एजेंसी, नई दिल्ली। Parliament Monsoon Session News 2026 : संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में भारी राजनीतिक गहमागहमी और गतिरोध देखने को मिला। अयोध्या के प्रसिद्ध मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान में कथित हेरफेर और राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई के मुद्दों को लेकर विपक्षी सांसदों ने दोनों सदनों में जमकर नारेबाजी की। हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और अंततः दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी। हालांकि इस भारी शोर-शराबे के बीच ही सरकार ने महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को निपटाते हुए दोनों सदनों से एक-एक नए विधेयक को पारित करा लिया।
Rajya Sabha passes The Registration of Births and Deaths (Amendment) Bill, 2026.
Bill further amends the Registration of Births and Deaths Act, 1969, as passed by Lok Sabha@nityanandraibjp @HMOIndia @AmitShah pic.twitter.com/SURvt3tAma
— SansadTV (@sansad_tv) August 4, 2026
लोकसभा में बैनर-तख्तियां लेकर पहुंचे विपक्षी सदस्य
लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही विपक्षी दलों के प्रतिनिधि हाथों में तख्तियां लेकर आसन के करीब पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। विपक्षी सांसद गृह मंत्री से दिल्ली में छात्रों पर हुए बल प्रयोग के विषय पर जवाब देने की मांग कर रहे थे। स्थिति को संभालते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से आग्रह किया कि संसद देश का सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है, जो केवल सार्थक बहस और चर्चा के लिए बना है, न कि विरोध-प्रदर्शन या नारेबाजी के लिए। इसके बावजूद हंगामा न थमने पर कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। दोबारा बैठक शुरू होने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया और इसके तुरंत बाद विनियोग (संख्यांक 3) विधेयक, 2026 को बिना किसी विस्तृत चर्चा के ध्वनिमत से पास कर दिया गया।
राज्यसभा में दान राशि की जांच और केंद्रीय एजेंसियों पर सवाल
उच्च सदन यानी राज्यसभा में भी स्थिति कुछ अलग नहीं रही। सुबह बैठक शुरू होते ही विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने राम मंदिर के प्रबंधन और निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट के सदस्यों पर चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप लगाए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह ट्रस्ट सरकारी पहल पर बना है और इसे 70 एकड़ भूमि दी गई है, तो केंद्रीय जांच एजेंसियां जैसे सीबीआई और ईडी इन आरोपों की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं कर रही हैं। दूसरी तरफ संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष का यह रुख केवल राजनीतिक नाटक है और जो दल हमेशा मंदिर निर्माण के विरोध में रहे, वे अब इस तरह के अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।
संक्षिप्त बहस के बीच राज्यसभा से पारित हुआ नया संशोधन बिल
सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के बीच तमिलनाडु से जुड़े एक अन्य मुद्दे को भी उठाने का प्रयास किया गया, जिसे सभापति ने राज्य का विषय बताते हुए खारिज कर दिया। दोपहर 2 बजे के स्थगन के बाद जब दोबारा बैठक शुरू हुई, तो गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 को पटल पर रखा। विपक्ष ने गृह मंत्री की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठाए, लेकिन हंगामे और नारेबाजी के बीच ही इस महत्वपूर्ण विधेयक पर संक्षिप्त चर्चा कराई गई। मंत्री के जवाब के तुरंत बाद दोपहर 2 बजकर 50 मिनट पर राज्यसभा की कार्यवाही को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया।
इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :
प्रश्न 1: संसद के मानसून सत्र में किन दो प्रमुख मुद्दों को लेकर भारी हंगामा हुआ?
उत्तर: विपक्षी दल अयोध्या राम मंदिर के दान में कथित हेरफेर और दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर हंगामा कर रहे थे।
प्रश्न 2: शोर-शराबे के बीच लोकसभा और राज्यसभा में कौन से 2 महत्वपूर्ण विधेयक पास किए गए?
उत्तर: हंगामे के बीच लोकसभा में विनियोग (संख्यांक 3) विधेयक और राज्यसभा में जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया गया।
प्रश्न 3: राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर विपक्ष ने सरकार से क्या स्पष्ट मांग की?
उत्तर: विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने मांग की कि राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों से कराई जाए।
प्रश्न 4: दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के मुद्दे पर विपक्षी दल किस मंत्री से जवाब चाह रहे थे?
उत्तर: विपक्षी सांसद दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए बल प्रयोग को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से सदन में स्पष्टीकरण और जवाब की मांग कर रहे थे।
प्रश्न 5: संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित होने पर सत्ता पक्ष ने क्या आरोप लगाए?
उत्तर: सत्ता पक्ष के मंत्रियों ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष केवल राजनीतिक ड्रामा कर रहा है और महत्वपूर्ण विधायी कार्यों में बाधा डाल रहा है।
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