NEET UG 2026

NEET UG 2026 परीक्षा रद्द : पेपर लीक के काले खेल ने 22 लाख छात्रों का भविष्य संकट में डाला, अब CBI करेगी पर्दाफाश

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली/नासिक। NEET UG Cancelled : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट यूजी 2026’ को लेकर एक बहुत ही दुखद और बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीऐ) ने पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद इस साल की परीक्षा को रद्द करने का कड़ा फैसला लिया है। इस निर्णय से लगभग 22 लाख से अधिक परीक्षार्थियों की कड़ी मेहनत पर पानी फिर गया है और उनका भविष्य फिलहाल अधर में लटक गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इस पूरे घोटाले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई है।

प्रश्नपत्र लीक का खुलासा और राजस्थान पुलिस की बड़ी कार्रवाई

बीते 3 मई को देशभर में आयोजित हुई इस प्रवेश परीक्षा को लेकर शुरुआत में केवल अफवाहें उड़ रही थीं, लेकिन राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) ने अपनी जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच के दौरान यह पाया गया कि परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर जो ‘गेस पेपर’ वायरल हो रहा था, उसके लगभग 120 से 150 सवाल मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल खाते थे। विशेष रूप से केमिस्ट्री के 30 और बायोलॉजी के 90 सवाल सीधे तौर पर लीक हुए पेपर से लिए गए थे। इससे यह साफ हो गया कि पेपर छपाई की प्रक्रिया के दौरान या उससे पहले ही प्रश्नपत्रों का सेट माफियाओं के हाथ लग गया था।

नासिक से जुड़ा है पेपर लीक का मुख्य केंद्र

प्रारंभिक जांच और खुफिया जानकारी के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े की शुरुआत महाराष्ट्र के नासिक से हुई है। बताया जा रहा है कि नासिक के किसी प्रिंटिंग प्रेस या बड़े कोचिंग नेटवर्क के जरिए संदिग्ध प्रश्न पत्र तैयार किए गए और उन्हें व्हाट्सएप तथा टेलीग्राम जैसे डिजिटल माध्यमों से देशभर में फैलाया गया। राजस्थान की एसओजी ने सीकर और जयपुर जैसे बड़े कोचिंग हब्स में छापेमारी कर अब तक 45 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए लोगों में सीकर के एक नामी संस्थान का करियर काउंसलर भी शामिल है। यह गिरोह ‘प्राइवेट माफिया’ नाम के व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए इस काले कारोबार को अंजाम दे रहा था, जहां प्रश्नपत्रों की कीमत लाखों रुपये में वसूली जा रही थी।

छात्रों के लिए राहत और भविष्य की तैयारी

एनटीऐ ने परीक्षा रद्द करने के साथ ही स्पष्ट किया है कि व्यवस्था की साख बचाए रखने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य था। छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एजेंसी ने तीन महत्वपूर्ण बातें स्पष्ट की हैं:

  • परीक्षार्थियों को दोबारा आवेदन करने या नया फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होगी।

  • पुनः परीक्षा के लिए किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

  • छात्रों का पुराना रजिस्ट्रेशन और पूर्व में चुना गया परीक्षा केंद्र ही मान्य रहेगा।

राजनीतिक तंज और देशव्यापी आक्रोश

परीक्षा रद्द होने के बाद देश के लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। इसी बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस भ्रष्ट व्यवस्था ने लाखों बच्चों के सपनों को कुचल दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का ‘अमृतकाल’ अब युवाओं के लिए ‘विषकाल’ में तब्दील हो गया है। विपक्ष ने मांग की है कि पेपर माफियाओं के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी छात्र की मेहनत के साथ खिलवाड़ न हो सके। अब सभी की नजरें सीबीआई की जांच और दोबारा होने वाली परीक्षा की नई तारीखों पर टिकी हैं।

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