एजेंसी, बेंगलुरु। DK Shivakumar Karnataka CM : दक्षिण भारत के बेहद महत्वपूर्ण राज्य कर्नाटक की राजनीति में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। कांग्रेस पार्टी के संकटमोचक और कद्दावर नेता डी. के. शिवकुमार ने बुधवार को राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में अपने पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण कर ली है। राजधानी बेंगलुरु के लोक भवन परिसर में स्थित ‘ग्लास हाउस’ में आयोजित एक बेहद भव्य और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समारोह के दौरान राज्य के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक और गौरवमयी पल का गवाह बनने के लिए कांग्रेस पार्टी का शीर्ष नेतृत्व खुद आयोजन स्थल पर मौजूद रहा, जिसमें मुख्य रूप से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और संगठन के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल सहित देश भर के कई बड़े नेता शामिल हुए। आठ बार के विधायक रह चुके डीके शिवकुमार के लिए यह शपथ ग्रहण उनके लंबे राजनैतिक सफर, कड़े संघर्ष और मुख्यमंत्री बनने के सपने के साकार होने जैसा है।
Of the People, By the People, For the People
Today, with immense humility and a heart filled with gratitude, I took oath as the Chief Minister of Karnataka at Lok Bhavan. This moment belongs not to me alone, but to the people of Karnataka and the lakhs of dedicated karyakartas… pic.twitter.com/TxWa8WIbUp
— DK Shivakumar (@DKShivakumar) June 3, 2026
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद साफ हुआ था नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता
राज्य के सर्वोच्च प्रशासनिक पद को लेकर डीके शिवकुमार और निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बीच पिछले काफी समय से चली आ रही अंदरूनी राजनैतिक खींचतान का अंत आखिरकार पिछले सप्ताह हो गया था। कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय आलाकमान के साथ हुई कई दौर की गंभीर बैठकों और मिले दिशा-निर्देशों का सम्मान करते हुए सिद्धारमैया ने बीती 28 मई को अपने मुख्यमंत्री पद से आधिकारिक तौर पर इस्तीफा सौंप दिया था। उनके इस कदम के बाद से ही डीके शिवकुमार के सिर पर कर्नाटक की कप्तानी का ताज सजने का रास्ता पूरी तरह से साफ और निष्कंटक हो गया था।
क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को साधते हुए 13 मंत्रियों ने भी ली पद की शपथ
नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के शपथ लेने के साथ ही उनके नए मंत्रिमंडल का विस्तार भी कर दिया गया है। समारोह के दौरान राज्य के 13 अन्य प्रभावशाली और वरिष्ठ नेताओं को भी कैबिनेट मंत्री के रूप में पद की शपथ दिलाई गई। इस नए मंत्रिमंडल के गठन में राज्य के तमाम क्षेत्रीय, जातीय और सामाजिक समीकरणों का विशेष रूप से ध्यान रखा गया है ताकि समाज के हर वर्ग को सरकार में उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। इस नई प्रशासनिक टोली के साथ मुख्यमंत्री के सामने राज्य के चौमुखी विकास और पार्टी द्वारा जनता से किए गए बड़े वादों को समय पर पूरा करने की एक बेहद गंभीर जिम्मेदारी होगी।
मंत्रिमंडल के प्रमुख चेहरों में वरिष्ठ राजनेताओं के साथ युवा नेताओं को मिली जगह
मुख्यमंत्री की इस नई कैबिनेट में जिन प्रमुख चेहरों को शामिल किया गया है, उनमें सबसे ऊपर के. एच. मुनियप्पा का नाम है। अठहत्तर वर्षीय मुनियप्पा कांग्रेस पार्टी के एक बेहद सम्मानित और वरिष्ठ दलित नेता हैं, जो कोलार लोकसभा क्षेत्र से सात बार सांसद रह चुके हैं और पूर्व में केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इस बार वे देवनहल्ली विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बनकर राज्य कैबिनेट का हिस्सा बने हैं। उनके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पुत्र यतींद्र सिद्धारमैया को भी नई सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल करके एक बड़ा राजनैतिक संदेश दिया गया है।
इन अनुभवी और कद्दावर नेताओं के हाथों में सौंपी गई राज्य की नई कमान
इस नवगठित मंत्रिमंडल में राज्य के कई अन्य अनुभवी चेहरों को भी शामिल किया गया है। कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले अन्य प्रमुख नेताओं की सूची में के.जे. जॉर्ज, एम.बी. पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली और कृष्ण बायरेगौड़ा जैसे कद्दावर नाम शामिल हैं। इसके साथ ही पार्टी के युवा और आक्रामक चेहरों जैसे प्रियांक खरगे, यू.टी. खादर, ईश्वर खांद्रे, बैराथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल को भी इस नई प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बनाया गया है। अब सिद्धारमैया युग की समाप्ति के बाद डीके शिवकुमार के नेतृत्व में बनी कांग्रेस की यह नई टीम राज्य में विकास की एक नई इबारत लिखने के उद्देश्य से आगे बढ़ेगी।
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