही उन्हें वहां के प्रमुख उद्योगपतियों और व्यापारिक जगत के बड़े चेहरों से भी सीधा संवाद करने का अवसर मिलेगा, जिससे व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे।

यूरोपीय संघ के साथ मजबूत होगी साझेदारी

भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से चल रहे मुक्त व्यापार समझौते की वार्ताओं को इस दौरे से एक नई मजबूती मिलेगी। स्लोवाकिया की यात्रा के समापन के बाद प्रधानमंत्री दोबारा फ्रांस के एवियन शहर लौटेंगे, जहां वह 16 और 17 जून को होने वाले दुनिया के सबसे ताकतवर देशों के समूह जी-7 के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस बेहद प्रतिष्ठित मंच पर भारत की लगातार आठवीं बार मौजूदगी इस बात का सीधा प्रमाण है कि दुनिया के बड़े देशों का भारत पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का कद काफी ऊंचा हुआ है। इस वैश्विक मंच पर भारत न केवल अपनी बात मजबूती से रखेगा, बल्कि दुनिया के तमाम विकासशील देशों की उम्मीदों और उनकी परेशानियों को भी पूरी दुनिया के सामने प्रमुखता से उठाएगा।

तकनीक के सबसे बड़े महाकुंभ में शामिल होगा भारत

अपनी इस छह दिवसीय यात्रा के अंतिम पड़ाव में प्रधानमंत्री 18 जून को फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंचेंगे, जहां वह राष्ट्रपति मैक्रों के साथ मिलकर ‘विवा टेक 2026’ कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। यह तकनीक और नए आविष्कारों के मामले में पूरे यूरोपीय महाद्वीप का सबसे बड़ा और भव्य आयोजन माना जाता है। इस बार के आयोजन में भारत की तरफ से सबसे बड़ा राष्ट्रीय प्रदर्शनी स्थल तैयार किया गया है, जो इस बात का प्रतीक है कि भारतीय और यूरोपीय तकनीकी उद्योग एक साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री पेरिस में रहने वाले प्रवासी भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे, जो दोनों देशों के सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्तों को मजबूत बनाने में एक मजबूत कड़ी की भूमिका निभाते आ रहे हैं।

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