एजेंसी, अयोध्या। विवाह पंचमी तिथि पर 25 नवंबर को राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम के दिन रामलला और प्रथम तल पर विराजमान राजा राम और माता सीता भी स्वर्ण जड़ित पीताम्बरी वस्त्र धारण करेंगे। जिसे तैयार कर मशहूर डिजाइनर मनीष त्रिपाठी ने तैयार कर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार रामदरबार की आरती उतरेंगे। मशहूर डिजाइनर मनीष त्रिपाठी ने बताया भगवान के वस्त्र पीतांबर है। जिसे सोने के धागो से पिरोए गए है। और यह पूरा कार्य दक्षिण भारत की शैली पर तैयार कराया गया है। उन्होंने बताया कि यह वस्त्र एक वर्ष पूर्व से ही बनाए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी। रामलला और राम दरबार के भी वस्त्र पीतांबरी है। जिसमे माता सीता के वस्त्र को पीले और लाल रंग को मिश्रित करता हुआ वस्त्र हैं। उन्होंने बताया कि इसे दक्षिण भारत पहुंचकर वहां के डिजाइन पर तैयार किया गया है जिस पर रामायण के चिन्ह अंकित किए गए हैं।
प्रवेश से पहले अतिथियों की होगी दोहरी जांच
राम मंदिर परिसर में ध्वजारोहण कार्यक्रम में आमंत्रित अतिथियों को आमंत्रण पत्र के साथ एक विशेष प्रवेश पत्र दिया गया है, उसी से उन्हें आयोजन में शामिल होने के लिए प्रवेश मिलेगा। समारोह स्थल तक पहुंचने के लिए उनकी दोहरी जांच की जाएगी। इस दौरान उनके अंग रक्षक आदि को भी साथ नहीं जाने दिया जाएगा। अतिथियों को दिए गए प्रवेश पत्र पर उनकी सारी डिटेल अंकित है, इस पर उसकी फोटो, मोबाइल नंबर के साथ क्यूआर कोड भी लगा है। जिसे स्कैन करने पर आमंत्रित सदस्य की संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो जाएगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि आमंत्रित अतिथि जिनके साथ निजी या सरकारी सुरक्षाकर्मी व उनके सहायक होंगे, उन्हें भी समारोह में जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। यहां उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी विशेष सुरक्षा अधिकारी के जिम्मे रहेगी।
अयोध्या में भव्य ध्वजारोहण की तैयारियां पूरी: हनुमानगढ़ी में दर्शन नहीं करेंगे पीएम मोदी, कार्यक्रम में हुए कुछ बदलाव
अयोध्या की रामनगरी इस समय दिव्य प्रकाश और पुष्पों की सुगंध से सराबोर है। 25 नवंबर को होने वाले राम मंदिर के ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कार्यक्रम में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को देखते हुए कुछ जरूरी बदलाव किए गए हैं, जिनमें सबसे अहम यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन के लिए नहीं जाएंगे। हनुमानगढ़ी के महंत रमेश दास ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री के हनुमानगढ़ी आने का कोई कार्यक्रम अब नहीं है, जबकि पहले यह योजना थी। इसके अलावा मेहमानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राम मंदिर परिसर में बैठने के ब्लॉक 15 से बढ़ाकर 19 कर दिए गए हैं। हर ब्लॉक में कुर्सियां लगाई जा रही हैं और सभी अतिथियों को विशेष प्रवेशिका दी जा रही है, जिसमें क्यूआर कोड स्कैन कर पहचान के बाद ही मंदिर परिसर में प्रवेश मिलेगा।
स्वर्ग जैसी सजावट, विदेशी फूलों से महक उठी रामनगरी
राम मंदिर ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो धरती पर स्वर्ग उतर आया हो। थाईलैंड, वियतनाम से मंगाए गए दुर्लभ और सुंदर फूलों से पूरा परिसर सजाया गया है। गुलाबी-सफेद लिलियम, रंग-बिरंगे ऑर्किड, ट्यूलिप, डहेलिया और स्टार फूलों की खुशबू से वातावरण भक्तिमय हो गया है। मंदिर परिसर को सजाने में कुल 80 क्विंटल देशी-विदेशी फूल लगाए गए हैं, जिनमें से 50 क्विंटल मुख्य मंदिर और 30 क्विंटल आदि शंकराचार्य, रामानंदाचार्य और माध्वाचार्य द्वारों पर इस्तेमाल हुए हैं। रविवार रात मंदिर के शिखर और मंडपों पर भव्य लेजर शो का रिहर्सल हुआ, जिसमें राम-सीता विवाह के मनमोहक दृश्य दिखाए गए। अंगद टीला पर संचालित सीता रसोई में रामलला का प्रसाद पाकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो रहे हैं।
8 भव्य भोजनालय शुरू, सभी समाजों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
