एजेंसी, किश्तवाड़। Kishtwar Doda Flood Landslide : जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय जिलों में मौसम के बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई है। किश्तवाड़ जिले में मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ और भीषण भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। जिले में निर्माणाधीन 540 मेगावॉट की क्षमता वाले प्रसिद्ध क्वार हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के नजदीकी इलाके इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गए हैं। पहाड़ी से गिरे मलबे और भारी पत्थरों की चपेट में आने से परियोजना स्थल के पास खड़ी कई गाड़ियां मलबे के नीचे पूरी तरह दब गईं। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस अचानक आए भूस्खलन के कारण कई वाहनों को बहुत गंभीर नुकसान पहुंचा है और वे मलबे में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
Heavy rainfall has triggered a major landslide near the 540 MW Kwar Power Project in Kishtwar, burying several vehicles under debris. Multiple vehicles have sustained extensive damage and remain trapped beneath the landslide material.
Debris clearance operations are currently… pic.twitter.com/hGAFok2j0t— Kashmir Weather (@Kashmir_Weather) July 6, 2026
प्रभावित इलाकों में भारी मशीनों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों की टीमों ने बिना समय गंवाए प्रभावित इलाके में मोर्चा संभाल लिया है। मलबे के नीचे दबे वाहनों को सुरक्षित बाहर निकालने और प्रभावित क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को दोबारा सुचारू रूप से बहाल करने के लिए बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है। रेस्क्यू ऑपरेशन को गति देने के लिए आधुनिक और भारी मशीनों को काम पर लगाया गया है। इस बीच, किश्तवाड़ के पड़ोसी जिले डोडा के कई हिस्सों से भी अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के कारण भारी तबाही की खबरें सामने आ रही हैं। डोडा में आई इस बाढ़ ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है और कई स्थानों पर बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह है कि प्रशासन के अनुसार फिलहाल किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्थिति की समीक्षा कर दी बड़ी राहत
जम्मू-कश्मीर के इन जिलों में आई इस आपदा के बाद केंद्र सरकार भी पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस पूरी स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए रखी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के माध्यम से इस घटना की ताजा स्थिति साझा की। उन्होंने बताया कि किश्तवाड़ में आई इस आपदा की रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद उन्होंने जम्मू के संभागीय उपायुक्त रमेश कुमार से फोन पर बात करके पूरे हालात की विस्तृत जानकारी ली है। उन्होंने बताया कि अचानक आई बाढ़ का पानी निर्माणाधीन 540 मेगावॉट क्वार हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के मुख्य परिसर के भीतर तक प्रवेश कर गया था, जिससे शुरुआती समय में भारी नुकसान की आशंका पैदा हो गई थी।
हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट का हर हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित
केंद्रीय मंत्री ने अपने आधिकारिक बयान में देश को आश्वस्त करते हुए आगे कहा कि इस पूरी आपदा में सबसे राहत की बात यह रही कि किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। समय रहते की गई प्रशासनिक सतर्कता के कारण बिजली परियोजना से जुड़ी महत्वपूर्ण और कीमती भारी मशीनरी को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित स्थानों पर समय रहते पहुंचा दिया गया था। उन्होंने साफ किया कि कुल मिलाकर देखा जाए तो इस विशाल निर्माणाधीन हाइड्रो प्रोजेक्ट का हर एक हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित है और मुख्य ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। वर्तमान में प्रशासन और परियोजना से जुड़े अधिकारी पूरी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
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