एजेंसी, गाजियाबाद। Ghaziabad Murder : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के खोड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नवनीत विहार इलाके में एक बेहद सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाला मर्डर केस सामने आया है। यहां 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले 17 वर्षीय छात्र सूर्या प्रताप चौहान की उसके ही कुछ पूर्व परिचितों ने चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर निर्मम हत्या कर दी। वारदात को उस समय अंजाम दिया गया जब आरोपी ने पुरानी रंजिश का बदला लेने की नीयत से सूर्या को फोन करके चौधरी स्कूल के पास वाली एक सुनसान गली में मिलने के लिए बुलाया था। इस जघन्य हत्याकांड के बाद से पूरे खोड़ा और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी सांप्रदायिक तनाव का माहौल व्याप्त हो गया है, जिसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने एहतियातन भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी है।
Ghaziabad, Uttar Pradesh: On Ghaziabad youth stabbed to death, a local says, “…The videos that have surfaced, including CCTV footage from the lanes, have either been deleted or removed because the entire area is Muslim-dominated, and people have refused to share CCTV… pic.twitter.com/D3bIa9vNLR
— IANS (@ians_india) May 30, 2026
फोन करके बुलाया और पूछा— ‘क्या कभी बकरा हलाल होते देखा है?’
प्रत्यक्षदर्शियों और मृतक सूर्या के दोस्त विक्की द्वारा पुलिस को दिए गए आधिकारिक बयान के अनुसार, 28 मई की दोपहर लगभग 3:30 बजे मुख्य आरोपी असद ने सूर्या को फोन कर मिलने के लिए राजी किया था। जब सूर्या वहां पहुंचा, तो असद के साथ उसके कई अन्य साथी भी पहले से ही हथियारों से लैस होकर वहां घात लगाए बैठे थे। चश्मदीद ने बताया कि आमने-सामने आते ही असद ने सूर्या से बेहद खौफनाक लहजे में पूछा, “क्या तुमने कभी किसी बकरे को हलाल होते हुए देखा है?” इससे पहले कि सूर्या कुछ समझ पाता या वहां से अपनी जान बचाकर भाग पाता, आरोपियों ने उस पर धारदार चाकुओं से ताबड़तोड़ दर्जनों वार कर दिए। सूर्या को लहूलुहान हालत में सड़क पर छोड़कर सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
फोर्टिस अस्पताल में इलाज के दौरान मौत, पीड़ित परिवार में छाया मातम
चाकुओं के इस जानलेवा हमले में गंभीर रूप से जख्मी हुए सूर्या को स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से आनन-फानन में बिना समय गंवाए नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया गया था। अस्पताल के वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच करीब 20 घंटे तक चली लंबी जंग के बाद आखिरकार शुक्रवार की दोपहर करीब 12:00 बजे सूर्या ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के मुताबिक अत्यधिक खून बह जाने और आंतरिक अंगों में गहरे घाव होने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मृतक के बड़े भाई यश चौहान की लिखित शिकायत के आधार पर खोड़ा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित धाराओं में नामजद प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली है।
रो-रोकर बुरा हुआ मां का हाल, मुख्यमंत्री से की एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई की मांग
इस दुखद घटना के बाद से मृतक सूर्या के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मीडिया से बात करते हुए सूर्या की मां सरोज ने अपने गहरे दुख और आक्रोश को व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इंसाफ की गुहार लगाई है। उन्होंने रोते हुए कहा कि जिस बेरहमी से उनके मासूम बेटे की छाती में चाकू घोंपा गया है, वह भी हत्यारों के लिए वैसी ही सख्त सजा चाहती हैं। उन्होंने मांग की है कि मुख्य आरोपी असद का तुरंत पुलिस एनकाउंटर किया जाए और उसके अवैध घर पर प्रशासन का बुलडोजर चलाया जाए।
चश्मदीद गवाह ने मांगी पुलिस सुरक्षा, हिंदू संगठनों ने जताया कड़ा विरोध
वारदात के समय सूर्या के साथ मौजूद रहे मुख्य चश्मदीद गवाह आयुष ने बताया कि इस भयानक घटना को अपनी आंखों से देखने के बाद से उसका पूरा परिवार गहरे सदमे और खौफ में जी रहा है। आयुष के परिजनों ने अपनी जान का खतरा बताते हुए गाजियाबाद पुलिस प्रशासन से तत्काल प्रभाव से चौबीसों घंटे की पुलिस प्रोटेक्शन (सुरक्षा कवच) प्रदान करने की गुहार लगाई है। इस बीच, घटना की भनक लगते ही विभिन्न हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने पीड़ित परिवार के घर और अस्पताल पहुंचना शुरू कर दिया है। हिंदू संगठनों ने इस हत्याकांड के पीछे एक सोची-समझी गहरी साजिश होने का आरोप लगाते हुए आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा देने की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
पुलिस ने गठित कीं कई विशेष टीमें, मुख्य आरोपी की प्रोफाइल आई सामने
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने आधिकारिक प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस ने पीड़ित परिवार से तहरीर मिलते ही मुख्य अभियुक्तों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। फरार आरोपियों को पाताल से भी ढूंढ निकालने के लिए क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की कई विशेष टीमों को लगातार दबिश देने के काम में लगा दिया गया है। अब तक की जांच में मुख्य आरोपी असद के बारे में यह जानकारी सामने आई है कि वह केवल आठवीं कक्षा तक पढ़ा है और पढ़ाई छोड़ने के बाद वह अपने पिता नवाब के साथ कारपेंटर (बढ़ई) का काम किया करता था। पुलिस अब इस मुख्य पहलू की विस्तृत विधिक जांच कर रही है कि क्या दोनों के बीच पहले से कोई गंभीर आपसी विवाद चल रहा था या इस जघन्य कृत्य को अंजाम देने के पीछे कोई अन्य बाहरी आपराधिक तत्व सक्रिय था।
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