एजेंसी, नोएडा। Noida EV Scooter Fire : उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर नोएडा से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया है। यहां के सेक्टर 66 स्थित मामूरा गांव की एक 4 मंजिला आवासीय इमारत में बुधवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। इस भयावह हादसे के कारण पूरी इमारत में चीख-पुकार मच गई और वहां रह रहे 100 से अधिक लोगों की जान पर बन आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की शुरुआत बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर बने पार्किंग एरिया से हुई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण अग्निकांड में 1 महिला सहित 2 लोगों की दम घुटने और झुलसने के कारण दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
#WATCH | Noida, Uttar Pradesh: Fire broke out at a building in Noida’s Sector 66.
As per DCP Central Noida, fire broke out in an electric scooter (EV) that was plugged in for charging and spread to several other vehicles parked nearby. Two individuals fell ill and were sent to… pic.twitter.com/DtQN0fmlCD
— ANI (@ANI) July 15, 2026
पार्किंग में चार्ज हो रही इलेक्ट्रिक स्कूटी में स्पार्किंग से भड़की चिंगारी
घटना के कारणों की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग क्षेत्र में 1 इलेक्ट्रिक स्कूटर को चार्जिंग पॉइंट पर लगाया गया था। चार्जिंग के दौरान अचानक लिथियम बैटरी या बिजली के बोर्ड में शॉर्ट सर्किट की वजह से तेज स्पार्किंग हुई और स्कूटर ने आग पकड़ ली। चूंकि पार्किंग में अन्य वाहन भी पास-पास खड़े थे, इसलिए आग की लपटों ने कुछ ही सेकंड में वहां मौजूद कई अन्य पेट्रोल वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लिया। पेट्रोल टैंक फटने और रबर-प्लास्टिक के जलने से आग ने बेहद खतरनाक रूप ले लिया और पूरी पार्किंग धू-धू कर जलने लगी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि वे कुछ ही समय में 1st मंजिल की खिड़कियों और छतों तक पहुंच गईं।
जहरीले धुएं के गुबार से हुआ दम घुटने का अहसास
पार्किंग में खड़े वाहनों के जलने से उठने वाला काला और अत्यधिक विषैला धुआं तेजी से ऊपर की ओर बढ़ा। यह धुआं सीढ़ियों और वेंटिलेशन शाफ्ट के रास्ते पूरी 4 मंजिला इमारत के फ्लैटों में घुस गया। अचानक कमरों में धुआं भरने से लोगों को सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी। दम घुटने के कारण 1 महिला और 1 पुरुष की हालत बेहद नाजुक हो गई। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें तुरंत एम्बुलेंस की मदद से नजदीकी जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान और उनके परिजनों से संपर्क करने की प्रक्रिया स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।
दमकल विभाग की 7 गाड़ियों ने सूझबूझ से किया बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय फेस 3 थाना पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में फायर ब्रिगेड की 7 बड़ी गाड़ियां और अत्याधुनिक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म मशीन तुरंत मौके पर पहुंचीं। चूंकि सीढ़ियों वाला रास्ता पूरी तरह से धुएं और आग से ब्लॉक हो चुका था, इसलिए फायर फाइटर्स ने सूझबूझ दिखाते हुए पड़ोस की इमारतों की छतों से सीढ़ियां जोड़कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अपनी जान जोखिम में डालकर दमकल कर्मियों ने खिड़कियों और बालकनी के रास्ते 100 से अधिक फंसे हुए लोगों को बारी-बारी से सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए
इस दुखद हादसे की खबर मिलते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का तुरंत संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने स्थानीय जिला प्रशासन और पुलिस कमिश्नरेट के आला अधिकारियों को घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्यों की कमान संभालने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि फंसे हुए लोगों को बिना किसी देरी के सुरक्षित बाहर निकाला जाए और जो लोग इस हादसे में झुलसे या घायल हुए हैं, उन्हें सरकारी खर्च पर तत्काल सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और प्रशासन को राहत कार्यों की लगातार निगरानी करने को कहा है।
पुलिस ने लीजहोल्डर और ऑपरेटर को हिरासत में लेकर दर्ज किया मुकदमा
इस दर्दनाक अग्निकांड के बाद नोएडा पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस की शुरुआती जांच में बिल्डिंग के प्रबंधन और सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी पाई गई है। इस लापरवाही को लेकर फेस 3 पुलिस स्टेशन में बिल्डिंग के लीजहोल्डर और वहां के ऑपरेटर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने 2 मुख्य आरोपियों को तुरंत हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि रिहायशी इलाकों में बिना फायर एनओसी और बिना सुरक्षा मानकों के चल रही ऐसी इमारतों के खिलाफ आने वाले दिनों में और भी बड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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