एजेंसी, भोपाल। CM Mohan Yadav : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार, सात जून को उज्जैन जिले में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के भव्य समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में इंटरनेट के माध्यम से वर्चुअली शामिल हुए। इस पवित्र धार्मिक अवसर पर प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी महान भारतीय संस्कृति में श्रीमद् भागवत कथा का पुण्य और प्रताप सबसे ऊपर माना गया है। इस अलौकिक कथा को केवल सच्चे मन से सुनने मात्र से ही इंसान के जीवन के सभी दुःख-दर्द, कष्ट और परेशानियां पूरी तरह समाप्त हो जाती हैं। भागवत ज्ञान का श्रवण करने से न सिर्फ सुनने वाले का कल्याण होता है, बल्कि पूरे समाज और संसार में सुख-समृद्धि आती है। यह पवित्र कथा हर मनुष्य को आत्मिक शांति देने के साथ-साथ उसकी आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त करती है।
आज भोपाल निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उज्जैन जिले के ग्राम टंकारिया पंथ में आयोजित कथावाचक पूज्य श्री राकेश शर्मा जी ‘शास्त्री’ की सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के समापन समारोह में सहभागिता कर विचार साझा किए।
उज्जैन जिले के नारायणा गांव एवं धार जिले के अमका-झमका… pic.twitter.com/9k9r4PWti7
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) June 7, 2026
समाज को सही दिशा दिखाते हैं ऐसे धार्मिक आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की महत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की सनातन भूमि पर होने वाले ऐसे बड़े अनुष्ठान समाज को एक नई और सकारात्मक दिशा देने का काम करते हैं। इन आयोजनों से लोगों के दिलों में आपसी भाईचारा, सद्भाव और सदाचार की भावना मजबूत होती है। भागवत कथा हर व्यक्ति को धर्म के असली मर्म, सच्चाई और नैतिकता का पाठ पढ़ाती है। यह दिव्य ज्ञान का ऐसा अमृत है जो इंसान को स्वार्थ से ऊपर उठकर अपने कर्तव्यों को पूरा करने और मानव सेवा के मार्ग पर चलने की सबसे बड़ी प्रेरणा देता है।
कंस के कुशासन को खत्म कर स्थापित किया धर्म
भगवान श्रीकृष्ण के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जगत के पालनहार श्रीकृष्ण के आदर्शों और उनके अमूल्य संदेशों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में भागवत कथा एक सबसे पवित्र और सशक्त माध्यम है। भगवान श्रीकृष्ण का अपना पूरा जीवन संघर्षों और नाना प्रकार के घोर कष्टों से घिरा हुआ था, लेकिन उन्होंने कभी भी अधर्म का साथ नहीं दिया। उन्होंने अपने व्यक्तिगत दुखों की चिंता न करते हुए समाज को कंस के अत्याचारी और दमनकारी कुशासन से मुक्ति दिलाई और पृथ्वी पर धर्म की स्थापना की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे भगवान के जीवन से सीख लें और गीता के दिव्य उपदेशों को अपने व्यावहारिक जीवन में अवश्य उतारें।
मध्यप्रदेश में बनेंगे भव्य श्रीकृष्ण तीर्थ स्थल
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मंच से एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश की धरती पर जहां-जहां भी पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान श्रीकृष्ण के चरण पड़े हैं और जिन-जिन स्थानों पर उन्होंने अपनी अलौकिक लीलाएं की हैं, उन सभी पवित्र स्थानों को चिन्हित करके हमारी सरकार वहां भव्य श्रीकृष्ण तीर्थ स्थलों का निर्माण करने जा रही है। इसी योजना के अंतर्गत उज्जैन जिले के ऐतिहासिक नारायणा गांव और धार जिले में स्थित प्रसिद्ध अंका-झंका माताजी मंदिर परिसर को बेहद शानदार और भव्य श्रीकृष्ण तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु भगवान की लीलाओं से रूबरू हो सकें।
उज्जैन के ग्रामीणों के लिए पक्की सड़कों की सौगात
उज्जैन के टंकारा गांव में आयोजित इस सात दिवसीय ज्ञान यज्ञ के समापन पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय ग्रामीणों की बेहद पुरानी और महत्वपूर्ण मांगों को तुरंत मंजूरी दे दी। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए ग्राम टंकारिया पंथ से लेकर लेपड़ तक और इसी गांव से रानापुर फाटक तक सर्वसुविधायुक्त पक्की डामर सड़कों का निर्माण जल्द से जल्द कराया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय धर्मशाला में रुकने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए बड़े शेड निर्माण हेतु सरकारी कोष से एक विशेष राशि जारी करने की बात कही। ग्रामीण अर्थव्यवस्था और गोवंश की रक्षा के लिए उन्होंने क्षेत्र में एक आधुनिक गौशाला के निर्माण और उसके संचालन के लिए सरकार की तरफ से भारी अनुदान देने का भी ऐलान किया।
लाड़ली बहनों को राखी का शगुन और बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा
अपने संबोधन के आखिरी चरण में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की महिलाओं और बुजुर्गों को बड़ा भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि आने वाले रक्षाबंधन के पावन त्योहार पर भी हमारी सरकार प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों के बैंक खातों में शगुन के रूप में उपहार राशि जरूर भेजेगी, जैसा कि पहले से किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों और बुजुर्गों से वादा किया कि समाज के सभी पात्र और जरूरतमंद बुजुर्ग व्यक्तियों को सरकार अपने खर्च पर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा कराएगी।
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का हुआ विस्तार
मुख्यमंत्री ने उज्जैन के इस ग्रामीण क्षेत्र में सात दिनों तक चले इस सफल भागवत कथा आयोजन को समाज में आध्यात्मिक जागृति और मानवीय मूल्यों के प्रचार-प्रसार का एक बहुत ही उत्तम जरिया बताया। उन्होंने इस बड़े धार्मिक अनुष्ठान को सफ़ल बनाने के लिए आयोजन समिति के सभी कर्मठ सदस्यों, पूज्य संत समाज और दूर-दूर से आए सभी श्रद्धालुओं का दिल से आभार व्यक्त किया और उनका अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि आप सभी के सामूहिक और निस्वार्थ प्रयासों के कारण ही इस पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो गया है और लोगों के भीतर संस्कारों की एक नई चेतना का संचार हुआ है।
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