MP UCC Tribal Law

समान नागरिक संहिता के दायरे से बाहर रहेगा मध्य प्रदेश का आदिवासी समाज, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुजरात और उत्तराखंड मॉडल को बताया आधार

प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, भोपाल। MP UCC Tribal Law : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के क्रियान्वयन को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक नीतिगत घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने साफ लफ्जों में स्पष्ट किया है कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता को लागू करने के प्रशासनिक प्रयास बहुत तेजी से चल रहे हैं, परंतु इसके दायरे से राज्य के मूल निवासी आदिवासी समाज को पूरी तरह से अलग रखा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य स्पष्ट है कि सभी सामान्य नागरिकों के लिए एक समान कानून और न्यायसंगत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे भारतीय संविधान में निहित न्याय एवं समानता के मूलभूत सिद्धांतों को और अधिक मजबूती प्रदान की जा सके, लेकिन इसमें जनजातीय समाज की विशिष्टताओं का पूरा ख्याल रखा जाएगा।

गुजरात और उत्तराखंड के तर्ज पर आदिवासी परंपराओं का सम्मान

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यूसीसी के भीतर आदिवासी समुदाय की स्थिति और उनके अधिकारों को लेकर उठ रहे तमाम कयासों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में अपनाई जा रही यह नई व्यवस्था पूरी तरह से देश के अन्य राज्यों जैसे गुजरात और उत्तराखंड में लागू किए गए वैधानिक मॉडलों के अनुरूप ही तैयार की गई है। इस विशेष छूट का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समाज की सदियों पुरानी पारंपरिक व्यवस्थाओं, उनके रूढ़िगत कानूनों, विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और संविधान द्वारा उन्हें दिए गए विशेष अधिकारों का पूर्ण सम्मान व संरक्षण सुनिश्चित करना है। सरकार किसी भी कीमत पर आदिवासियों की सांस्कृतिक धरोहर के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होने देगी।

सर्वोच्च संवैधानिक पद और गौरव दिवस से वनवासी समाज का सशक्तिकरण

आदिवासी वर्ग के कल्याण और उनके सामाजिक उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने हमेशा वनवासी समाज के सम्मान को सर्वोपरि रखा है। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को राष्ट्रीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की ऐतिहासिक शुरुआत से लेकर उनके सर्वांगीण सशक्तिकरण के लिए लगातार धरातलीय कार्य किए गए हैं। उन्होंने देश की राजनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि इतिहास में पहली बार एक आदिवासी समाज की बहन को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद यानी राष्ट्रपति के रूप में आसीन करके पूरे समाज का गौरव बढ़ाया गया है। आज वर्तमान सरकार इस वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए आगे बढ़ रही है।

धार का मित्र पार्क और औद्योगिक विकास की नई ऊंचाइयां

राज्य के आर्थिक और औद्योगिक परिदृश्य पर बात करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है। राज्य के धार जिले में विकसित किया जा रहा ‘पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क’ इसका सबसे सशक्त और जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है। इस औद्योगिक पार्क के भीतर मौजूद सभी औद्योगिक भूखंडों (प्लॉट्स) का आवंटन पूरी तरह से संपन्न हो चुका है। वर्तमान समय में वहाँ विभिन्न बड़ी औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के साथ-साथ बुनियादी अधोसंरचना और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के तमाम कार्य भी युद्ध स्तर पर और अत्यंत तीव्र गति से प्रगति पर हैं, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

उज्जैन सिंहस्थ महाकुंभ की भव्य तैयारियां और प्रशासनिक चुनौतियां

मध्य प्रदेश की प्राचीन और धार्मिक नगरी उज्जैन में आगामी समय में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे विश्व का सबसे विशाल और भव्य आध्यात्मिक समागम करार दिया। उन्होंने प्रशासनिक तैयारियों का ब्यौरा देते हुए कहा कि स्वाभाविक रूप से यह आयोजन राज्य प्रशासन के लिए एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी और परीक्षा की घड़ी है, क्योंकि महज आठ से दस लाख की मूल आबादी वाले इस धार्मिक शहर में महाकुंभ के दौरान देश-विदेश से चालीस करोड़ से भी अधिक श्रद्धालुओं और संतों का पवित्र आगमन होने की उम्मीद है। इतने बड़े पैमाने पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुख-सुविधा, चाक-चौबंद सुरक्षा और सुगम आवागमन की व्यवस्थाओं को त्रुटिहीन बनाने के लिए अभी से व्यापक स्तर पर प्रबंधन और बुनियादी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

वैदिक काल का सनातन योग अब वैश्विक स्तर पर एकसूत्र का माध्यम

अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में मुख्यमंत्री ने आगामी विश्व योग दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वैदिक काल से ही हमारी सनातन संस्कृति और चिकित्सा पद्धति में योग का एक अत्यंत विशिष्ट स्थान रहा है। योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य को ठीक रखने का कोई साधन मात्र नहीं है, बल्कि यह मनुष्य के समग्र मानसिक और आध्यात्मिक जीवन-दर्शन का मुख्य आधार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण ही आज भारतीय योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बहुत बड़ी पहचान हासिल हुई है और आज पूरी दुनिया इसे एक स्वस्थ, संतुलित और संपूर्ण विश्व को आपस में एकसूत्र में जोड़ने वाले सबसे सशक्त और प्रभावशाली माध्यम के रूप में स्वीकार कर रही है।

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