नई दिल्ली: मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित अन्य राज्यों में होने वाले विधानसभा और 2024 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा अपने संगठन को मजबूत करने में जुटी है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा पांच राज्यों (मध्य प्रदेश, झारखंड, पंजाब, तेलंगाना और केरल) के प्रदेश अध्यक्ष को बदलने जा रही है। कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि मोदी कैबिनेट में भी बदलाव हो सकता है। 6,7 और 8 जुलाई को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और सभी मोर्चों के अध्यक्ष क्षेत्रीय नेताओं के साथ बैठक करेंगे।इस बीच पंजाब के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया। हालांकि, अभी तक इसकी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। कांग्रेस से भाजपा में आए सुनील जाखड़ को पंजाब भाजपा की कमान सौंपने की चर्चा है। 28 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा सहित कई दिग्गज नेताओं के साथ बैठक की थी।
बैठक में नड्डा की मौजूदगी से राज्य स्तर से लेकर सरकार और भाजपा संगठन में बदलाव पर चर्चा की गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सबसे ज्यादा चर्चा धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव के नाम पर है। इन नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। तीन जुलाई को दिल्ली के प्रगति मैदान में केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक है, जिसकी अध्यक्षता पीएम मोदी करेंगे। इस बैठक की तारीख सामने आने से एक दिन पहले मोदी ने पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक की थी। ऐसे में संभावना है कि मंत्रिपरिषद में बदलाव हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र में एनसीपी के कुछ विधायकों के एनडीए में आने के बाद उनके कोटे से प्रफुल्ल पटेल को कैबिनेट में जगह दी जा सकती है।
वहीं, महाराष्ट्र में शिंदे गुट की शिवसेना को भी केंद्रीय कैबिनेट में जगह मिल सकती है। इसके अलावा बिहार से रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान को भी कैबिनेट में लाने की चर्चा है। बिहार से ही नीतीश का विरोध कर जेडीयू छोड़ने वाले आरसीपी सिंह और उपेंद्र कुशवाहा को भी कैबिनेट में शामिल करने की चर्चा है। 6,7 और 8 जुलाई को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और सभी मोर्चों के अध्यक्ष क्षेत्रीय नेताओं के साथ बैठक करेंगे। यह पहला मौका है जब भाजपा तीन क्षेत्रों (पूर्वी, उत्तरी और दक्षिणी) के मोर्चा और महासचिवों के अध्यक्षों के साथ बैठकें करेगी।


