PM Modi 12 Years

प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत ने रचे नए कीर्तिमान, 12 वर्ष पूरे होने पर देश भर से मिल रही बधाइयां

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली/भोपाल। PM Modi 12 Years : केंद्र सरकार की बागडोर संभालते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के सफल 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर पर देश की तमाम बड़ी राजनीतिक हस्तियों और मुख्यमंत्रियों की तरफ से उन्हें निरंतर बधाई संदेश भेजे जा रहे हैं। इसी क्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके राष्ट्र सेवा के शानदार 12 साल पूरे होने पर हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मौके पर प्रधानमंत्री के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनके अद्वितीय और मजबूत नेतृत्व के साए में पिछले एक दशक से अधिक समय में हिंदुस्तान ने उन्नति की नई परिभाषा लिखी है। देश ने आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य किया है, अपने सांस्कृतिक वैभव को दोबारा हासिल किया है और तकनीकी रूप से दुनिया के सामने एक मिसाल पेश की है। आज भारत पूरे विश्व के सामने एक मजबूत वैश्विक नेता के रूप में उभरकर सामने आया है।

तकनीक और जन कल्याणकारी योजनाओं से बदला देश का परिदृश्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगे चर्चा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की डिजिटल इंडिया मुहिम की वजह से आज सुदूर देहातों और पिछड़े इलाकों तक रहने वाले निर्धन परिवारों तक आधुनिक तकनीक का लाभ बहुत ही सुगमता से पहुंच रहा है। सरकार ने समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की भलाई को सर्वोपरि मानते हुए अंत्योदय के विचार को पूरी तरह से धरातल पर उतारा है। सरकार द्वारा चलाई जा रही जन हितैषी योजनाओं का सीधा और पारदर्शी लाभ समाज के हर वर्ग तक बिना किसी रुकावट के पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि राष्ट्र सर्वोपरि की नीति पर चलते हुए देश के नौजवानों, महिलाओं, किसानों और शोषितों के कल्याण के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए गए हैं। इसके साथ ही भारत की सरहदों को सुरक्षित करने तथा देश को आंतरिक रूप से पूरी तरह से उग्रवाद और आतंकवाद से मुक्त कराने के लिए केंद्र सरकार ने कई कड़े और साहसिक कदम उठाए हैं जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुके हैं।

वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती साख और विकसित राष्ट्र का संकल्प

डॉ. मोहन यादव ने देश के बदलते स्वरूप को रेखांकित करते हुए कहा कि आज वैश्विक मंचों पर भारत अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका अदा कर रहा है। पूरी दुनिया भारत के इस तेज विकास और अटूट सामर्थ्य को बहुत ही सम्मान और उम्मीद भरी नजरों से देख रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि साल 2047 तक भारत को एक पूरी तरह से आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने के जिस बड़े संकल्प को लेकर देश आगे बढ़ रहा है, उसे प्रधानमंत्री का दूरदर्शी विजन बहुत जल्द साकार करेगा। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक भावुक पोस्ट साझा करके मध्यप्रदेश की पूरी जनता की तरफ से प्रधानमंत्री का आदरपूर्वक अभिनंदन किया और उनके उत्तम स्वास्थ्य तथा दीर्घायु की कामना की।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने विकास यात्रा को सराहा

दूसरी तरफ देश की राजधानी नई दिल्ली से भी प्रधानमंत्री मोदी के इस कार्यकाल को लेकर बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बीते बारह सालों के भीतर देश के हर कोने और हर विभाग में हुई जबरदस्त प्रगति की दिल खोलकर तारीफ की है। उन्होंने विशेष रूप से निर्धनता उन्मूलन, बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के निर्माण और जन-जन तक पहुंचने वाले बड़े कल्याणकारी कार्यक्रमों का उल्लेख किया है। उपराष्ट्रपति की इस सराहना पर प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर उपराष्ट्रपति के संदेश को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जब देश आजादी के अमृत काल में तेजी से आगे की तरफ कदम बढ़ा रहा है, तब उपराष्ट्रपति द्वारा सरकार के इन महान प्रयासों को रेखांकित करना बेहद उत्साहवर्धक है। सरकार की इन नीतियों से देश की मातृशक्ति, युवाओं और अन्नदाताओं के जीवन में बहुत बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। सरकार स्वामी विवेकानंद और सुब्रमण्यम भारती जैसे महान मनीषियों के विचारों से सीख लेकर साल 2047 तक राष्ट्र को परम वैभव पर ले जाने के लिए हर नागरिक से सामूहिक प्रयास की उम्मीद करती है।

