एजेंसी, नई दिल्ली। 15 August Terror Plot Busted : स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के भव्य समारोह से ठीक पहले देश की केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े एक बहुत बड़े सीमा पार आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पिछले एक सप्ताह के भीतर पंजाब, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में चलाए गए ताबड़तोड़ संयुक्त ऑपरेशनों में कुल 12 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी हैंडलर्स और कुख्यात नेटवर्क संचालक शहजाद भट्टी के इशारे पर भारत के 4 प्रमुख शहरों—दिल्ली, अमृतसर, तरनतारन और वर्धमान (पश्चिम बंगाल)—को बड़े पैमाने पर दहलाने की साजिश रची जा रही थी। इस खुलासे के बाद देश भर के संवेदनशील प्रतिष्ठानों और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रख दिया गया है।
Punjab Police busts two ISI-backed cross border terror modules with the arrest of nine individuals, including four juveniles.
Three pistols along with nine live cartridges and four petrol made bottle bombs have been recovered from their possession.pic.twitter.com/qPhn6PZuIz
— All India Radio News (@airnewsalerts) August 4, 2026
बंगाल मॉड्यूल से हनी ट्रैप, भर्ती और वीआईपी सुरक्षा में सेंध लगाने का खुलासा
पश्चिम बंगाल के वर्धमान में दर्ज एफआईआर से इस आतंकी तंत्र की गहरी और खतरनाक जड़ों की जानकारी सामने आई है। गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद हमीम मंडल के मोबाइल फोन से पाकिस्तान के कोड (+92) वाले नंबरों के साथ-साथ अमेरिका और ब्रिटेन के कई संदिग्ध व्हाट्सएप अकाउंट मिले हैं। जांच में पता चला है कि यह मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकियों के सीधे संपर्क में था। इसे स्थानीय युवाओं की भर्ती करने, महत्वपूर्ण सरकारी भवनों की रेकी करने और हनी ट्रैप के जरिए राजनीतिक तथा प्रशासनिक हलकों में पैठ बनाने का काम सौंपा गया था। एफआईआर में झारखंड निवासी अर्पिता नामक महिला का नाम भी सामने आया है, जिसे वीआईपी सुरक्षा में सेंध लगाने और दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचकर माहौल बिगाड़ने की जिम्मेदारी दी गई थी।
अमृतसर और तरनतारन से ड्रोन से भेजे गए हथियार और कैमरे बरामद
पंजाब में पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के संयुक्त अभियान के दौरान 2 अलग-अलग आईएसआई समर्थित मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया। अमृतसर में 4 नाबालिगों सहित 9 लोगों को दबोचा गया, जिनके कब्जे से अवैध पिस्तौल, कारतूस, पेट्रोल बम और चोरी की गाड़ियां बरामद हुईं। यह समूह दिल्ली के जंतर-मंतर तक रेकी करने पहुंच चुका था और रेलवे ट्रैकों के पास कैमरे लगाकर उनकी लाइव फुटेज विदेश में बैठे अपने आकाओं को भेज रहा था। दूसरी ओर, तरनतारन में मनजीत सिंह नामक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके घर से ड्रोन द्वारा पाकिस्तान से गिराई गई 7 विदेशी पिस्तौलें, एक एमपी-9 गन और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया। आरोपी के फोन से ‘चाचा’ और ‘रहमान’ जैसे कोड नेम से सेव किए गए 12 पाकिस्तानी संपर्क नंबर मिले हैं।
वित्तीय लेन-देन और पूरे नेटवर्क पर कसता जा रहा है कानूनी शिकंजा
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ड्रोन से हथियारों की तस्करी और हनी ट्रैप के इस जटिल ताने-बाने का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस से पूर्व देश के विभिन्न हिस्सों में ‘टारगेट किलिंग’ और बड़े उपद्रव को अंजाम देना था। जांच अधिकारियों द्वारा अब पकड़े गए संदिग्धों के डिजिटल साक्ष्यों, विदेशी व्हाट्सएप चैट, बैंक खातों, मनी ट्रेल और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। सुरक्षा बल अब इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि इस नेटवर्क के तार देश के अन्य किन-किन हिस्सों में फैले हुए हैं, ताकि समय रहते किसी भी अन्य संभावित खतरे को नाकाम किया जा सके।
इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :
प्रश्न 1: सुरक्षा एजेंसियों ने 15 अगस्त से ठीक पहले किस बड़े आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है?
उत्तर: सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) और विदेश में बैठे आतंकी हैंडलर शहजाद भट्टी द्वारा संचालित एक बड़े स्लीपर सेल और आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।
प्रश्न 2: आतंकियों के निशाने पर मुख्य रूप से भारत के कौन-कौन से शहर थे?
उत्तर: शुरुआती जांच के अनुसार, आतंकियों की योजना स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली, अमृतसर, तरनतारन और पश्चिम बंगाल के वर्धमान शहर में बड़े हमले और टारगेट किलिंग करने की थी।
प्रश्न 3: विभिन्न राज्यों से कुल कितने संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है?
उत्तर: पंजाब, पश्चिम बंगाल और दिल्ली पुलिस के संयुक्त अभियानों के दौरान पिछले एक सप्ताह के भीतर कुल 12 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है।
प्रश्न 4: गिरफ्तार संदिग्धों के पास से सुरक्षा बलों को किस प्रकार के हथियार और साक्ष्य मिले हैं?
उत्तर: संदिग्धों के पास से पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए गिराई गई विदेशी पिस्तौलें, कारतूस, पेट्रोल बम के अलावा विदेशी व्हाट्सएप नंबर और रेलवे ट्रैक की रेकी करने वाले कैमरे बरामद हुए हैं।
प्रश्न 5: बंगाल से गिरफ्तार हुए मॉड्यूल को हथियारों के अलावा और क्या खतरनाक जिम्मेदारी सौंपी गई थी?
उत्तर: जांच में खुलासा हुआ है कि बंगाल मॉड्यूल को हथियारों की सप्लाई के साथ-साथ प्रभावशाली नेताओं को ‘हनी ट्रैप’ में फंसाकर वीआईपी सुरक्षा में सेंध लगाने का टास्क दिया गया था।
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