एजेंसी, मुंबई। Anil Ambani RCom Case : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अधिकारियों की पहचान डी. विश्वनाथ और अनिल काल्या के रूप में हुई है। यह कार्रवाई भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की उस शिकायत के आधार पर की गई है, जिसमें कंपनी पर बैंकिंग सुविधाओं का दुरुपयोग और धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है। इस धोखाधड़ी के कारण अकेले एसबीआई को 2929.05 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान झेलना पड़ा है।
STORY | Court sends former executives of Reliance Group to judicial custody till May 2
A Delhi court on Monday sent two former senior executives of Reliance Anil Ambani Group (RAAG), Amitabh Jhunjhunwala and Amit Bapna, to judicial custody till May 2 in an alleged bank loan… pic.twitter.com/Kz74E3fXyg
— Press Trust of India (@PTI_News) April 20, 2026
शेल कंपनियों के जरिए हजारों करोड़ का हेरफेर
जांच एजेंसी के अनुसार, इस घोटाले की जड़ें बहुत गहरी हैं। एसबीआई की शिकायत के मुताबिक, कंपनी की धोखाधड़ी से कुल 17 बैंकों को 19,694.33 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है। जांच में खुलासा हुआ है कि कंपनी के अधिकारियों ने कई फर्जी (शेल) कंपनियां बना रखी थीं। बैंकों से प्राप्त ऋण की राशि को सेवाओं के नाम पर फर्जी लेन-देन दिखाकर इन शेल कंपनियों के खातों में भेज दिया गया। इस तरह बैंक से मिले फंड का गलत इस्तेमाल कर बड़ी राशि की हेराफेरी की गई।
गिरफ्तार अधिकारियों की भूमिका
गिरफ्तार किए गए डी. विश्वनाथ कंपनी में बैंकिंग ऑपरेशंस के संयुक्त अध्यक्ष के पद पर तैनात थे। सीबीआई का दावा है कि उनके ही दिशा-निर्देशों पर बैंकों से मिलने वाले फंड का दुरुपयोग किया गया। वे बैंकों के साथ सीधे संपर्क में थे और ऋण वितरण की पूरी प्रक्रिया को संभाल रहे थे। वहीं, अनिल काल्या ने कॉर्पोरेट फाइनेंस और भुगतान संबंधी कार्यों में उनका पूरा साथ दिया। ये दोनों अधिकारी मिलकर कंपनी के बैंकिंग ऑपरेशंस और वित्तीय कामकाज देख रहे थे। सीबीआई अब इन्हें अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए हिरासत की मांग करेगी।
अनिल अंबानी से भी हो चुकी है पूछताछ
सीबीआई इस मामले में बेहद सक्रिय है और पिछले कुछ महीनों में रिलायंस कम्युनिकेशंस के खिलाफ कुल सात मामले दर्ज किए जा चुके हैं। ये शिकायतें विभिन्न सरकारी बैंकों और एलआईसी द्वारा दर्ज कराई गई हैं। आरोप है कि कंपनी ने व्यवसाय चलाने के नाम पर जो हजारों करोड़ रुपये लिए, उन्हें सुनियोजित तरीके से दूसरी कंपनियों में स्थानांतरित कर दिया गया। इसी जांच के सिलसिले में सीबीआई पूर्व में अनिल अंबानी से भी व्यक्तिगत रूप से सवाल-जवाब कर चुकी है। फिलहाल एजेंसी इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
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