MP VBGramG Yojana

मध्य प्रदेश में 1 जुलाई से मनरेगा की जगह शुरू होगी ‘वीबीजीरामजी’ योजना, 125 दिन के रोजगार के साथ मिलेगा बेरोजगारी भत्ता

प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, भोपाल। MP VBGramG Yojana : मध्य प्रदेश के ग्रामीण विकास और विनिर्माण क्षेत्र में एक बहुत बड़ा प्रशासनिक बदलाव होने जा रहा है। प्रदेश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के स्थान पर अब नई ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी ‘वीबीजीरामजी’ योजना आगामी 1 जुलाई से पूरी तरह लागू कर दी जाएगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने की अपनी प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं। इस नई व्यवस्था को राज्य में सुचारू रूप से संचालित करने के लिए बेहद जल्द ही मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में एक मुख्य प्रस्ताव मंजूरी के लिए लाया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

कार्य और विकास की दृष्टि से तीन विशेष श्रेणियों में बटेंगी ग्राम पंचायतें

इस नई योजना के अंतर्गत प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों की रूपरेखा को सुदृढ़ करने के लिए उन्हें कार्य निष्पादन की दृष्टि से 3 विशेष श्रेणियों में विभाजित किया जा रहा है। पहली श्रेणी में उन ग्राम पंचायतों को रखा जाएगा जहां वर्तमान में कम विकास कार्य कराने की आवश्यकता है। दूसरी मध्यम श्रेणी की पंचायतें होंगी, जबकि तीसरी श्रेणी में उन पिछड़ी और दूरस्थ पंचायतों को शामिल किया जाएगा जिनमें विकास के अत्यधिक काम कराए जाने की जरूरत है। इस वर्गीकरण से ग्रामीण विकास के बजट का सही और पारदर्शी आवंटन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

रोजगार की गारंटी बढ़कर हुई 125 दिन, काम न मिलने पर सीधा खाते में आएगा भत्ता

देशभर के साथ-साथ मध्य प्रदेश में लागू हो रही इस नई योजना में केंद्र और राज्य सरकार ने श्रमिकों के हित में कई बड़े बदलाव किए हैं। पूर्ववर्ती मनरेगा योजना के तहत मिलने वाली 100 दिनों की रोजगार गारंटी को अब बढ़ाकर सीधे 125 दिन कर दिया गया है। इसके साथ ही श्रमिकों के आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए योजना में यह ऐतिहासिक प्रावधान भी जोड़ा जा रहा है कि यदि किसी पंजीकृत श्रमिक को आवेदन करने के बाद काम नहीं मिल पाता है, तो उसे नियमानुसार बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। यह भत्ते की राशि बिना किसी बिचौलिये के सीधे श्रमिक के बैंक खाते में स्थानांतरित (डीबीटी) की जाएगी।

15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान और वित्तीय गड़बड़ियों पर लगेगी लगाम

पुरानी मनरेगा योजना में सबसे बड़ी समस्या यह आती थी कि केंद्र सरकार के हिस्से का बजट समय पर न मिलने के कारण श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान महीनों अटक जाता था और विकास कार्य भी बीच में ही रुक जाते थे। इसके अलावा सोशल ऑडिट में कई तरह की वित्तीय गड़बड़ियां और भ्रष्टाचार के मामले भी सामने आते थे। इन कमियों को दूर करने के लिए ‘वीबीजीरामजी’ योजना में एक पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था की जा रही है, जिसके तहत कार्य पूरा होने के मात्र 15 दिनों के भीतर हर हाल में मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इस योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश सहित सभी राज्यों को अग्रिम बजट राशि भी आवंटित कर दी है।

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