वैश्विक चुनौतियों के बीच भी भारत की अर्थव्यवस्था रही मजबूत

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने इस बात को बेहद गर्व के साथ स्वीकार किया कि पिछले एक दशक में भारत ने जो तरक्की हासिल की है, उसने पूरी दुनिया के बड़े-बड़े देशों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि देश इसी रफ्तार से अपनी पूरी ऊर्जा और क्षमता का इस्तेमाल करता रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब भारत पूरी दुनिया को सही रास्ता दिखाने वाले एक विश्वगुरु की भूमिका में नजर आएगा। मौजूदा समय में जब पूरी दुनिया में कई तरह की अनिश्चितताएं बनी हुई हैं और वैश्विक विकास की गति धीमी पड़ने की आशंका जताई जा रही है, तब भी भारत पूरे जोश, उमंग और पक्के इरादे के साथ निरंतर आगे की ओर बढ़ रहा है। सरकार ने अपने समावेशी विकास के मॉडल से यह साबित कर दिया है कि वह देश के हर नागरिक की फिक्र करती है।

सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं के शानदार आंकड़े

उपराष्ट्रपति ने सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा साझा करते हुए कुछ बेहद महत्वपूर्ण आंकड़े भी प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि सरकारी प्रयासों की वजह से लगभग 25 करोड़ नागरिकों को गरीबी रेखा के दायरे से बाहर निकालने में बड़ी कामयाबी मिली है। इसके साथ ही करीब 12 करोड़ परिवारों तक सीधे पाइप के जरिए पीने का शुद्ध पानी पहुंचाया जा चुका है। स्वच्छता अभियान के सुखद परिणाम बताते हुए उन्होंने कहा कि देश के 60 करोड़ से ज्यादा लोगों को इस मुहिम के जरिए एक गरिमामयी और स्वस्थ जीवन जीने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री की मुफ्त अन्न योजना की सराहना करते हुए कहा कि इसके माध्यम से 80 करोड़ जरूरतमंदों को हर महीने मुफ्त भोजन सामग्री दी जा रही है। वहीं स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष्मान योजना ने एक क्रांतिकारी बदलाव लाते हुए 40 करोड़ से भी ज्यादा नागरिकों को इलाज के लिए बड़ी वित्तीय सुरक्षा प्रदान की है।

कृषि क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि और नारी शक्ति का अभूतपूर्व उत्थान

देश के अन्नदाताओं की तारीफ करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमारे मेहनती किसानों की बदौलत आज भारत पूरी दुनिया में दूसरे नंबर का सबसे बड़ा अनाज उत्पादक देश बन चुका है, और चावल के उत्पादन में भी हम वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर मजबूती से काबिज हैं। महिलाओं की आर्थिक उन्नति की बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज देश की 3 करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाएं अपनी मेहनत और सरकारी योजनाओं के सहयोग से लखपति दीदी और नमो ड्रोन दीदी बनकर समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। जब भी वे देश के अलग-अलग हिस्सों के दौरों पर जाते हैं और इन आत्मनिर्भर महिलाओं से संवाद करते हैं, तो उनके चेहरे पर देश के उज्ज्वल भविष्य की साफ चमक दिखाई देती है।

आधुनिक बुनियादी ढांचा और आतंकवाद पर कड़ा प्रहार

देश के बुनियादी ढांचे के विकास को एक नया मोड़ देने के लिए उन्होंने जम्मू-कश्मीर में बने चेनाब पुल की इंजीनियरिंग की जमकर तारीफ की और इसे नए युग का एक अजूबा बताया। इसके अलावा देश के सुदूर और सीमावर्ती इलाकों में सड़कों और बड़े राजमार्गों का जाल बिछाया गया है। यह सब कुछ प्रधानमंत्री द्वारा की जाने वाली सीधी और कड़े स्तर की समीक्षा की वजह से ही संभव हो पाया है। आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर बात करते हुए उपराष्ट्रपति ने साफ किया कि सरकार ने देश के दुश्मनों और उग्रवादियों के खिलाफ पूरी तरह से शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई है। सरकार के इन निर्भीक और बड़े फैसलों की वजह से ही सालों से अशांत और नक्सल प्रभावित रहे इलाकों को मुख्यधारा से जोड़कर वहां विकास की नई बयार बहाई जा सकी है। अंत में उन्होंने स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचारों को याद करते हुए देश के हर नागरिक से अपील की कि वे देश को साल 2047 तक दुनिया की सबसे बड़ी और मार्गदर्शक महाशक्ति बनाने के इस परिश्रम के दौर यानी अमृत काल में अपना सर्वस्व योगदान दें।

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