एजेंसी, दतिया। Datia Bypoll Result 2026 : मध्य प्रदेश की राजनीति में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों के अंतर से पराजित कर अपनी सीट पर कब्जा बरकरार रखा है। इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को कुल 66,757 वोट हासिल हुए, जबकि भाजपा के आशुतोष तिवारी 60,741 वोटों पर ही सिमट गए। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के उम्मीदवार दामोदर यादव मंडल 22,527 मत प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रहे। पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की अदालती सजा के बाद खाली हुई इस सीट पर आई यह जीत केवल एक चुनाव परिणाम नहीं है, बल्कि इसने प्रदेश की भावी राजनीति और सत्ता-विपक्ष के समीकरणों को लेकर एक गहरा राजनीतिक संदेश दिया है।
#WATCH | Bhopal | On Datia bypoll results, Madhya Pradesh Chief Minister Mohan Yadav says, “…It is a different matter that we received 1,700 more votes than we did in the last Assembly election. The trust that the public places in us through elections and democracy reflects our… pic.twitter.com/PGH7KMXT8m
— ANI (@ANI) August 3, 2026
पूर्व गृह मंत्री के गृह बूथ पर भी पिछड़ी भाजपा, भितरघात के उभरे संकेत
दतिया उपचुनाव का सबसे चौंकाने वाला और चिंताजनक पहलू भारतीय जनता पार्टी के लिए पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का गृह क्षेत्र रहा। भाजपा के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारने का प्रयोग पार्टी के लिए घाटे का सौदा साबित हुआ। दतिया के पोलिंग बूथ संख्या 121, जिसे डॉ. नरोत्तम मिश्रा का मुख्य मतदान केंद्र माना जाता है, वहां भी भाजपा प्रत्याशी कांग्रेस से पिछड़ गए। इस बूथ पर कांग्रेस उम्मीदवार को 291 मत मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी को मात्र 264 वोट प्राप्त हुए। चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने सार्वजनिक रूप से पार्टी के भीतर जारी अनुशासनहीनता और भितरघात की ओर इशारा किया, जबकि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने हार को स्वीकार करते हुए समीक्षा और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
शुरुआती बढ़त के बाद कांग्रेस की धमाकेदार वापसी और नरोत्तम के बंगले पर सन्नाटा
मतगणना के शुरुआती एक-दो दौर में भाजपा प्रत्याशी ने मामूली बढ़त दर्ज की थी, लेकिन तीसरे दौर के बाद से ही कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने लगातार अपनी लीड बढ़ानी शुरू कर दी। बीच के 13वें और 14वें राउंड में हार का अंतर थोड़ा कम जरूर हुआ, लेकिन कांग्रेस की बढ़त अंत तक कायम रही। परिणाम घोषित होते ही जहां भोपाल स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में आतिशबाजी और मिठाइयों के साथ जोरदार जश्न मनाया गया, वहीं भोपाल में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के सरकारी बंगले पर दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। हार के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनादेश को शिरोधार्य करते हुए कहा कि भाजपा भविष्य में और अधिक संगठन शक्ति के साथ मैदान में उतरेगी।
2028 के विधानसभा चुनावों का शंखनाद या सत्ता विरोधी लहर की शुरुआत?
दतिया में मिली इस रणनीतिक जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह ने इसे जनता द्वारा ‘अहंकार और सत्ता के दुरुपयोग’ के खिलाफ दिया गया करारा जवाब बताया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इस जीत को वर्ष 2028 में होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में बदलाव का शंखनाद करार दिया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में लड़े गए इस चुनाव ने विपक्ष के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा फूंक दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दतिया के नतीजों से यह साफ हो गया है कि भाजपा के भीतर गुटबाजी को दूर करना और स्थानीय स्तर पर असंतोष को संभालना आगामी दिनों में सत्तारूढ़ दल के लिए एक बड़ी चुनौती बनने वाला है।


