एजेंसी, नई दिल्ली। George Kurian Resign : देश की राजनीति और केंद्रीय सत्ता के गलियारों से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के राज्य मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे वरिष्ठ नेता जॉर्ज कुरियन ने देश के मंत्रिपरिषद से आधिकारिक रूप से अपना त्यागपत्र दे दिया है। उच्च सदन यानी राज्यसभा के सदस्य के रूप में उनका निर्धारित समय और कार्यकाल पूरी तरह से समाप्त होने के बाद यह बड़ा राजनीतिक कदम उठाया गया है। दरअसल हाल ही में देश के भीतर संपन्न हुए राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें दोबारा से अपना प्रत्याशी न बनाने का एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया था। देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके इस वीआईपी इस्तीफे को पूरी तरह से स्वीकार कर लिया है, जिसकी आधिकारिक जानकारी मंगलवार को राष्ट्रपति भवन की तरफ से जारी एक मुख्य बयान में देश के सामने रखी गई है।
Union Minister of State for Minority Affairs George Kurian resigns; President Droupadi Murmu accepts resignation. pic.twitter.com/3KBwr0P9Y8
— Press Trust of India (@PTI_News) June 23, 2026
कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे केरल के कद्दावर नेता
जॉर्ज कुरियन देश की मोदी सरकार के भीतर केवल अल्पसंख्यक कल्याण से जुड़े मामलों को ही नहीं देख रहे थे, बल्कि उनके पास देश के विकास से जुड़े कई अन्य अत्यंत महत्वपूर्ण मंत्रालयों का भी अतिरिक्त कार्यभार था। वे केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ-साथ देश के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी विकास मंत्रालय में भी बेहद सक्रियता के साथ बतौर केंद्रीय राज्य मंत्री की भूमिका का निर्वहन कर रहे थे। राष्ट्रपति भवन द्वारा देश के मीडिया के लिए जारी की गई एक मुख्य प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष सलाह और संस्तुति पर महामहिम राष्ट्रपति ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से जॉर्ज कुरियन के इस इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से अपनी मंजूरी दे दी है।
भाजपा ने राज्यसभा के चुनावी रण में दोबारा नहीं उतारा था मैदान में
पार्टी के भीतर और देश की राजनीति में जॉर्ज कुरियन को एक बेहद विशिष्ट स्थान प्राप्त था क्योंकि वे वर्तमान केंद्र सरकार के भीतर संभवतः एकमात्र ऐसे बड़े और कद्दावर मंत्री थे जो ईसाई समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। देश की संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा में उनका छह वर्षों का निर्धारित कार्यकाल बीते इक्कीस जून को पूरी तरह से समाप्त हो गया था। भारतीय जनता पार्टी के आलाकमान ने हाल के राज्यसभा चुनावों के दौरान कुरियन को दोबारा से उच्च सदन भेजने के लिए अपना उम्मीदवार नहीं बनाने का फैसला किया था। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मौजूदा सरकार के दो बड़े केंद्रीय मंत्रियों यानी पंजाब के रवनीत सिंह बिट्टू और केरल के जॉर्ज कुरियन को अठारह जून को हुए राज्यसभा चुनावों के लिए पार्टी की तरफ से दोबारा टिकट नहीं दिया गया था, जिसके चलते संसद का कार्यकाल पूरा होते ही संवैधानिक नियमों के तहत इन दोनों ही नेताओं को अपने-अपने बड़े सरकारी पदों से हटना पड़ा है।
विदाई के वक्त भावुक हुए कुरियन, बोले- प्रधानमंत्री मोदी की वजह से ही मैं इस मुकाम तक पहुंच सका
भारतीय जनता पार्टी के बेहद अनुभवी और पुराने नेता जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय राज्य मंत्री के पद से अपना इस्तीफा मंजूर होने के तुरंत बाद देश की जनता और अपने समर्थकों के लिए एक बहुत ही भावुक कर देने वाला संदेश दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर अपनी दिल की बात साझा करते हुए कहा कि देश की केंद्रीय सरकार के इतने बड़े मंत्रिपरिषद में स्थान पाना उनके जीवन का सबसे बड़ा और अनोखा अवसर था। कुरियन ने बेहद भावुक शब्दों में लिखा कि केंद्रीय मंत्री बनने जैसी इतनी बड़ी बात की तो उन्होंने अपने जीवन में कभी सपने में भी कल्पना नहीं की थी। उन्होंने अपने इस खास विदाई संदेश में इस सर्वोच्च मुकाम तक पहुंचने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी गहरी निष्ठा और आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री से मिलकर व्यक्तिगत रूप से जताया आभार, साझा की खास तस्वीरें
अपने विदाई संदेश को आगे बढ़ाते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बिताए गए कुछ बहुत ही अनौपचारिक और आत्मीय क्षणों की एक खूबसूरत तस्वीर भी साझा की। उन्होंने देश को बताया कि बीते बाईस जून को उन्होंने देश के प्रधानमंत्री से दिल्ली में एक विशेष मुलाकात की थी। इस सौहार्दपूर्ण मुलाकात के दौरान उन्होंने देश सेवा का इतना बड़ा और ऐतिहासिक अवसर प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री का व्यक्तिगत रूप से बहुत-बहुत शुक्रिया अदा किया और साथ ही अपना इस्तीफा भी उन्हें सौंप दिया था। उन्होंने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि उनका राज्यसभा का कार्यकाल तो इक्कीस जून को ही खत्म हो चुका था लेकिन देश के प्रधानमंत्री की व्यस्तता के कारण वे उनसे अगले दिन ही मुलाकात कर पाने में सफल हो सके। उन्होंने देश के राजनीतिक नेतृत्व की तारीफ करते हुए साफ कहा कि एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले व्यक्ति का देश का मंत्री बनना सिर्फ और सिर्फ इसलिए मुमकिन हो पाया क्योंकि देश की कमान नरेंद्र मोदी जैसे दूरदर्शी प्रधानमंत्री के हाथों में है।
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