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अदालती कार्यवाही की रिकॉर्डिंग वायरल करने पर घिरे केजरीवाल : दिल्ली हाईकोर्ट का सख्त रुख, वीडियो हटाने के निर्देश

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। Arvind Kejriwal News : दिल्ली हाईकोर्ट ने अदालत की कार्यवाही को बिना अनुमति रिकॉर्ड करने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नोटिस जारी किया है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने इस कृत्य को नियमों का उल्लंघन माना है और इंटरनेट से ऐसे सभी लिंक हटाने का आदेश दिया है।

कोर्ट की मर्यादा का उल्लंघन और याचिकाकर्ता के आरोप

अधिवक्ता वैभव सिंह द्वारा दायर इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि 13 अप्रैल को हुई सुनवाई की रिकॉर्डिंग बिना किसी अधिकार के की गई और उसे तोड़-मरोड़कर सोशल मीडिया पर फैलाया गया। याचिकाकर्ता के अनुसार, वीडियो को एडिट करके पेश किया गया जिससे न्यायपालिका की छवि को नुकसान पहुँचा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि ऐसी गतिविधियों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह भविष्य के लिए एक गलत मिसाल बन जाएगी। हाईकोर्ट ने इस मामले में केजरीवाल के साथ-साथ मनीष सिसोदिया और पत्रकार रवीश कुमार को भी नोटिस थमाया है।

तकनीकी दिग्गज और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की दलीलें

सुनवाई के दौरान गूगल और मेटा (फेसबुक) की ओर से पेश वकीलों ने बताया कि आपत्तिजनक पाए गए अधिकांश लिंक पहले ही हटा दिए गए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी तर्क दिया कि किसी भी सामग्री को पूरी तरह से ऑटोमैटिक तरीके से ब्लॉक करना या सबसे पहले अपलोड करने वाले की पहचान करना तकनीकी रूप से काफी जटिल है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत प्लेटफॉर्म्स को ऐसी गैर-कानूनी सामग्री को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

जज को बदलने की मांग और कानूनी पेच

यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब अरविंद केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने जस्टिस स्वर्णकांता को केस से हटाने के लिए अर्जी दाखिल की थी। दरअसल, शराब नीति से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में निचली अदालत ने आरोपियों को बरी कर दिया था, जिसे सीबीआई ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। जस्टिस स्वर्णकांता इस मामले की सुनवाई कर रही हैं। आरोपियों का तर्क है कि जज की कुछ प्रारंभिक टिप्पणियां उनके पक्ष में नहीं थीं, इसलिए वे सुनवाई के लिए किसी अन्य बेंच की मांग कर रहे हैं।

आबकारी नीति और अब तक का घटनाक्रम

उल्लेखनीय है कि दिल्ली की विवादास्पद आबकारी नीति 2021 को लेकर सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भ्रष्टाचार की जांच कर रहे हैं। इस मामले में अरविंद केजरीवाल को 156 दिन और मनीष सिसोदिया को 530 दिन जेल में बिताने पड़े थे। हाईकोर्ट ने अब इस याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 6 जुलाई की तारीख तय की है और सूचना मंत्रालय को भी इस मामले में पक्षकार बनाया है।

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