Bhopal Kisan Andolan

भोपाल में किसान आंदोलन : सीएम मोहन यादव ने गठित की वार्ता समिति, मंत्रियों और किसान नेताओं के बीच बैठक शुरू

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एजेंसी, भोपाल। Bhopal Kisan Andolan News : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बीते दो दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों किसानों के आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के विशेष निर्देश पर सरकार ने किसानों से सीधी बातचीत करने के लिए वरिष्ठ मंत्रियों की एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद बुधवार शाम मंत्रालय में मंत्रियों की समिति और विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच औपचारिक वार्ता शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ने मीडिया से चर्चा करते हुए स्पष्ट कहा कि सरकार किसानों के हर सकारात्मक सुझाव का स्वागत करती है और उनकी व्यावहारिक समस्याओं का हल निकालने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं, लेकिन आंदोलन के कारण आम जनता को कोई असुविधा न हो, इसकी चिंता करना भी सभी पक्षों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

6 घंटे तक थमा रहा यातायात और बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़े प्रदर्शनकारी

उल्लेखनीय है कि नर्मदापुरम, हरदा, टिमरनी, नरसिंहपुर और बैतूल जैसे विभिन्न जिलों से आए लगभग दो हजार से अधिक किसान मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले थे। प्रशासन द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ते हुए किसान सावरकर सेतु और एम्प्री तिराहे तक पहुंच गए, जहां पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस प्रदर्शन के कारण होशंगाबाद रोड सहित शहर के प्रमुख मार्गों पर करीब 6 घंटे तक भीषण ट्रैफिक जाम लगा रहा, जिससे लगभग 150 कॉलोनियों के रहवासियों और आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। किसान अपने साथ करीब एक सप्ताह का राशन लेकर आए हैं और सड़क पर ही खाना बनाकर एम्प्री तिराहे के पास डटे हुए हैं।

10 साल तक की जेल और भारी आर्थिक दंड जैसे कठोर प्रावधानों के बीच मांगों पर अड़े किसान

मंत्रालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में सरकार की ओर से कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और राज्य मंत्री कृष्णा गौर किसान प्रतिनिधियों से निरंतर संवाद कर रहे हैं। इस बैठक में भारतीय किसान संघ, किसान स्वराज संगठन, राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ और आम किसान यूनियन समेत कई प्रमुख संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं। किसान नेताओं ने सरकार के सामने मुख्य रूप से मूंग की पूरी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने और खाद वितरण के लिए लागू ई-टोकन प्रणाली के सर्वर में आ रही तकनीकी खामियों को तुरंत दूर करने की मांग रखी है। किसान नेताओं का कहना है कि प्रति एकड़ खरीदी की सीमा बहुत कम तय की गई है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

मांगे न मानने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन और चक्काजाम की चेतावनी

बैठक से पूर्व किसान प्रतिनिधियों और भारतीय किसान मजदूर महासंघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो इस आंदोलन को पूरे मध्य प्रदेश में फैलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन के अगले चरण के तहत रीवा संभाग के चाकघाट में मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया जाएगा और उसके बाद राज्य के अन्य हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन तेज किया जाएगा। फिलहाल सभी की निगाहें मंत्रालय में चल रही मंत्रियों और किसान नेताओं की इस अहम बैठक पर टिकी हुई हैं, और उम्मीद जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री के भोपाल पहुंचते ही बातचीत के नतीजों पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।

इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :

प्रश्न: मध्य प्रदेश के किसान किन मुख्य मांगों को लेकर भोपाल में आंदोलन कर रहे हैं?

उत्तर: किसान मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी और खाद वितरण के लिए लागू ई-टोकन व्यवस्था की कमियों को दूर करने की मांग कर रहे हैं।

प्रश्न: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्थिति को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाया है?

उत्तर: सीएम ने किसानों से सीधी चर्चा और समाधान के लिए वरिष्ठ मंत्रियों (कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना, विश्वास सारंग, कृष्णा गौर) की समिति बनाई है।

प्रश्न: किसान आंदोलन के कारण भोपाल शहर की यातायात व्यवस्था पर क्या असर पड़ा?

उत्तर: बैरिकेड्स टूटने और सड़कों पर जाम से होशंगाबाद रोड समेत 150 कॉलोनियां प्रभावित हुईं और लगभग 6 घंटे तक भीषण जाम लगा रहा।

प्रश्न: किसान भोपाल में किस स्थान पर डटे हुए हैं और उनकी क्या तैयारी है?

उत्तर: किसान एम्प्री तिराहे और सावरकर सेतु के पास बेरिकेड्स के पास डटे हैं और अपने साथ एक सप्ताह का राशन लेकर आए हैं।

प्रश्न: समाधान न होने पर किसान संगठनों ने क्या चेतावनी दी है?

उत्तर: किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि मांगे न मानने पर रीवा के चाकघाट में चक्काजाम कर आंदोलन को पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।

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