नरेंद्र के जन्मदिन पर मोहन का प्रण – सेवा ही एकमात्र ध्येय, पखवाड़ा शुरू

सत्ता के शीर्ष पर स्थापित नेताओं के जन्मदिन पर बड़ी-बड़ी पार्टियों का आयोजन, समारोहों के माध्यम से संबंधित पार्टियों के नेताओं कार्यकर्ताओं की मौज मस्ती एक आम परिपाटी रही है। देश आजाद होने से लेकर अभी तक जितनी भी सरकारें देखने को मिलीं, उनमें से अधिकांश समय तक सरकार में रहने वाली पार्टी भी इस […]

Continue Reading

दिग्भ्रम और अनिश्चितता न शासन के हित में है, न आम जनता के

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को मध्य प्रदेश दुग्ध संघ और सांची दुग्ध उत्पादन को लेकर अंतत: यह स्पष्ट करना ही पड़ा की सरकार कर्मचारियों अधिकारियों की छटनी करने नहीं जा रही है। न ही सांची को किसी अन्य प्रतिष्ठान में मर्ज करने की योजना है। अब सवाल यह उठता है कि मुख्यमंत्री […]

Continue Reading

केवल विरोध नहीं, सरकार के सही निर्णयों का समर्थन करना भी जरूरी

जैसे-जैसे हमारा स्वतंत्र भारत और उसका लोकतंत्र परिपक्व हो रहे हैं, वैसे-वैसे शासन और विपक्ष के बीच की वैमनस्यता लगातार बढ़ती चली जा रही है। हालत यह है कि शासन कुछ भी करे, इसका विरोध करना जैसे विपक्ष ने अपना उद्देश्य बना लिया है। फिर भले ही शासन द्वारा वह निर्णय जनता के हित में […]

Continue Reading

मध्य प्रदेश में महिलाओं की उमंगों में उत्साह के रंग भर रहीं लाड़ली बहिना जैसी अनेक योजनाएं

भारतीय संस्कारों में एक धारणा है कि यदि महिला अथवा लड़की शिक्षित होती है तो वो दो कुलों का उद्धार करने के लिए सामथ्र्यवान हो जाती है। लेकिन अब मध्य प्रदेश की सरकार ने इस अवधारणा को और अधिक व्यापक बनाने का काम किया है। वो ये कि शिक्षित होने के साथ साथ यदि महिला […]

Continue Reading

स्वयं स्तरहीन बयान देकर भाजपा से बेहतर की उम्मीद क्यों करते हैं दिग्विजय

माध्यमिक शिक्षा के दौरान गिरधर की कुंडलिया पढ़ने को मिलीं। उनमें एक दोहा था –बिना बेचारे जो करें सो पाछे से पछताय।काम बिगाड़े आपनो जग में होत हंसाय।।यह पंक्तियां मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पर भली भांति लागू होती हैं। वह इसलिए क्योंकि अक्सर देखने में आता है, […]

Continue Reading

स्वर्गीय पूनम चंद जी के संस्कारों ने गढ़ा डॉक्टर मोहन यादव का व्यक्तित्व

कहते हैं व्यक्ति अपने पूर्वजों के कृतित्व का प्रतिबिंब होता है। उसे जो संस्कार अपने बुजुर्गों अथवा पूर्वजों से मिले होते हैं, वह वैसा ही आचरण करता है। उसे देखकर वर्तमान समाज यह अनुमान लगा पाता है कि उसके पूर्वज अथवा अभिभावक कैसे रहे होंगे। यही बात मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव पर […]

Continue Reading

हृदय को व्यथित कर गया इस नन्हे मित्र का यूं अचानक चले जाना

डॉ राघवेंद्र शर्माप्रोजेरिया, एक ऐसी बीमारी जो अपने जटिल लक्षणों के चलते बेहद गंभीर किस्म की मानी जाती है। जैसा कि चिकित्सीय विशेषज्ञ बताते हैं – यह अनुवांशिक बीमारी भी हो सकती है। जो भी इस बीमारी की चपेट में आता है उसका शारीरिक विकास बुरी तरह अवरुद्ध हो जाता है। शरीर बाल अवस्था में […]

Continue Reading

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के सारगर्भित बयानों पर राजनीति उचित नहीं

प्रबुद्ध वर्ग में वैश्विक स्तर पर एक मान्यता स्थापित है। वह यह कि मैं आपके विचारों से भले ही सहमत ना रहूं, लेकिन आपके विचारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता कभी आहत न हो, यह प्रयास सदैव बना रहेगा। इस भावना का आशय यह है कि हमें केवल उन्हीं बातों अथवा विचारों को प्रोत्साहित नहीं करना […]

Continue Reading

औद्योगिक क्रांति की ओर…. अग्रसर भारत का हृदय प्रदेश

मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार एक के बाद एक जिस तरह के निर्णय ले रही है, उनसे अब यह स्पष्ट हो चला है कि यह प्रांत अब औद्योगिक क्रांति की ओर तेजी से बढ़ चला है। क्योंकि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस प्रदेश को उद्योग और रोजगार की […]

Continue Reading

भाजपा से जलो मत…. अपनी सक्रियता बढ़ाकर उसकी बराबरी करो

भारतीय जनता पार्टी, वर्ष 1980 से पहले जिसका राजनीतिक क्षितिज पर कहीं अस्तित्व तक नहीं था। वह पार्टी राजनीतिक क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी पार्टी कहलाई जाने लगी है। जबकि देश को आजादी दिलाने का दावा करने वाली भारत की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस का हाल यह है कि उसे अधिकांश राज्यों में […]

Continue Reading