New Haj Policy

हज यात्रा को और अधिक आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार लाएगी नई नीति, एआई तकनीक से बदलेगा पंजीकरण का पूरा नियम

नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। New Haj Policy : भारत सरकार के अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने देश के धार्मिक इतिहास को लेकर एक बहुत बड़ी घोषणा की है। उन्होंने बताया कि इस साल की पवित्र हज यात्रा देश के इतिहास की अब तक की सबसे व्यवस्थित और सफल यात्रा साबित हुई है। इस यात्रा पर गए हजारों मुस्लिम श्रद्धालुओं ने सरकारी इंतजामों और बेहतर सुविधाओं की जमकर तारीफ की है और इसके लिए सरकार के प्रति अपना आभार प्रकट किया है। केंद्रीय मंत्री ने भविष्य की यात्राओं को और अधिक सुगम बनाने के लिए आगामी हज की अग्रिम तैयारियों को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक भी की। इस बैठक के बाद आयोजित एक पत्रकार वार्ता में उन्होंने ऐलान किया कि सरकार बहुत जल्द एक नई और ऐतिहासिक हज नीति लेकर आने वाली है, जिससे पूरी व्यवस्था को एक नया और आधुनिक रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस शानदार और बेमिसाल प्रबंधन के कारण भारत को वैश्विक स्तर पर दो बड़े पुरस्कार भी हासिल हुए हैं।

पौने दो लाख श्रद्धालुओं से मिला सकारात्मक संदेश और कम अवधि की यात्रा

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस साल करीब एक लाख पचहत्तर हजार हज यात्रियों ने अपनी धार्मिक यात्रा पूरी की और उन सभी से प्राप्त हुई प्रतिक्रियाएं पूरी तरह से सकारात्मक और उत्साहजनक रही हैं। सरकार की तरफ से हर एक जरूरी काम को बिल्कुल सही समय पर पूरा किया गया था जिससे तीर्थयात्रियों को किसी भी तरह की प्रशासनिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने बताया कि इस बार इतिहास में पहली बार कम अवधि की हज यात्रा यानी शॉर्ट ड्यूरेशन हज की एक अनोखी शुरुआत की गई थी, जिसके तहत दस हजार सीटों का एक विशेष कोटा निर्धारित किया गया था। आम तौर पर जो पारंपरिक हज यात्रा होती है, उसे पूरा होने में लगभग चालीस से पैंतालीस दिनों का एक लंबा समय लग जाता है। लेकिन आज के इस आधुनिक युग में देश के कामकाजी पेशेवरों, नौकरीपेशा लोगों और बुजुर्ग तीर्थयात्रियों की विशेष सहूलियत और समय की कमी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसकी अवधि को घटाकर महज पंद्रह से बीस दिनों का कर दिया। इस नई व्यवस्था का लाभ उठाने वाले कई श्रद्धालुओं ने निजी तौर पर मंत्री से मुलाकात करके इस अभूतपूर्व प्रबंधन के लिए प्रधानमंत्री और उनके मंत्रालय की सराहना की।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीक से बदलेगी पूरी व्यवस्था

केंद्रीय मंत्री ने भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हज की पूरी आवेदन प्रक्रिया को और अधिक आधुनिक और आसान बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा क्रांतिकारी कदम उठाया जा रहा है। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने इस पूरी व्यवस्था को तकनीकी रूप से बदलने का फैसला किया है। इसके लिए सरकार एक विशेष कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई एप्लीकेशन आधारित प्रणाली लागू करने जा रही है। इस नई तकनीक के आने के बाद तीर्थयात्रियों के आवेदन स्वीकार करने की प्रक्रिया से लेकर यात्रा के अंतिम पड़ाव और उसके समापन तक की पूरी व्यवस्था को इस आधुनिक कंप्यूटर तकनीक से जोड़ दिया जाएगा। इस बड़े डिजिटल बदलाव की वजह से पूरी चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और ईमानदारी बढ़ेगी, बिचौलियों का अंत होगा और दूरदराज के इलाकों से आवेदन करने वाले गरीब और आम श्रद्धालुओं को भी बिना किसी परेशानी के देश से बाहर जाने और अपनी धार्मिक यात्रा पूरी करने के लिए पहले से कहीं बेहतर और विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकेंगी।

आगामी वर्ष दो हजार सत्ताईस की एडवांस तैयारियां

केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने साफ लफ्जों में स्पष्ट किया कि इस साल की सफलता को देखते हुए सरकार हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठी है, बल्कि आगामी वर्ष दो हजार सत्ताईस की हज यात्रा के लिए अभी से युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सरकार जो नई हज नीति लाने जा रही है, उसमें पुराने अनुभवों से सीख लेते हुए और अधिक बड़े प्रशासनिक और व्यावहारिक सुधारों पर विशेष जोर दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, भारत सरकार का अंतिम और मुख्य लक्ष्य देश के प्रत्येक नागरिक की हज यात्रा को और अधिक सुगम, पूरी तरह सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक तकनीक से भरपूर बनाना है। इस साल के बेहद सफल हज अभियान ने न केवल देश के भीतर एक अच्छा संदेश दिया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर और वैश्विक मंच पर भी भारत के बेहतरीन प्रबंधन की छवि को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और ऊंचा किया है। इस वर्ष के हज को हमेशा के लिए यादगार बनाने में सरकार के ईमानदार प्रयासों और श्रद्धालुओं के सुखद अनुभवों ने एक बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।

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