एजेंसी, चंडीगढ़। Bhagwant Mann PM Modi : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपीलों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एक तरफ आम लोगों से विदेश यात्राएं टालने, सोना खरीदने से बचने और खर्च कम करने की सलाह दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री स्वयं कई देशों के दौरे पर निकले हुए हैं। मान ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और कहा कि जनता पर लगातार बोझ डाला जा रहा है।
#WATCH | Chandigarh: On PM’s appeal to save fuel, Punjab CM Bhagwant Mann says, “First and foremost, the Prime Minister should avoid his foreign tours. Where is he right now? He has gone to the Netherlands; he is visiting three or four countries. He appeals to the people not to… pic.twitter.com/umqvkTWXUg
— ANI (@ANI) May 16, 2026
विदेश यात्राओं को लेकर केंद्र सरकार पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि यदि देश आर्थिक दबाव और वैश्विक संकट का सामना कर रहा है तो सबसे पहले सत्ता में बैठे लोगों को उदाहरण पेश करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री लोगों से विदेश यात्रा नहीं करने की बात कह रहे हैं, लेकिन खुद कई देशों के दौरे पर निकल गए हैं। मान ने कहा कि आम नागरिकों को हर मोर्चे पर बचत करने की सलाह दी जा रही है। लोगों से कहा जा रहा है कि वे घर से काम करें, कार साझा करें, कम ईंधन खर्च करें और अनावश्यक खरीदारी से बचें। लेकिन सरकार के शीर्ष नेता स्वयं इन बातों का पालन करते नजर नहीं आ रहे।
“प्रधानमंत्री खुद घर से काम क्यों नहीं करते?”
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब लोगों को घर से काम करने की सलाह दी जा रही है तो प्रधानमंत्री खुद ऐसा क्यों नहीं करते। उन्होंने कहा कि जनता पर लगातार नई-नई पाबंदियां लगाने की कोशिश की जा रही है जबकि असली जिम्मेदारी सरकार की होती है कि वह हालात संभाले और लोगों को राहत दे। भगवंत मान ने कहा कि देश की जनता पहले ही महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ती लागत से परेशान है। ऐसे समय में सरकार की ओर से आने वाली अपीलें लोगों को राहत देने के बजाय दबाव बढ़ाने वाली दिखाई दे रही हैं।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर भी घेरा
मुख्यमंत्री ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर सीधे आम जनता पर डाला जा रहा है। मान ने सवाल उठाया कि दुनिया के दूसरे देशों में युद्ध या संकट होने पर भारत में आम लोगों पर इतना बोझ क्यों डाला जाता है। उन्होंने कहा कि देश को “विश्वगुरु” बनाने की बातें की जाती हैं, लेकिन हालात ऐसे हो गए हैं कि भारत दूसरों के फैसलों से प्रभावित होकर कदम उठाने को मजबूर दिखाई दे रहा है। उनके मुताबिक जनता को राहत देने के बजाय सरकार लगातार नई चुनौतियां खड़ी कर रही है।
पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार की अपील
दरअसल पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से ईंधन की बचत करने और गैरजरूरी विदेश यात्राएं टालने की अपील की थी। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल, मेट्रो सेवाओं को अपनाने और कार साझा करने जैसी बातों पर जोर दिया गया था। सरकार का मानना है कि इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और बढ़ते आर्थिक दबाव को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। हालांकि विपक्षी दल इस मुद्दे पर लगातार केंद्र सरकार को घेर रहे हैं।
चार साल बाद ईंधन कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी
बढ़ती वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों के चलते पेट्रोल और डीजल के दामों में हाल ही में 3 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है। बताया जा रहा है कि लंबे समय बाद ईंधन की कीमतों में इतनी बड़ी वृद्धि देखने को मिली है। इसका असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। परिवहन खर्च बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भी इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है।
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