Ujjain Vikram Udyogpuri

विक्रम उद्योगपुरी के निरीक्षण पर पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव : उज्जैन में 14500 से अधिक रोजगार सृजित करने का लक्ष्य

उज्जैन प्रादेशिक मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, उज्जैन। Ujjain Vikram Udyogpuri : 1960 से 1990 के दशकों में मध्य प्रदेश और मालवा क्षेत्र के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान रखने वाला धार्मिक नगर उज्जैन एक बार फिर से अपने पुराने गौरव को हासिल करने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। बीते कुछ दशकों में कपड़ा, सोयाबीन तेल, पाइप और सिंथेटिक फाइबर जैसी बड़ी फैक्ट्रियों के बंद होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ा था, लेकिन अब राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के चलते उज्जैन में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आ रहा है। विक्रम उद्योगपुरी लिमिटेड के माध्यम से देश और विदेश की कई प्रतिष्ठित कंपनियां यहां अपने नए संयंत्र स्थापित कर रही हैं। इससे न केवल अरबों रुपये का पूंजी निवेश राज्य में आ रहा है, बल्कि स्थानीय युवाओं और विशेष रूप से महिलाओं के लिए रोजगार के हजारों नए द्वार खुल रहे हैं।

ढाई वर्षों में 246 नई इकाइयों को भूमि आवंटन और 16150 करोड़ का पूंजी निवेश

उज्जैन जिले में औद्योगिक गतिविधियों को पुनर्जीवित करने के लिए जिला प्रशासन और मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम ने अभूतपूर्व गति से कार्य किया है। पिछले ढाई वर्षों के भीतर जिले में 246 नई औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 16150 करोड़ रुपये का विशाल पूंजी निवेश उज्जैन में प्रस्तावित है, जिससे 14500 से अधिक लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। लगभग 773 एकड़ में फैले विक्रम उद्योगपुरी में अब तक 94 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं, जबकि 360 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे मेडिकल डिवाइस पार्क में 74 औद्योगिक इकाइयों को भूमि सौंपी जा चुकी है, जहां 2894 करोड़ रुपये का निवेश होगा।

महिलाओं को रोजगार में प्राथमिकता और 50 करोड़ से अधिक की लागत से हॉस्टल का निर्माण

उज्जैन में स्थापित हो रही नई औद्योगिक इकाइयों में महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया जा रहा है। वस्त्र और परिधान क्षेत्र में मेसर्स बेस्ट लाइफ कॉर्पोरेशन और मेसर्स प्रतिभा स्वराज लिमिटेड जैसी कंपनियों द्वारा 315 करोड़ रुपये से अधिक का पूंजी निवेश किया गया है, जिसके माध्यम से मिलने वाले 5000 से अधिक नौकरियों में महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सुविधायुक्त माहौल देने के उद्देश्य से विक्रम उद्योगपुरी क्षेत्र में 50.05 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक वर्किंग वूमेन हॉस्टल का निर्माण कराया जा रहा है। 1500 कमरों का यह हॉस्टल महिलाओं को सम्मानजनक और सुरक्षित आवास सुविधा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया निरीक्षण और अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

उज्जैन के औद्योगिक विकास की समीक्षा करने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में विक्रम उद्योगपुरी क्षेत्र का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पेप्सिको के निर्माणाधीन संयंत्र और वर्किंग वूमेन हॉस्टल के निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि स्थानीय किसानों और ग्रामीणों को इन औद्योगिक इकाइयों में रोजगार देने में पहली प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्थानीय किसानों को ऐसी फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जाए जिनकी मांग इन फैक्ट्रियों में कच्चे माल के रूप में है, जिससे किसानों की आय में भी वृद्धि हो सके।

द्वितीय चरण के विकास के साथ आईटी पार्क और अन्य महानगरों में निवेश का विस्तार

उद्योगों की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए अब 488 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि पर विक्रम उद्योगपुरी के द्वितीय चरण को विकसित करने का काम शुरू कर दिया गया है। इस नए चरण में अल्केम लेबोरेट्रीज, अडानी समूह और वॉल्वो आयशर जैसी दिग्गज कंपनियों को भूमि आवंटित की जा चुकी है, जिनसे 4800 करोड़ रुपये का निवेश आएगा। इसके अलावा उज्जैन के शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने आईटी पार्क का पहला चरण भी पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार उज्जैन के साथ-साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में भी औद्योगिक निवेश बढ़ा रही है। हाल ही में ग्वालियर के लिए टेलीकॉम और दतिया में 11500 करोड़ रुपये के रक्षा उद्योग से जुड़े समझौते किए गए हैं।

इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :

प्रश्न 1: मध्य प्रदेश के किस धार्मिक शहर को अब एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है?

उत्तर: धार्मिक नगर उज्जैन को अब मध्य भारत का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाया जा रहा है।

प्रश्न 2: पिछले ढाई वर्षों में उज्जैन जिले में कितनी नई औद्योगिक इकाइयों को जमीन आवंटित की गई है?

उत्तर: जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 246 नई इकाइयों को भूमि आवंटित की गई है।

प्रश्न 3: इन नई औद्योगिक परियोजनाओं के माध्यम से उज्जैन में कितने रुपये का भारी निवेश आने की उम्मीद है?

उत्तर: इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में लगभग 16150 करोड़ रुपये का विशाल निवेश प्रस्तावित है।

प्रश्न 4: नई फैक्ट्रियों और उद्योगों से कितने लोगों को सीधा रोजगार मिलने का लक्ष्य रखा गया है?

उत्तर: इन उद्योगों के जरिए 14500 से अधिक स्थानीय युवाओं और लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

प्रश्न 5: विक्रम उद्योगपुरी में महिलाओं की सुविधा के लिए कौन सा विशेष निर्माण कार्य किया जा रहा है?

उत्तर: कामकाजी महिलाओं के लिए 50 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से एक बड़ा और सुरक्षित छात्रावास बनाया जा रहा है।

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