CUET Exam

सीयूईटी परीक्षा में भारी अव्यवस्था : तकनीकी खराबी के चलते 2 घंटे की देरी से शुरू हुआ पेपर, परीक्षा केंद्रों पर जमकर हंगामा

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, दिल्ली। CUET Exam Delay : नीट और सीबीएसई के बाद अब कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट-अंडरग्रेजुएट यानी सीयूईटी-यूजी की परीक्षा में भी बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। 30 मई को आयोजित हुई इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के दौरान तकनीकी खराबी की वजह से पहली पाली का पेपर अपने तय समय से पूरे 2 घंटे की देरी से शुरू हो सका। तय कार्यक्रम के अनुसार यह परीक्षा सुबह 9 बजे प्रारंभ होनी थी, लेकिन सिस्टम में आई दिक्कतों के कारण इसे दिन में 11 बजे शुरू किया जा सका। देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर सर्वर और डिजिटल सिस्टम में अचानक आई इस खराबी के कारण प्रश्नपत्र समय पर स्क्रीन पर नहीं आ सका। इसके चलते हजारों छात्र-छात्राओं को केंद्रों के भीतर और बाहर घंटों बैठकर इंतजार करना पड़ा। कुछ परीक्षा केंद्रों पर मौजूद अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया है कि लगभग 4 घंटे तक इंतजार कराने के बाद वहां की परीक्षा को पूरी तरह से निरस्त कर दिया गया।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का बयान, तकनीकी खराबी के लिए टीसीएस जिम्मेदार

सीयूईटी पूरी तरह से एक कंप्यूटर आधारित परीक्षा है, जिसका संचालन भारत सरकार की संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए द्वारा किया जाता है। परीक्षा में हुई इस भारी अव्यवस्था पर आधिकारिक सफाई देते हुए एनटीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस परीक्षा के तकनीकी प्रबंधन की जिम्मेदारी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस के पास थी। टीसीएस के डिजिटल सर्वर की ओर से आई इस तकनीकी खराबी के कारण ही परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो पाई। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सूचना मिलते ही तकनीकी टीम ने काम शुरू कर दिया था और कुछ समय बाद इस गड़बड़ी को पूरी तरह से ठीक कर लिया गया। एजेंसी ने छात्रों को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि जिन केंद्रों पर परीक्षा देरी से शुरू हुई है, वहां डिजिटल टाइमर को आगे बढ़ा दिया गया है। परीक्षा दे रहे सभी अभ्यर्थियों को नियमानुसार पूरा समय दिया जाएगा ताकि समय की कमी के कारण किसी भी छात्र का शैक्षणिक नुकसान न हो।

पहली पाली की गड़बड़ी के बाद दूसरी पाली के समय में भी फेरबदल

सुबह की पाली में हुई इस बड़ी अव्यवस्था का सीधा असर दिन की दूसरी पाली की परीक्षा पर भी देखने को मिला। पहली पाली के लेट होने के कारण एनटीए को आनन-फानन में दूसरी पाली के निर्धारित समय में भी बड़े बदलाव की घोषणा करनी पड़ी। पूर्व निर्धारित टाइम टेबल के अनुसार दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शुरू होनी थी, जिसके लिए छात्रों को दोपहर 1 बजे केंद्र पर रिपोर्ट करने को कहा गया था। संशोधित समय सारणी के अनुसार अब इस दूसरी पाली की परीक्षा को शाम 4 बजे से शुरू करने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्र पर पहुंचने का रिपोर्टिंग समय भी बदलकर दोपहर 2:30 बजे कर दिया गया ताकि छात्रों को प्रवेश के समय किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी का सामना न करना पड़े।

अभिभावकों में भारी आक्रोश, विपक्षी नेताओं ने सरकार को घेरा

परीक्षा केंद्रों के बाहर तपती धूप में घंटों इंतजार कर रहे छात्रों के अभिभावकों का गुस्सा इस अव्यवस्था को देखकर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में पेरेंट्स ने परीक्षा प्रबंधन की इस ढिलाई को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की और एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इस बीच, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री की कड़ी आलोचना की। उन्होंने अपने बयान में कहा कि बार-बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित परीक्षाओं में इस तरह की तकनीकी गड़बड़ी होना बेहद चिंताजनक है। सीयूईटी जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में इस तरह की देरी लाखों छात्रों के भविष्य और उनकी मानसिक स्थिति के साथ खिलवाड़ है।

35 पालियों में हो रही है परीक्षा, 15 लाख से अधिक छात्र शामिल

इस साल आयोजित हो रही सीयूईटी-यूजी 2026 की यह मुख्य परीक्षा 11 मई से शुरू हुई है और इसका समापन 31 मई को होने जा रहा है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस पूरे एंट्रेंस टेस्ट के लिए देशभर से कुल 15,68,866 उम्मीदवारों ने अपना पंजीकरण कराया है। देश के विभिन्न राज्यों में इस विशाल परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए 21 दिनों की समयावधि के भीतर कुल 35 पालियों का निर्धारण किया गया है।

जानिए कौन से छात्र हैं इस राष्ट्रीय परीक्षा के योग्य

सीयूईटी-यूजी 2026 की परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए कुछ अनिवार्य शैक्षणिक योग्यताएं तय की गई हैं। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवार का किसी भी मान्यता प्राप्त प्रांतीय बोर्ड या केंद्रीय बोर्ड (जैसे सीबीएसई या आईसीएसई) से कक्षा 12वीं की परीक्षा पास होना बेहद जरूरी है। इसके अतिरिक्त, देश की किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या शिक्षा बोर्ड से इंटरमीडिएट अथवा 2 साल का प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स पास करने वाले छात्र भी इस प्रवेश परीक्षा के लिए पूरी तरह योग्य माने गए हैं। एनटीए के नियमों के अनुसार, जिन छात्रों ने हायर सेकेंडरी सर्टिफिकेट (वोकेशनल) परीक्षा पास की है, वे भी देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए सीयूईटी-यूजी में आवेदन करने के हकदार हैं।

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