नई दिल्ली। कथावाचक प्रदीप मिश्रा ने राधा रानी को लेकर दिए अपने बयान पर माफी मांग ली है। बरसाना में राधा रानी के मंदिर पहुंचकर उन्होंने दंडवत प्रणाम किया और नाक रगड़कर माफी मांगी। इसके बाद उन्होंने संतों और बरसाना के लोगों से भी क्षमा याचना की। कुछ दिनों पहले प्रदीप मिश्रा ने कथा के दौरान राधा रानी के जन्म और उनके विवाह को लेकर बयान दिया था जिससे संत समाज और बरसाना के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था। प्रदीप मिश्रा ने कहा था कि राधा रानी का नाम भगवान श्रीकृष्ण की 108 पटरानियों और 1600 रानियों में नहीं हैं। राधा जी के पति का नाम अनय घोष था और उनका विवाह छाता में हुआ था। उन्होंने यह भी कहा था कि राधा जी बरसाना की नहीं, बल्कि रावल की रहने वाली थीं। बरसाना में राधा रानी के पिता की कचहरी थी। इस कचहरी में राधा जी साल में एक बार आती थीं, इसीलिए इसे बरसाना कहा जाता है।
प्रदीप मिश्रा के इस बयान से संत समाज समेत बरसाना के लोगों में आक्रोश छा गया। संत प्रेमानंद जी महाराज ने प्रदीप मिश्रा के बयान की कड़ी निंदा करते हुए उनको खूब खरी खोटी सुनाई थी। वहीं अन्य संत जनों ने ऐलान किया था कि अगर प्रदीप मिश्रा बरसाना आकर राधा रानी के सामने नाक रगड़कर माफी मांगें तभी उनको माफ किया जा सकता है। मंदिर में दंडवत करने के बाद प्रदीप मिश्रा ने कहा कि माता राधा रानी के चरणों में आज यहां आना हुआ और लाडली जी ने खुद ही इशारा कर मुझे यहां बुलाया। मेरी वाणी से जो भी ठेस पहुंची है, उसके लिए मैं लाडली जी से क्षमा मांगता हूं। मेरे शब्दों से अगर ब्रजवासियों को भी कष्ट हुआ है तो मैं उनके भी चरणों में दंडवत प्रणाम करके माफी मांगता हूं। मेरा सभी से अनुरोध है कि किसी के लिए भी अपशब्द न कहे। राधे-राधे और हर-हर महादेव बोलो।