मेहमानों की सुविधा के लिए राम मंदिर ट्रस्ट ने 8स्थानों पर भोजनालय शुरू कर दिए हैं। कारसेवक पुरम और तीर्थ क्षेत्र पुरम में अलग-अलग प्रांतों (अवध, काशी, गोरक्ष, कानपुर आदि) के लिए विशेष कार्यालय खोले गए हैं, जहां अतिथियों को हर जानकारी और सुविधा मिलेगी। सोमवार से वीवीआईपी और आमंत्रित मेहमानों का आगमन शुरू हो जाएगा। इस समारोह में समाज के हर वर्ग को जोड़ा गया है। कहार, नाई, कुम्हार, लोधी, यादव, माली, धोबी, पासी, वाल्मीकि, रविदास, कुर्मी, गड़ेरिया, नट, सिख समुदाय के साथ-साथ मुस्लिम और जैन धर्म के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने इस आयोजन को ऐतिहासिक और समावेशी बनाने में पूरी ताकत लगा दी है। राम मंदिर में राजाराम लला विराजमान हो चुके हैं और अब ध्वजारोहण के साथ मंदिर की पूर्णता का संदेश पूरे विश्व तक पहुंचेगा। अयोध्या एक बार फिर वैसी ही सज-धज रही है, जैसी भगवान राम के आगमन पर अवधपुरी सजी थी।
अयोध्या में भव्य ध्वजारोहण की तैयारियां पूरी… ध्वज का हुआ महापूजन, प्रधानमंत्री मोदी करेंगे रोड शो, अगवानी करेंगी 5 हजार महिलाएं
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह शिखर पर भगवा ध्वज फहराने का दिव्य आयोजन अब अंतिम चरण में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 नवंबर को स्वयं ध्वजारोहण करेंगे और इसके बाद रामपथ पर विशाल रोड शो भी निकालेंगे। पूरे कार्यक्रम को ऐतिहासिक और अलौकिक बनाने के लिए भाजपा और राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट दिन-रात जुड़े हुए हैं।
ध्वज का हुआ वैदिक विधि-विधान से महापूजन
रविवार को ध्वजारोहण समारोह के तीसरे दिन सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान संपन्न हुआ – मंदिर के शिखर पर फहराए जाने वाले पवित्र ध्वज का महापूजन। यह ध्वज केवल कपड़े का टुकड़ा नहीं, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की गरिमा, सनातन संस्कृति और विजय का जीवंत प्रतीक है। भव्य यज्ञशाला में आचार्यों ने विष्णु सहस्रनाम और गणेश अथर्वशीर्ष पाठ के बीच हजारों आहुतियां दीं। यज्ञकुंड से उठती ज्वालाएं जैसे स्वयं भगवान विष्णु के नामों का साक्षात्कार करा रही थीं। इसके बाद पंचगव्य, गंगाजल, पुष्पजल, केसर-चंदन और सुगंधित द्रव्यों से ध्वज का अभिषेक किया गया। अक्षत चढ़ाए गए, शंख-घंटे-नगाड़े गूंज उठे और अंत में “जय श्रीराम” के जयघोष के बीच ध्वज को विशेष आसन पर विराजमान किया गया। पूरा वातावरण राममय हो उठा, श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
25 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत और रोड शो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 नवंबर को हेलीकॉप्टर से अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां से साकेत डिग्री कॉलेज तक हेलीकॉप्टर से ही आएंगे। कॉलेज से राम मंदिर तक करीब एक किलोमीटर लंबे रामपथ पर भव्य रोड शो होगा। इस रोड शो को अविस्मरणीय बनाने के लिए रामपथ को 8 जोनों में बांटा गया है और हर जोन में सैकड़ों-हजारों महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में आरती, थाल, पुष्प-वर्षा और नमस्ते मुद्रा के साथ प्रधानमंत्री की अगवानी करेंगी। खास बात यह कि स्वागत की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों, निषाद समाज, खटीक समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों की महिलाओं को दी गई है। कुल मिलाकर करीब 5,000 से अधिक महिलाएं इस स्वागत में शामिल होंगी। जोन-वार संख्या कुछ इस प्रकार है:
– जोन 1: 150 महिलाएं
– जोन 2: 200 महिलाएं
– जोन 3: निषाद समाज की 300 महिलाएं
– जोन 4: 1,200 महिलाएं
– जोन 5: 300 महिलाएं
– जोन 6: 1,000 महिलाएं
– जोन 7: 300 महिलाएं
– जोन 8: खटीक समाज की 1,500 महिलाएं
हर जोन की निगरानी व रिहर्सल के लिए अलग-अलग अधिकारी तैनात हैं और लगातार तैयारी की समीक्षा हो रही है।
संतों का भव्य अभिनंदन, वैदिक मंत्रों-शंखनाद से गूंजेगी रामनगरी
प्रधानमंत्री के स्वागत में सैकड़ों संत-महंत भी शामिल होंगे। अयोध्या के प्रमुख मंदिरों – रंगमहल मंदिर, जगतगुरु रामभद्राचार्य मंदिर, अमांवा राम मंदिर आदि के महंतों से स्वयं विधायक वेद प्रकाश गुप्त और भाजपा महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव ने मुलाकात कर निमंत्रण दिया। संत वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और घंटा-घड़ियाल की गूंज के साथ प्रधानमंत्री का अभिनंदन करेंगे। संतों के लिए विशेष स्थान भी चिह्नित कर दिए गए हैं। अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्त ने कहा, “माननीय प्रधानमंत्री का रामनगरी आगमन हम सभी के लिए परम सौभाग्य है। हम संतों की उपस्थिति और सनातन परंपरा के साथ ऐसा स्वागत करेंगे जो विश्व भर में मिसाल बने।” 25 नवंबर का दिन अयोध्या के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा – जब रामलला के नव्य मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज लहराएगा और पूरी रामनगरी “जय श्रीराम” के नाद से गूंज उठेगी।


