एजेंसी, नई दिल्ली। NEET UG 2026 Exam : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (यूजी) में शामिल होने वाले लाखों छात्र-छात्राओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है। परीक्षा का आयोजन करने वाली संस्था राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने इस परीक्षा को छात्र-अनुकूल और अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से इसके कुल समय में पंद्रह मिनट की बढ़ोतरी करने का एक बड़ा निर्णय लिया है। नियामक संस्था द्वारा शुक्रवार को जारी की गई एक आधिकारिक सूचना के अनुसार, आगामी इक्कीस जून को आयोजित होने वाली इस मुख्य प्रवेश परीक्षा की कुल अवधि को बढ़ाकर अब एक सौ पचानवे मिनट कर दिया गया है। समय में किए गए इस बदलाव के बाद अब यह परीक्षा दोपहर दो बजे से शुरू होकर शाम सवा पांच बजे तक संपन्न होगी।
The National Testing Agency (NTA) is committed to ensuring that NEET (UG)-2026 examination is conducted in a manner that is fair, secure and responsive to the needs of candidates. As part of this effort, a few candidate-friendly changes have been introduced for NEET (UG) 2026,… pic.twitter.com/eRw2KyleIU
— ANI (@ANI) June 12, 2026
जरूरी कागजी कार्रवाई के चलते वास्तविक समय में नहीं होगी कटौती
परीक्षा नियामक संस्था ने स्पष्ट किया है कि समय में की गई इस पंद्रह मिनट की बढ़ोतरी का मुख्य उद्देश्य छात्रों को मानसिक तनाव से बचाना है। अक्सर देखा जाता था कि परीक्षा कक्ष के भीतर उपस्थिति पत्रक पर हस्ताक्षर करने, अंगूठे का निशान लेने और अन्य जरूरी प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूरा करने में छात्रों का काफी समय बर्बाद हो जाता था। इस अतिरिक्त समय को जोड़ने के बाद अब छात्र इन सभी अनिवार्य सरकारी प्रक्रियाओं को बिना किसी जल्दबाजी के पूरा कर सकेंगे, जिससे उन्हें अपने मुख्य प्रश्न पत्र को हल करने के लिए मिलने वाले वास्तविक समय में किसी भी प्रकार की कमी या नुकसान का सामना नहीं करना पड़ेगा।
रफ कार्य के पन्नों की संख्या हुई दोगुनी
अतिरिक्त समय प्रदान करने के साथ-साथ राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने परीक्षार्थियों की एक और बड़ी समस्या का समाधान कर दिया है। भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान जैसे विषयों में लंबी गणनाओं, सूत्रों और रेखाचित्रों को बनाने के लिए छात्रों को मिलने वाली प्रश्न पुस्तिका में रफ कार्य के स्थान को भी काफी ज्यादा बढ़ा दिया गया है। पूर्व में आयोजित हुई परीक्षाओं में जहां छात्रों को रफ काम करने के लिए प्रश्न पुस्तिका के भीतर केवल दो खाली पन्ने दिए जाते थे, वहीं अब नए नियमों के तहत पन्नों की संख्या को दोगुना करते हुए कुल चार खाली पन्ने उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे परीक्षार्थियों को कठिन सवालों की गणनाएं और आरेख बनाने में काफी सुविधा मिलेगी।
प्रश्न पुस्तिका के डिजाइन में हुआ ऐतिहासिक बदलाव
संस्था ने इस बार प्रश्न पुस्तिका के पारंपरिक ऊर्ध्वाधर और आंतरिक ढांचे (डिजाइन) में भी एक बहुत बड़ा मानवीय बदलाव किया है। इससे पहले तक रफ काम करने के लिए दिए जाने वाले सभी खाली पन्ने हमेशा मुख्य पुस्तिका के बिल्कुल आखिरी हिस्से में छपे होते थे। इस व्यवस्था के कारण कई अभ्यर्थियों, विशेषकर बाएं हाथ से लिखने वाले (लेफ्ट हैंडेड) छात्र-छात्राओं को बार-बार पन्ने पलटने में भारी असुविधा और समय की बर्बादी झेलनी पड़ती थी। इस व्यावहारिक समस्या को दूर करने के लिए अब दो रफ पन्ने मुख्य निर्देशों वाले पृष्ठ के तुरंत बाद यानी पुस्तिका की शुरुआत में दिए जाएंगे और शेष दो पन्ने हमेशा की तरह पुस्तिका के अंत में रहेंगे। यह नई व्यवस्था अंग्रेजी भाषा के साथ-साथ सभी क्षेत्रीय भाषाओं के प्रश्न पत्रों में भी समान रूप से लागू की जाएगी।
निष्पक्षता और सुरक्षा के मानकों से समझौता किए बिना सुधार
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली के भीतर किए गए ये छोटे-छोटे सुधारात्मक कदम देश के होनहार विद्यार्थियों के परीक्षा अनुभव को कहीं अधिक बेहतर, तनावमुक्त और सहज बनाने में मददगार साबित होंगे। इन सभी ऐतिहासिक बदलावों का एकमात्र मुख्य उद्देश्य समूची परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी, सुगम और पूरी तरह छात्र-केंद्रित बनाना है। इसके साथ ही संस्था ने यह भी भरोसा दिलाया है कि छात्रों को दी जाने वाली इन सुविधाओं के बीच परीक्षा की राष्ट्रीय निष्पक्षता, गोपनीयता और सुरक्षा के उच्चतम डिजिटल मानकों के साथ किसी भी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें


