एजेंसी, पंचकूला। India Weather Alert Today : भारत मौसम विज्ञान विभाग ने देश के उत्तरी और पश्चिमी राज्यों के लिए आगामी 3 अगस्त तक व्यापक और मूसलाधार बारिश का नया पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनी के अनुसार, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर सहित कई प्रमुख राज्यों में अगले कुछ दिनों तक अतिवृष्टि, बादलों की गड़गड़ाहट, आकाशीय बिजली गिरने और अत्यंत तेज गति से हवाएं चलने की प्रबल संभावना बनी हुई है। मौसम की यह गंभीर स्थिति अगस्त महीने के प्रथम सप्ताह तक लगातार बनी रह सकती है। प्रशासन और मौसम विशेषज्ञों ने सभी प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों से पूर्ण सतर्कता बरतने, अनावश्यक यात्राओं से बचने और आधिकारिक मौसम निर्देशों का कड़ाई से पालन करने का विशेष आग्रह किया है।
Heavy rainfall & winds likely at some places over Vidarbha(Nagpur, Gadchiroli),Chattisgarh(Sukma, Rajnandgaon,Jagdalpur),Telangana(Nirmal,J.Bhupalpally),SW Odisha, N.Karnataka(Bidar),C&S. Raj (Bhilwara,Ajmer),N.Pakistan(Bhakkar,Piplan) pic.twitter.com/6hlC5DxMWn
— Dr.Sandeepkaushish (@sandeepkaushis4) July 29, 2026
गहरे दबाव के कारण मानसून सक्रिय रहने का अनुमान
मौसम विभाग द्वारा जारी की गई नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी आंतरिक ओडिशा, दक्षिणी झारखंड और छत्तीसगढ़ से सटे क्षेत्रों के ऊपर बना गहरा दबाव का क्षेत्र अब धीरे-धीरे पश्चिम दिशा की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। आगामी 24 घंटों के समय में इसके उत्तरी आंतरिक ओडिशा और उत्तरी छत्तीसगढ़ की सीमा की तरफ बढ़ने की पूरी संभावना जताई गई है। इस मौसमी परिवर्तन के कारण देश के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में मानसून की गतिविधियां अत्यंत तीव्र बनी रहेंगी। राष्ट्रीय राजधानी, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के मैदानी भूभाग में 29 जुलाई से 31 जुलाई और पुनः 2 अगस्त से 3 अगस्त के बीच व्यापक और मूसलाधार वर्षा होने का स्पष्ट अनुमान व्यक्त किया गया है। यद्यपि 1 अगस्त के आसपास बारिश की गति में आंशिक कमी आ सकती है, किंतु 30 जुलाई से 3 अगस्त के मध्य कई स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज होने की पूरी संभावना है।
पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का गंभीर खतरा
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 29 जुलाई से लेकर 3 अगस्त तक लगातार व्यापक बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। पर्वतीय क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा के कारण अचानक बाढ़ आने, नदियों के जलस्तर में उफान आने, सड़कों के जलमग्न होने और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं की भारी आशंका को देखते हुए निवासियों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जम्मू कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फरबाद के इलाकों में भी 29 जुलाई से 3 अगस्त तक मूसलाधार बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है, जिनकी गति बढ़कर 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है। इन क्षेत्रों में 30 जुलाई को अत्यंत भारी वर्षा होने का अंदेशा जताया गया है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर और स्थानीय नागरिकों को सतर्क रहने के निर्देश
मौसम विज्ञान विभाग ने विशेष रूप से निचले मैदानी इलाकों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह प्रदान की है। मौसम विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि लगातार होने वाली तेज बारिश के चलते स्थानीय स्तर पर जलभराव, यातायात व्यवस्था में भारी बाधा, अचानक बाढ़ आने और पहाड़ों के खिसकने जैसी विषम परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। इन सभी संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए संबंधित राज्य प्रशासनों को संवेदनशील और जोखिम वाले स्थानों पर निरंतर निगरानी बनाए रखने तथा त्वरित राहत व बचाव के लिए सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :
प्रश्न: मौसम विभाग (IMD) ने किन-किन राज्यों के लिए मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है?
उत्तर: हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 3 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
प्रश्न: मानसून के इतना उग्र होने की मुख्य वजह क्या बताई गई है?
उत्तर: ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ से लगे इलाकों के ऊपर बना गहरा दबाव का क्षेत्र पश्चिम की ओर बढ़ रहा है, जिससे मानसून सक्रिय हुआ है।
प्रश्न: पहाड़ी इलाकों (हिमाचल और उत्तराखंड) में किन प्राकृतिक खतरों की चेतावनी दी गई है?
उत्तर: पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड), सड़कों के बहने और नदियों का जलस्तर बढ़ने का गंभीर खतरा है।
प्रश्न: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्रों में हवा की गति कितनी रहने का अनुमान है?
उत्तर: इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।
प्रश्न: मौसम विभाग ने स्थानीय निवासियों और यात्रियों को क्या सलाह दी है?
उत्तर: सभी को अत्यधिक सतर्क रहने, अनावश्यक यात्राओं से बचने, जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
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