एजेंसी, झाबुआ। CM Mohan Yadav Jhabua Visit : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झाबुआ जिले के थांदला में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में क्षेत्र के लिए विकास की बड़ी सौगातों की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने ‘स्व-सहायता समूहों का क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम’ के दौरान प्रदेश भर की महिला समूहों को सिंगल क्लिक के माध्यम से 300 करोड़ रुपये का ऋण जारी किया। इसके साथ ही उन्होंने झाबुआ जिले में 174.64 करोड़ रुपये की लागत वाले 29 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया तथा 109.17 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए 28 विकास कार्यों का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को समर्पित किया।
प्राकृतिक खेती सेहत और आमदनी का सबसे अच्छा स्रोत है…
आज थांदला, जिला झाबुआ में विभिन्न जिले में प्राकृतिक खेती कर रहे उन्नतशील भाइयों एवं बहनों से संवाद किया। प्राकृतिक खेती से बढ़ती आय, नवाचार और प्राकृतिक कृषि तकनीकों पर उनके प्रयास प्रशंसनीय है।
प्राकृतिक खेती कम लागत के… pic.twitter.com/pWyJz8vEKl
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) July 31, 2026
महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
थांदला में जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्व-सहायता समूहों से जुड़कर प्रदेश की बहनें आर्थिक समृद्धि और सामाजिक सशक्तिकरण की नई मिसाल पेश कर रही हैं। राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर संभव सहयोग दे रही है, जिसके परिणामस्वरूप महिलाएं गैर-कृषि गतिविधियों, कैफे संचालन और आजीविका पुस्तकालयों के प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में लाड़ली बहनों को प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जा रही है और महिला कृषक बहनें आधुनिक कृषि तकनीकों तथा ड्रोन संचालन जैसे आधुनिक कार्यों को सफलतापूर्वक संभाल रही हैं।
कृषि, रोजगार और औद्योगिक विकास पर सरकार का विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि निमाड़ और मालवा अंचल में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने धार जिले में स्थापित हो रहे पीएम मित्र पार्क का उल्लेख करते हुए बताया कि इससे कपास उत्पादक किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और स्थानीय स्तर पर लगभग 3 लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के लिए अन्य राज्यों में पलायन करने की आवश्यकता नहीं होगी।
झाबुआ जिले के लिए नई बुनियादी सुविधाओं का ऐलान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने झाबुआ जिले की बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने 70 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय तथा 35.29 करोड़ रुपये की लागत के सांदीपनि विद्यालय का भूमि-पूजन किया। इसके साथ ही थांदला में स्थायी हेलीपैड निर्माण, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में खेल स्टेडियम के निर्माण और पद्मावती नदी पर पक्के घाटों के निर्माण की घोषणा की गई।
कानून व्यवस्था और जनजातीय कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता
राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए हर जिले में समर्पित महिला सुरक्षा डेस्क स्थापित किए जा रहे हैं और महिला अपराधों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने क्षेत्र में अवैध धर्मांतरण जैसी गतिविधियों पर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र से स्कूली विद्यार्थियों की गणवेश तैयार करने का कार्य भी स्व-सहायता समूहों की बहनों को सौंपा जाएगा ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।
इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :
प्रश्न 1: मुख्यमंत्री ने थांदला में स्व-सहायता समूहों के लिए कितनी राशि का ऋण जारी किया?
उत्तर: सीएम डॉ. मोहन यादव ने राज्य के स्व-सहायता समूहों को सिंगल क्लिक से 300 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया।
प्रश्न 2: झाबुआ जिले को कुल कितने विकास कार्यों की सौगात मिली?
उत्तर: मुख्यमंत्री ने 174.64 करोड़ रुपये के 29 कार्यों का भूमि-पूजन और 109.17 करोड़ रुपये के 28 कार्यों का लोकार्पण किया।
प्रश्न 3: झाबुआ में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में किन प्रमुख संस्थानों की घोषणा हुई?
उत्तर: 70 करोड़ रुपये की लागत से आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय और 35.29 करोड़ की लागत से सांदीपनि विद्यालय का भूमि-पूजन हुआ।
प्रश्न 4: धार जिले का ‘पीएम मित्र पार्क’ झाबुआ अंचल के लिए कैसे लाभदायक सिद्ध होगा?
उत्तर: इससे कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा और स्थानीय स्तर पर लगभग 3 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा, जिससे पलायन रुकेगा।
प्रश्न 5: स्व-सहायता समूहों की बहनों के लिए स्कूली शिक्षा से जुड़ी क्या नई घोषणा की गई?
उत्तर: आगामी वर्ष से स्कूली विद्यार्थियों के लिए कपड़े सिलने और गणवेश (यूनिफॉर्म) तैयार करने का काम स्व-सहायता समूहों की बहनों को दिया जाएगा।
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