एजेंसी, नई दिल्ली। Operation Sindoor Martyrs Name : भारत माता की संप्रभुता और देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगाने वाले ऑपरेशन सिंदूर के 6 महान सपूतों के नाम आखिरकार देश के सामने अधिकारिक तौर पर घोषित कर दिए गए हैं। इन परम वीर योद्धाओं के नामों को देश की राजधानी नई दिल्ली में बने प्रतिष्ठित नेशनल वॉर मेमोरियल यानी राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की वेबसाइट पर पूरी इज्जत के साथ शामिल कर लिया गया है। इस ऐतिहासिक कदम के जरिए सरकार ने यह तय किया है कि आने वाली नई नस्लें भी इन जांबाजों के बेमिसाल पराक्रम और अदम्य साहस की गाथा को हमेशा के लिए अपने दिलों में संजोकर रख सकें।
STORY | Names of six personnel who died in action during Op Sindoor inscribed at National War Memorial
The names of six military personnel — five from the Indian Army and one from IAF — who died in the line of duty during Operation Sindoor last year, have been inscribed on a… pic.twitter.com/yeTSmpfVKI
— Press Trust of India (@PTI_News) June 26, 2026
पहलगाम आतंकी हमले के बाद सेना ने शुरू की थी सीमा पार जवाबी कार्रवाई
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि में जाएं तो पिछले साल 22 अप्रैल 2025 को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम इलाके में आतंकवादियों द्वारा एक कायराना हमला अंजाम दिया गया था। इस बड़े हमले के जवाब में भारतीय थल सेना और वायु सेना ने मिलकर सीमा पार बने आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद करने के लिए एक बेहद खुफिया और आक्रामक सैन्य अभियान शुरू किया था, जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का कोडनेम दिया गया था। इस बड़े और खतरनाक सैन्य ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान तथा पाकिस्तान के गैरकानूनी कब्जे वाले कश्मीर के क्षेत्रों में घुसकर आतंकियों को मार गिराया गया था। इसी अति संवेदनशील मोर्चे पर डटे रहकर देश के 6 जांबाज जवानों ने देश की सुरक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की थी।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की गौरवशाली सूची में दर्ज हुए इन 6 शूरवीरों के नाम
लंबे समय के बाद अब रक्षा मंत्रालय की तरफ से इन सभी शहीदों की पहचान को सार्वजनिक मंच पर साझा किया गया है। राष्ट्रीय गौरव की सूची में शामिल होने वाले इन अमर शहीदों में भारतीय थल सेना के जांबाज अधिकारी सूबेदार मेजर पवन कुमार, समर्पित सिपाही राइफलमैन सुनील कुमार, लांस नायक दिनेश कुमार, युवा सैनिक अग्निवीर मूड मुरली नाइक, हवलदार सुनील कुमार सिंह और इसके साथ ही भारतीय वायु सेना के विंग से जुड़े सार्जेंट सुरेंद्र कुमार का नाम प्रमुखता से शामिल है। इन सभी वीरों ने दुश्मन की गोलियों का सामना करते हुए अपनी आखिरी सांस तक देश की अखंडता पर कोई आंच नहीं आने दी।
राइफलमैन सुनील कुमार को मरणोपरांत वीर चक्र और सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को वायु पदक से नवाजा गया
इन छह अमर शहीदों में से 2 जांबाज वीरों को उनकी अद्भुत वीरता और बेमिसाल रणकौशल के लिए मरणोपरांत बेहद प्रतिष्ठित सैन्य पदकों से भी सम्मानित किया गया है। इस अभियान में एलओसी यानी नियंत्रण रेखा के अग्रिम मोर्चे पर अभूतपूर्व पराक्रम दिखाने वाले राइफलमैन सुनील कुमार को भारत के तीसरे सबसे बड़े युद्धकालीन वीरता सम्मान ‘वीर चक्र’ से सम्मानित किया गया। वहीं हवाई मोर्चे पर अपना कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को ‘वायु पदक’ से नवाजा गया है। बीती 8 जून को आयोजित किए गए एक भव्य रक्षा अलंकरण समारोह के दौरान देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शहीदों के परिजनों को यह उच्च सैन्य सम्मान सौंपे। संपूर्ण राष्ट्र अपने इन जांबाज सपूतों के इस महान कर्ज को हमेशा याद रखेगा और उनका यह सर्वोच्च बलिदान हर एक नागरिक के दिल में राष्ट्रभक्ति की अलख जगाता रहेगा।
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