Khamenei funeral

ग्लोबल टेंशन : ईरान ने अमेरिका और इजरायल को दी सख्त चेतावनी, खामेनेई के अंतिम संस्कार पर हमले के भुगतने होंगे गंभीर नतीजे

देश/प्रदेश

एजेंसी, तेहरान। Khamenei funeral attack threat : मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। ईरान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उसके पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान किसी भी तरह की सैन्य हिमाकत या हमला किया गया, तो इसके बेहद भयानक और गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। यह तीखी प्रतिक्रिया अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कट्टपपंथी समर्थक लॉरा लूमर के उस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद आई है, जिसमें उन्होंने इस अंतिम संस्कार को इजरायल के लिए बमबारी करने का एक बेहतरीन और सटीक मौका बताया था। इस भड़काऊ बयान के बाद पूरे क्षेत्र में युद्ध की आशंका और ज्यादा गहरा गई है।

शांति समझौते के बीच मंडराते युद्ध के बादल

गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच एक महत्वपूर्ण शांति वार्ता समझौता हुआ है, लेकिन इजरायल शुरू से ही इस कूटनीतिक प्रयास के खिलाफ रहा है। इजरायल सरकार पहले ही आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट कर चुकी है कि वह इस शांति समझौते का किसी भी तरह से हिस्सा नहीं है। इसके साथ ही इजरायली डिफेंस फोर्सेज भी लगातार ईरान को तबाह करने की धमकियां देती रही हैं। ऐसे नाजुक वक्त में अमेरिकी एक्टिविस्ट लॉरा लूमर के विवादित बयान और इजरायली सेना के आक्रामक इरादों ने इस बात की आशंका को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है कि खामेनेई की अंतिम विदाई के ऐतिहासिक मौके पर कोई बड़ा हवाई हमला हो सकता है।

ईरानी सैन्य कमांडर का दुश्मनों को कड़ा संदेश

ईरान के एक शीर्ष सैन्य कमांडर ने गुरुवार को एक बेहद कड़ा बयान जारी करते हुए अमेरिका और इजरायल को किसी भी प्रकार के दुस्साहस के खिलाफ कड़ाई से आगाह किया है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब ईरान अपने पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा की तैयारियों में जुटा हुआ है, जिनकी दुखद मृत्यु युद्ध के बिल्कुल शुरुआती दिन हुए भीषण हवाई हमलों के दौरान हो गई थी। खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के शीर्ष कमांडर अली अब्दुल्लाही ने देश के सरकारी मीडिया के माध्यम से जारी एक आधिकारिक संदेश में कहा कि ईरान के दुश्मनों, विशेष रूप से अमेरिका और जायोनी शासन यानी इजरायल को किसी भी तरह की गलतफहमी या मुगालते में रहने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है।

जवाबी कार्रवाई के लिए सशस्त्र सेनाएं पूरी तरह तैयार

कमांडर अली अब्दुल्लाही ने अपने बयान को और स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि हमारे देश की संप्रभुता के खिलाफ किसी भी प्रकार का खतरा या आक्रामकता दिखाई गई, तो ईरान की पूरी तरह से सुसज्जित सशस्त्र सेनाएं ऐसा कड़ा और ऐतिहासिक बदला लेंगी जिसकी दुश्मनों ने कल्पना भी नहीं की होगी। वहीं दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने भी कूटनीतिक मोर्चे पर मोर्चा संभालते हुए सीधे तौर पर सचेत किया है कि तेहरान की आम जनता और देश का शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने और एक बेहद खतरनाक व जोरदार जवाबी हमला करने के लिए पूरी तरह से तैयार बैठा है।

इजरायली रक्षा मंत्री के बयान से भड़का नया विवाद

ईरान की ओर से यह त्वरित और तीखी प्रतिक्रिया इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज के उस अत्यंत विवादित बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर ईरान के मौजूदा सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को निशाना बनाते हुए कहा था कि वे अपनी मौत के लिए पूरी तरह से तैयार रहें। इजरायल के इस बेहद आक्रामक और व्यक्तिगत हमले वाले बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। इसके चलते ईरान ने अब अपनी सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दिया है ताकि किसी भी संभावित बाहरी हमले को हवा में ही नाकाम किया जा सके।

हवाई क्षेत्र पर पाबंदी और कड़े सुरक्षा इंतजाम

ईरानी मीडिया से मिल रही खबरों के मुताबिक, पूर्व सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों के दौरान देश की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से अभेद्य बना दिया गया है। ईरान के सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन के चीफ ने इस संबंध में एक बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि देश की राजधानी तेहरान और पवित्र शहर मशहद सहित कई प्रमुख शहरों के ऊपर से गुजरने वाले हवाई क्षेत्र पर अस्थाई रूप से पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेंगे। इस अवधि के दौरान कमर्शियल और अन्य उड़ानों के रूट में भी बड़े बदलाव किए गए हैं ताकि सुरक्षा में कोई चूक न होने पाए।

5 दिवसीय अंतिम संस्कार यात्रा का पूरा शेड्यूल

दिवंगत नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की यह अंतिम संस्कार यात्रा 4 जुलाई को राजधानी तेहरान से पूरे राजकीय सम्मान के साथ शुरू होने जा रही है। इसके बाद यह यात्रा देश के विभिन्न हिस्सों से होते हुए आगे बढ़ेगी और 9 जुलाई को उनके पैतृक गृहनगर मशहद में उनके दफन संस्कार के साथ पूरी तरह संपन्न होगी। प्रशासन ने जानकारी दी है कि इन तारीखों के बीच कोम शहर के साथ-साथ पड़ोसी देश इराक में भी कुछ विशेष और अतिरिक्त धार्मिक समारोहों का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं और वैश्विक नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।

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