NEET Re Exam Update

नीट दोबारा परीक्षा को लेकर मध्य प्रदेश में कड़े सुरक्षा इंतजाम : मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संभाली कमान, परीक्षा केंद्रों पर लगेंगे जैमर्स, अभिभावकों के लिए बनेंगे विशेष प्रतीक्षा स्थल

देश/प्रदेश प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, भोपाल। NEET Re Exam Update : चिकित्सा पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए होने वाली नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा (री-एग्जाम) को लेकर मध्य प्रदेश सरकार पूरी तरह से सतर्क और मुस्तैद नजर आ रही है। आगामी 21 जून को राज्य के 30 प्रमुख जिलों में बनाए गए 283 परीक्षा केंद्रों पर इस परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा को पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद कमान संभाल ली है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को प्रशासनिक और पुलिस विभाग के आला अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक के दौरान उन्होंने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और छात्रों की सुविधाओं को लेकर की गई तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि परीक्षा के सफल आयोजन में किसी भी स्तर पर कोई कोताही न बरती जाए।

केंद्र सरकार से लगातार संपर्क में सूबा, परीक्षार्थियों के लिए चलेंगी विशेष बसें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए साफ किया कि मध्य प्रदेश सरकार इस परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के साथ लगातार जीवंत संपर्क बनाए हुए है। सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राओं को किसी भी तरह की मानसिक या शारीरिक परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं ताकि बच्चों को दोबारा परीक्षा देने में कोई कठिनाई न हो। परीक्षा के दिन सुबह 11 बजे से ही केंद्रों पर परीक्षार्थियों का प्रवेश शुरू हो जाएगा, जहाँ उनके रोल नंबर और पहचान पत्रों की बेहद बारीकी से जांच की जाएगी। इसके साथ ही, परीक्षा के दिन प्रमुख शहरों और केंद्रों तक आने-जाने के लिए परीक्षार्थियों की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन द्वारा विशेष बसों की व्यवस्था भी की जा रही है ताकि यातायात सुगम बना रहे।

अभिभावकों के लिए बनेंगे रिफ्रेशमेंट सेंटर, सुरक्षा के लिए लगेंगे जैमर्स

इस बार परीक्षा केंद्रों पर केवल छात्रों का ही नहीं, बल्कि उनके साथ आने वाले माता-पिता और अभिभावकों की सहूलियत का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि परीक्षा केंद्रों के ठीक बाहर अभिभावकों के बैठने के लिए उचित प्रतीक्षा स्थलों और रिफ्रेशमेंट सेंटरों का निर्माण किया जा रहा है ताकि भीषण गर्मी के इस मौसम में परीक्षा समाप्त होने तक वे आराम से वहां समय बिता सकें। इसके अलावा, परीक्षा की शुचिता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की डिजिटल या तकनीकी धांधली को रोकने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक जैमर्स और अन्य सुरक्षा संसाधनों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि भारत सरकार बच्चों के उज्जवल भविष्य के हित में इस परीक्षा को पूरी तरह से सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

जेडीयू का दावा: प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए उठाए गए अभूतपूर्व कदम

दूसरी ओर, इस आगामी परीक्षा को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दावा किया है कि इस बार नीट परीक्षा को पूरी तरह से पारदर्शी और लीक-प्रूफ बनाने के लिए देश भर में पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों ने आपसी समन्वय के साथ प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, उनकी छपाई से लेकर परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए बेहद कड़े और अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। राजीव रंजन ने कहा कि इस नई और अभेद्य सुरक्षा प्रणाली के कारण इस बार पेपर लीक जैसी अवांछनीय घटनाओं की गुंजाइश न के बराबर है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि किसी ने भी छात्रों के भविष्य और देश की प्रतिष्ठा के साथ खिलवाड़ करने की जरा भी कोशिश की, तो उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

राबड़ी देवी के बंगले के विवाद पर जेडीयू प्रवक्ता का दोटूक बयान

इसी बातचीत के दौरान जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर चल रहे विवाद पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राबड़ी देवी को उनकी संवैधानिक हैसियत और गरिमा के अनुरूप ही पटना में सरकारी आवास आवंटित किया गया है। भवन निर्माण विभाग के तय नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत ही किसी भी राजनेता को निवास स्थान दिया जाता है। चूंकि राबड़ी देवी वर्तमान में बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के बेहद महत्वपूर्ण पद पर आसीन हैं, इसलिए उन्हें एक बड़ा और पर्याप्त क्षेत्रफल वाला सरकारी बंगला मिला हुआ है। ऐसे में विपक्ष द्वारा किसी अन्य विशेष बंगले को लेकर जो लगातार मांग या आग्रह किया जा रहा है, वह पूरी तरह से समझ से परे और राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने साफ कहा कि बिहार की नीतीश सरकार में सभी फैसले केवल नियमों के आधार पर होते हैं और किसी भी व्यक्ति को विशेषाधिकार नहीं दिया जा सकता।

शिवसेना (यूबीटी) में असंतोष और बिहार के फैसल-रोशन विवाद पर प्रतिक्रिया

जेडीयू प्रवक्ता ने महाराष्ट्र की राजनीति और शिवसेना (यूबीटी) के भीतर चल रही उठापटक पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे की पार्टी के भीतर इस समय गंभीर संवादहीनता की स्थिति बनी हुई है। पार्टी के सांसदों, विधायकों और जमीनी कार्यकर्ताओं को अपने ही शीर्ष नेतृत्व से मिलने और अपनी शिकायतें दर्ज कराने का मौका नहीं मिल रहा है, जिसके कारण दल के भीतर भारी असंतोष है और इसी वजह से पार्टी में लगातार बड़ी बगावत और विभाजन की खबरें सामने आ रही हैं। इसके अलावा, बिहार के चर्चित फैसल खान और रोशन आनंद विवाद पर बोलते हुए उन्होंने इसे एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक घटना करार दिया। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि बिहार सरकार ने इस पूरे मामले की अत्यंत निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के आदेश दे दिए हैं। फिलहाल पटना पुलिस की विशेष विंग इस पूरे प्रकरण की गहराई से तफ्तीश कर रही है और जांच में जो भी तथ्य या साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून अपना काम करेगा और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

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