एजेंसी, सहारनपुर। Lallan Singh Encounter : उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष कार्य बल यानी एसटीएफ को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। दो राज्यों में आतंक का पर्याय बन चुके और सवा लाख रुपये के भारी-भरकम इनामी बदमाश ललन सिंह को पुलिस बल ने एक भीषण मुठभेड़ में मार गिराया है। यह कुख्यात अपराधी लंबे समय से कानून की नजरों से बचकर भाग रहा था और उत्तर प्रदेश के साथ-साथ बिहार की पुलिस भी इसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। सहारनपुर के सरसावा-नकुर मार्ग पर आधी रात के वक्त जब पुलिस चेकिंग अभियान चला रही थी, उसी दौरान यह मुठभेड़ हुई, जिसमें यह खतरनाक अपराधी मारा गया, जबकि इसका एक अन्य मददगार अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से रफूचक्कर होने में सफल रहा।
VIDEO | Uttar Pradesh: Wanted criminal Lallan Singh carrying a combined bounty of Rs 1.25 lakh shot dead in a police encounter in Saharanpur.
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— Press Trust of India (@PTI_News) June 22, 2026
अपराधी का खौफनाक इतिहास और आपराधिक साम्राज्य
ललन सिंह उर्फ लल्लन का गुनाहों का रिकॉर्ड बेहद लंबा और डरावना था। वह मुख्य रूप से बिहार राज्य के समस्तीपुर जिले के अंतर्गत आने वाले मोहिउद्दीनपुर थाना क्षेत्र के आनंदगोलवा गांव का निवासी था। उसने अपने भाइयों और कुछ अन्य दुर्दांत अपराधियों को मिलाकर एक बहुत ही सुसंगठित आपराधिक गैंग बना रखा था। यह गैंग दोनों राज्यों में बेहद सक्रिय था। इस अपराधी के ऊपर सात निर्दोष लोगों की जान लेने का संगीन आरोप दर्ज था। इसके अलावा उसने कई बड़ी बैंक डकैतियां डाली थीं, बैंकों की नकदी ले जाने वाले वाहनों को लूटा था और पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए दो सब-इंस्पेक्टरों की भी जान ले ली थी। उसके बढ़ते हुए अपराधों को देखते हुए उत्तर प्रदेश की वाराणसी पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये और चंदौली पुलिस ने पच्चीस हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था।
आधी रात को इस तरह हुई मुठभेड़
एसटीएफ की टीम को खुफिया सूत्रों से यह गुप्त जानकारी मिली थी कि यह कुख्यात अपराधी सहारनपुर के इलाके में छिपा हुआ है और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में है। इस सटीक सूचना के आधार पर पुलिस के अतिरिक्त अधीक्षक लाल प्रताप सिंह के कुशल मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया और रात के वक्त गश्त तेज कर दी गई। सरसावा-नकुर मार्ग पर आने-जाने वाले संदिग्ध वाहनों की कड़ाई से जांच की जा रही थी। इसी बीच बाइक पर सवार दो संदिग्ध व्यक्ति आते हुए दिखाई दिए। जब पुलिस टीम ने उन्हें रुकने का इशारा किया और चारों तरफ से घेराबंदी शुरू की, तो खुद को फंसा हुआ देखकर बदमाशों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर सीधे अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
जवाबी कार्रवाई और अस्पताल में मौत
अपराधियों की तरफ से अचानक हुई इस गोलीबारी के बाद पुलिस बल ने भी आत्मरक्षार्थ तुरंत जवाबी मोर्चा संभाला और गोलियां चलाईं। दोनों तरफ से हुई इस भीषण गोलीबारी में ललन सिंह गंभीर रूप से जख्मी होकर जमीन पर गिर पड़ा, जबकि उसका दूसरा साथी इस अफरा-तफरी का लाभ उठाकर मौके से भागने में कामयाब हो गया। पुलिस टीम घायल अपराधी को तुरंत नजदीकी सरसावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची, जहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बड़े अस्पताल के लिए भेज दिया। वहां के चिकित्सकों ने गहन जांच के बाद ललन सिंह को मृत घोषित कर दिया।
दारोगा पर हमला कर सरकारी हथियार लूटा था
ललन सिंह का उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल इलाके में बहुत ज्यादा आतंक था। उसने साल 2022 के नवंबर महीने में वाराणसी के भीतर एक बेहद दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया था। वहां उसने एक सब-इंस्पेक्टर के ऊपर जानलेवा हमला करते हुए उन्हें गोली मार दी थी और उनकी सरकारी पिस्टल लूट कर फरार हो गया था। इस घटना के बाद से ही वाराणसी और चंदौली की पुलिस उसकी तलाश में दिन-रात एक कर रही थी, लेकिन वह पुलिस की पकड़ से दूर रहने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर इलाके में आकर छिप गया था। पुलिस अब उसके भागे हुए साथी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
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